बीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज में वार्षिक उत्सव का भव्य आगाज-प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने किया शुभारंभ

श्रीनगर गढ़वाल। बीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय श्रीनगर में छात्र-छात्राओं की रचनात्मकता,उमंग और प्रतिभा का अद्भुत संगम देखने को मिला,जब वार्षिक महोत्सव जील-2025 का रंगारंग शुभारंभ हुआ। कॉलेज परिसर सुबह से ही उत्साह और उल्लास से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने संकाय सदस्यों के साथ पारंपरिक मशाल प्रज्वलन से किया। इसके उपरांत मां सरस्वती मंदिर में दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ विविध प्रतियोगिताओं का शुभारंभ हुआ। डॉ.सयाना ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जील केवल एक वार्षिक उत्सव नहीं,बल्कि यह हमारे मेडिकल छात्रों की ऊर्जा,सृजनशीलता और टीम भावना का उत्सव है। मेडिकल शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं,बल्कि खेल,सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियां भी व्यक्तित्व विकास का अभिन्न हिस्सा हैं। मुझे विश्वास है कि यह आयोजन छात्रों में आत्मविश्वास,नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जुड़ाव की नई प्रेरणा जगाएगा। उत्सव की शुरुआत एक दिलचस्प क्रिकेट मुकाबले से हुई,जिसमें महिला फैकल्टी और पुरुष फैकल्टी के बीच शानदार खेल देखने को मिला। रोमांचक मुकाबले में महिला फैकल्टी की टीम ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की,जिससे पूरे परिसर में तालियों की गूंज सुनाई दी। आठ अक्तूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय महोत्सव में छात्रों की बहुआयामी प्रतिभाओं का प्रदर्शन होगा। इसमें खेलकूद प्रतियोगिताएं,सांस्कृतिक प्रस्तुतियां,नृत्य-संगीत,क्विज,पोस्टर मेकिंग,मिस्टर एवं मिस जील जैसी कई आकर्षक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। कॉलेज के हर कोने में तैयारी और जोश की लहर देखी जा रही है। प्राचार्य डॉ.सयाना ने कहा कि जील की हर प्रस्तुति हमारे कॉलेज की सकारात्मक सोच,अनुशासन और उत्कृष्टता की पहचान है। यह आयोजन छात्रों के मनोबल को नई दिशा देने के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा के मानवीय पक्ष को भी उजागर करता है। पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ.अजेय विक्रम सिंह,वित्त नियंत्रक प्रशांत कुमार तथा वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ.सतीश कुमार,डॉ.किंगसुंग लोहान,डॉ.दीपा हटवाल,डॉ.जय कुमार,डॉ.विक्की बख्सी,डॉ.कैलाश गैरोला,डॉ.सुरेन्द्र सिंह,डॉ.मोहित कुमार,डॉ.मोहिन सैनी,डॉ.पवन बट्ट,डॉ.नियति ऐरेन,डॉ.हरप्रीत सिंह सहित अनेक शिक्षकों ने उत्सव में प्रतिभाग किया और छात्रों को प्रोत्साहित किया। छात्रों की उमंग से गूंजा बीसीएसजीएमसी परिसर कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था रंग-बिरंगे परिधानों में सजे छात्र-छात्राएं,संगीत की धुन पर थिरकते कदम और हर चेहरे पर सफलता की चमक। जील-2025’ ने न केवल शिक्षा के साथ मनोरंजन का सुंदर समन्वय स्थापित किया,बल्कि यह संदेश भी दिया कि चिकित्सा सेवा के साथ मानवीय संवेदनाएं और सांस्कृतिक समरसता ही सच्ची चिकित्सा का मूल भाव हैं। जील जैसे आयोजन किसी भी मेडिकल कॉलेज की धड़कन होते हैं। ये केवल मनोरंजन का मंच नहीं,बल्कि अनुशासन,सहयोग और आत्मविश्वास का पाठ पढ़ाते हैं। डॉक्टर बनने की कठिन यात्रा के बीच ऐसे आयोजन छात्रों को नई ऊर्जा और संतुलन प्रदान करते हैं। वरिष्ठ संकाय सदस्य जील-2025’ का यह उत्सव बीसीएसजीएमसी के इतिहास में रचनात्मकता,सौहार्द और नवाचार की मिसाल बनकर दर्ज होगा।