हर अनसुनी आवाज को मिलेगा मंच-महिला स्वास्थ्य कर्मी संघ में सचिव बनीं रानीता विश्वकर्मा,मातृशक्ति के अधिकारों की बुलंद आवाज बनने का संकल्प

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड महिला स्वास्थ्य कर्मी सेवा संघ (संयोजक मंडल) में सचिव पद पर निर्वाचित होने के बाद रानीता विश्वकर्मा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब संगठन केवल औपचारिक मंच बनकर नहीं रहेगा,बल्कि हर जरूरतमंद महिला की आवाज़ को ताकत देने वाला मजबूत माध्यम बनेगा। नव निर्वाचित सचिव ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि वे क्षेत्र की सभी माताओं-बहनों की समस्याओं के समाधान के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं और उनकी प्राथमिकता जमीनी स्तर पर समस्याओं को समझकर ठोस समाधान दिलाना होगी। महिलाओं की आवाज को मिलेगा सम्मान और समाधान-रानीता विश्वकर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों सहित आम महिलाओं को कई बार अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करना पड़ता है,लेकिन अब संगठन उनकी आवाज को सीधे प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएगा। हम हर उस महिला के साथ खड़े हैं,जिसकी आवाज अब तक अनसुनी रही है,उन्होंने दृढ़ता से कहा। उन्होंने बताया कि संगठन आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार,कार्यस्थल की सुरक्षा,सामाजिक सम्मान और महिला अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्राथमिकता से कार्य करेगा। इसके साथ ही महिलाओं को जागरूक कर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने के लिए भी अभियान चलाए जाएंगे। एकजुटता का आह्वान
रानीता विश्वकर्मा ने सभी महिलाओं से अपील की कि वे संगठन से जुड़कर अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखें और एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि एकजुट मातृशक्ति ही बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है। इस अवसर पर मंजू नेगी,मनीषा,सरीता,पूजा नेगी,हेमंती,रिंकी,मंजू असवाल,चंद्रिका,अनिता बिष्ट,अनिता,सरिता मेहर,रंजना सहित अनेक महिलाओं ने रानीता विश्वकर्मा को बधाई देते हुए उनके सफल और प्रभावी कार्यकाल की कामना की। महिला स्वास्थ्य कर्मी सेवा संघ में यह नई जिम्मेदारी केवल एक पद नहीं,बल्कि महिलाओं के अधिकारों की मजबूत पैरवी और उनके सशक्तिकरण की दिशा में निर्णायक कदम साबित होती दिख रही है। रानीता विश्वकर्मा के नेतृत्व में संगठन के सक्रिय और प्रभावी होने की उम्मीदें अब और बढ़ गई हैं।
