विश्व रेबीज दिवस पर पौड़ी ब्लॉक में छात्रों में जागरूकता फैलाने का अभियान

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर आज 27 सितम्बर 2025 को पौड़ी ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर निसणी में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और स्थानीय लोगों में रेबीज बीमारी के प्रति जानकारी और सतर्कता फैलाना था। कार्यक्रम में लीलावती राजकीय इंटर कॉलेज निसणी के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मुख्य वक्ता चिकित्साधिकारी डॉ.पुनीत भट्ट ने उपस्थितों को विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि रेबीज एक गंभीर और लाइलाज बीमारी है,जो संक्रमित कुत्तों और अन्य जानवरों के काटने पर उनकी लार के माध्यम से फैलती है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी जानवरों के काटने के 10 से 20 साल के अन्तराल में कभी भी प्रकट हो सकती है,इसलिए सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। डॉ.भट्ट ने कहा कि किसी भी जानवर के काटने पर घरेलू उपचार जैसे हल्दी या मिर्च लगाना,पट्टी टांके आदि करना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घाव को तुरंत साबुन और पानी से धोना,एंटीसैप्टिक का प्रयोग करना और नजदीकी चिकित्सालय में जाकर चिकित्सक की सलाह पर टीका लगवाना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि घर में पालतू कुत्तों और अन्य जानवरों का समय पर टीकाकरण कराना आवश्यक है,और यह टीके सभी सरकारी चिकित्सालयों में उपलब्ध हैं। डॉ.भट्ट ने आशा कार्यकत्रियों और एएनएम को अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को रेबीज से संबंधित जानकारी साझा करने हेतु प्रेरित किया। जिलेभर में जागरूकता अभियान-मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला ने बताया कि विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर जनपद के सभी विकास खंडों में समस्त चिकित्सा इकाइयों के साथ विभिन्न विद्यालयों में भी छात्रों और आम जनता को सचेत करने के लिए जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई हैं। कार्यक्रम में सीएचओ प्रेरणा,एएनएम अनीता रावत तथा छात्र छात्राओं में रीतिका,ममता भंडारी,नेहा सहित अन्य उपस्थित रहे। डॉ.भट्ट और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि समय पर टीकाकरण,सुरक्षा और सावधानी ही रेबीज से सुरक्षा की सबसे प्रभावी उपाय हैं,और इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम स्थानीय समुदाय को रोगमुक्त रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।