डॉ.विक्रम सिंह नेगी को मिला विश्वस्तरीय सम्मान-गढ़वाल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक विश्वभर के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में शामिल

श्रीनगर गढ़वाल। गढ़वाल विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है कि विश्वविद्यालय के वनस्पति विभाग बीजीआर परिसर से जुड़े वैज्ञानिक डॉ.विक्रम सिंह नेगी का नाम विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है। यह सूची प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी,कैलिफोर्निया,अमेरिका द्वारा जारी की गई है। वर्ष 2025 के लिए घोषित इस सूची में शामिल होना डॉ.नेगी और विश्वविद्यालय दोनों के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। चमोली जनपद के एक छोटे से गांव नारायणबगड़ के मूल निवासी डॉ.विक्रम सिंह नेगी ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय चमोली से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने गढ़वाल विश्वविद्यालय से स्नातक,स्नातकोत्तर और पीएचडी की पढ़ाई पूरी की। आज वे अपनी मेहनत और लगन से वैश्विक वैज्ञानिक जगत में पहचान बना चुके हैं। अनुसंधान और योगदान वर्ष 2024 में एचौएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में सहायक आचार्य पद पर कार्यरत डॉ.नेगी ने अब तक 174 शोध प्रकाशन किए हैं। इनमें 105 शोध पत्र,29 पुस्तक अध्याय,12 शोध एवं प्रशिक्षण मैनुअल,26 समीक्षात्मक लेख तथा 2 पुस्तकें शामिल हैं। डॉ.नेगी ने 7 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध परियोजनाओं का नेतृत्व किया है और हिमालयी पारिस्थितिकी के संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जैव विविधता संरक्षण,औषधीय पौधों की खेती एवं प्रबंधन,पर्यावरण शिक्षा एवं संरक्षण,पारिस्थितिकी एवं जैव संसाधन प्रबंधन उनके मुख्य शोध क्षेत्र रहे हैं। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान डॉ.नेगी को भारतीय वनस्पति कांग्रेस से सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतिकरण पुरस्कार (2019) मिल चुका है। उन्हें चीनी विज्ञान अकादमी (2014) से फेलोशिप प्राप्त हुई। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग,नई दिल्ली द्वारा इंस्पायर ट्रैक यंग साइंटिस्ट अवार्ड (2013) से सम्मानित किया गया। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) का युवा वैज्ञानिक पुरस्कार (2012) भी उन्हें प्राप्त हुआ। डॉ.नेगी अपने मार्गदर्शक डॉ.आर.के.मैन्दोला,स्व.डॉ.रणवीर रावत तथा डॉ.एस.डी.बन हत्यार को अपनी सफलता का श्रेय देते हैं। साथ ही उन्होंने कुलपति प्रो.एन.एस.भंडारी,कुलसचिव प्रो.एस.पी.सिंह और बी.जी.आर.परिसर निदेशक प्रो.पी.डी.थपलियाल के निरंतर सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया। वे अपने पिता,माता और बड़े भाई महिपाल सिंह नेगी के योगदान को भी अपनी उपलब्धियों का आधार मानते हैं। गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एन.एस.भंडारी ने डॉ.नेगी को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि विश्वस्तरीय सूची में हमारे विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक का नाम आना हम सभी के लिए गर्व का विषय है। यह न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे उत्तराखंड की प्रतिष्ठा को बढ़ाने वाला क्षण है। विश्वभर के शीर्ष वैज्ञानिकों की सूची में शामिल होना डॉ.विक्रम सिंह नेगी की वर्षों की मेहनत,शोध और समर्पण का परिणाम है। उनका यह सम्मान गढ़वाल विश्वविद्यालय उत्तराखंड और भारत के लिए गर्व का विषय है।