महिला आरक्षण पर सियासत गरम-बिल अटकने पर विपक्ष के जश्न को रुचि भट्ट ने बताया महिलाओं के अधिकारों का अपमान

श्रीनगर गढ़वाल। महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने श्रीनगर में आयोजित प्रेस वार्ता में विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं को नीति निर्धारण में भागीदारी देने के उद्देश्य से लाया गया 33 प्रतिशत आरक्षण विधेयक विपक्ष और उसके सहयोगी दलों की वजह से पारित नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल पास न होने के बाद विपक्ष द्वारा खुशी मनाना यह दर्शाता है कि उनकी राजनीति महिलाओं के अधिकारों के प्रति संवेदनशील नहीं,बल्कि केवल स्वार्थ और सत्ता तक सीमित है। रुचि भट्ट ने कहा कि यह विधेयक देश की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक अवसर था,जिससे उन्हें नेतृत्व और नीति निर्माण में मजबूत भागीदारी मिलती। लेकिन विपक्ष ने इसे रोककर महिलाओं के सपनों पर चोट पहुंचाई है। देश की महिलाएं इसे स्वर्णिम दिवस के रूप में देख रही थीं,लेकिन विपक्ष ने इसे काला दिवस बना दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को मिले अवसरों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज महिलाएं देश के सर्वोच्च पदों पर आसीन होकर अपनी क्षमता का लोहा मनवा रही हैं। राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तक,महिलाओं ने हर क्षेत्र में नेतृत्व की नई मिसाल कायम की है। महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि बिल पास न होने देने वालों के खिलाफ प्रदेशभर की महिलाओं में भारी आक्रोश है। इसी के तहत 24 अप्रैल को देहरादून में प्रदेश स्तरीय आक्रोश रैली 25,26,27 अप्रैल को जिला स्तर पर प्रदर्शन और 28,29,30 अप्रैल को मंडल स्तर पर रैलियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपने अधिकारों के लिए एकजुट आवाज बुलंद करें। प्रेस वार्ता में प्रदेश महिला मोर्चा कार्यालय प्रभारी बबली चौहान,जिला अध्यक्ष प्रमिला भंडारी,वरिष्ठ भाजपा नेता शशि जुयाल,अनीता बुढ़ाकोटी,मंडल अध्यक्ष विनय घिल्डियाल,जिला महामंत्री गणेश भट्ट,जिला उपाध्यक्ष गिरीश पैन्यूली,सुधीर जोशी,मंडल महामंत्री शुभम प्रभाकर,महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष ललिता नेगी,जिला उपाध्यक्ष प्रीति बडोनी,रेखा रावत,यशीष रावत,राजलक्ष्मी,अंजना डोभाल,विजयलक्ष्मी रतूड़ी,विशोदा देवी,मधुबाला,प्रमिला गुसाईं सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा महिला मोर्चा ने इसे महिलाओं के सम्मान और अधिकारों का मुद्दा बनाते हुए प्रदेशभर में आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है,जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक केंद्र में रहने की संभावना है।
