गढ़वाल विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य शिविर-201 से अधिक छात्र-छात्राओं व कर्मचारियों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण

श्रीनगर गढ़वाल। जनजागरूकता और स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजकीय उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर की ओर से बुधवार को गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर में एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 201 से अधिक छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों ने पहुंचकर न केवल अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया बल्कि विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श भी लिया। इस दौरान सभी लाभार्थियों को निःशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। शिविर का शुभारंभ गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.राकेश ढोड़ी एवं डीएसडब्ल्यू प्रो.ओ.पी.गुंसाई ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर उन्होंने राजकीय उप जिला चिकित्सालय की चिकित्सक टीम का आभार प्रकट करते हुए कहा कि ऐसे शिविर न केवल छात्रों और कर्मचारियों को लाभ पहुंचाते हैं,बल्कि आम जनमानस में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाते हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.विमल गुसाई ने बताया कि शिविर में उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के 15,मधुमेह (डायबिटीज) के 7,दंत रोग के 15 मामले सामने आए। इसके अलावा ब्लड शुगर की 33 और हीमोग्लोबिन की 67 जांचें की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के दिशा-निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उनके पास ही उपलब्ध हो सकें। शिविर में मरीजों का परीक्षण करने और परामर्श देने वाले चिकित्सकों में डॉ.विमल गुसाई,डॉ.रचित गर्ग,डॉ.दिग्पाल दत्त,डॉ.सौरभ,डॉ.मोहित,डॉ.मारिषा पंवार गर्ग,डॉ.नितीश,डॉ.प्ररेणा और डॉ.नैथानी एचएनबी मेडिकल ऑफिसर शामिल रहे। इनके साथ फार्मासिस्ट दीपक राणा,फार्मासिस्ट रविंद्र भारद्वाज,ऑप्टोमेट्रिस्ट जे.पी.वर्मा,यशपाल चौधरी,अनिल कनियाल और राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम काउंसलर मनमोहन सिंह ने भी अपनी सेवाएं प्रदान कीं। शिविर के दौरान छात्रों एवं कर्मचारियों को नियमित स्वास्थ्य जांच की महत्ता के बारे में जागरूक किया गया। इस अवसर पर डॉ.मारिषा पंवार ने सभी उपस्थितों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और मरीजों की देखभाल हेतु शपथ भी दिलाई। विश्वविद्यालय परिवार और स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए ताकि आम जनता को समय पर रोगों की जानकारी मिल सके और उपचार उपलब्ध हो सके।