खेलों से जुड़ाव ही स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच की पहचान-उम्मेद सिंह मेहरा

श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं के लिए आज का दिन प्रेरणा,सम्मान और उत्साह से भरा रहा। पंडित जगत राम गौड़ एवं राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित माध्यमिक वर्ग बालिका क्रिकेट प्रतियोगिता (सीजन-8) में प्रतिभाग करने वाली छात्राओं को खेल प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित राज्य आंदोलनकारी उमेद सिंह मेहरा ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए खेलों के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। अपने संबोधन में मेहरा ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन या समय बिताने का साधन नहीं,बल्कि यह मानवीय जीवन का एक अभिन्न और आवश्यक अंग है। खेलों के माध्यम से जहां एक ओर प्रतिभा का विकास होता है,वहीं दूसरी ओर यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाकर सकारात्मक सोच को भी जन्म देता है। उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति के बौद्धिक विकास को भी गति प्रदान करते हैं,जिससे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की संभावनाएं बढ़ती हैं। उन्होंने विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में बालिका क्रिकेट को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जिस प्रकार से देवेन्द्र गौड़ ने माध्यमिक वर्ग बालिका क्रिकेट की नींव रखी,वह एक दूरदर्शी सोच का परिणाम है। आज उसी सोच का असर है कि गढ़वाल और कुमाऊं के दूरस्थ गांवों से भी बेटियां खेल के मैदान में अपना परचम लहरा रही हैं। मेहरा ने कहा कि बालिका एवं महिला क्रिकेट के रूप में जो बीज बोया गया था,वह अब एक विशाल वृक्ष का रूप ले चुका है। पारंपरिक खेलों जैसे खो-खो और कबड्डी से आगे बढ़कर अब छात्राएं क्रिकेट और वॉलीबॉल जैसे आधुनिक खेलों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। यह बदलाव न केवल समाज की सोच में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है,बल्कि आने वाले उज्ज्वल भविष्य की भी झलक देता है। उन्होंने यह भी कहा कि खेलों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में उच्च पदों तक पहुंचने के अवसर प्राप्त होते हैं। लेकिन इसके लिए आवश्यक है कि खेल और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाए रखा जाए। जब विद्यार्थी खेल के साथ-साथ शिक्षा में भी रुचि रखते हैं,तभी वे जीवन में नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया,जिससे उनके मनोबल में वृद्धि हुई और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें नई प्रेरणा मिली। पूरे कार्यक्रम में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला,जो क्षेत्र में खेलों के बढ़ते प्रभाव का स्पष्ट संकेत है।
