आत्मनिर्भर भारत की राह पर उत्तराखण्ड–महेंद्र भट्ट

गढ़वाल। श्रीनगर के आवास विकास मैदान में चल रहे सहकारिता मेले के दौरान आयोजित आत्मनिर्भर भारत एवं जीएसटी बचत उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की नई परिभाषा लिख रहा है। देश का हर नागरिक अब वोकल फॉर लोकल की भावना से जुड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में सहकारिता आंदोलन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना ही वास्तविक आत्मनिर्भरता की दिशा है। कृषि,बागवानी,दुग्ध उत्पादन,मधुमक्खी पालन और मिलेट मिशन जैसी योजनाएं गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही हैं। भट्ट ने कहा कि जीएसटी प्रणाली ने देशभर में कर व्यवस्था को सरल,पारदर्शी और एकीकृत बनाया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी केवल कर नहीं,बल्कि विकास की रीढ़ बन चुका है। इससे सरकारी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाना आसान हुआ है और जनता को सुविधा मिली है। प्रदेश अध्यक्ष ने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्टार्टअप इंडिया,स्किल इंडिया,डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों से जुड़कर अपने कौशल और प्रतिभा को स्वरोजगार में बदलें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का लक्ष्य हर हाथ को हुनर और हर घर को रोजगार देना है, और इसी दिशा में केंद्र व राज्य सरकारें निरंतर प्रयासरत हैं। कार्यक्रम में सहकारिता विभाग,कृषि विभाग,महिला स्वयं सहायता समूहों,उद्यमियों और व्यापारिक संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। मंच पर वक्ताओं ने कहा कि धामी सरकार की योजनाएं गांव-गांव में आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रही हैं। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक एवं राज्य के शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने भी सहभागिता करते हुए कहा कि सहकारिता की भावना ही सबका साथ-सबका विकास का वास्तविक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर का यह मेला सहकारिता,स्वरोजगार और नवाचार का उत्सव बनकर उभरा है। अंत में सभी उपस्थित जनों ने वोकल फॉर लोकल-आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया और सहकारिता के माध्यम से गांवों की आर्थिक उन्नति के लिए सामूहिक प्रयास करने की प्रतिज्ञा दोहराई। विशेष आकर्षण-मेले में स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी,हस्तशिल्प स्टॉल,महिला समूहों की प्रस्तुतियां,जीएसटी जागरूकता शिविर और किसानों की तकनीकी जानकारी केंद्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।