श्रीनगर में नकली और एक्सपायरी दवाओं पर प्रशासन का शिकंजा,औचक निरीक्षण में खुलीं कई खामियां

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में आमजन के स्वास्थ्य और युवाओं को नशे से बचाने के उद्देश्य से प्रशासन ने गुरुवार को बड़ा अभियान चलाया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नाजिश कलीम के नेतृत्व में डीएलएसए,औषधि विभाग,खाद्य सुरक्षा विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने श्रीकोट श्रीनगर बाजार स्थित मेडिकल स्टोरों और खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। अभियान के दौरान एक्सपायरी दवाओं,खाद्य सुरक्षा मानकों और स्वच्छता व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई। यह विशेष अभियान सुरक्षित दवा,सुरक्षित जीवन तथा जेनेरिक ड्रग्स-इफेक्टिव,इकोनॉमिकल एंड एसेंशियल अभियान के तहत संचालित किया गया,जिसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना तथा जेनेरिक दवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। निरीक्षण के दौरान टीम ने मेडिकल स्टोरों में दवाओं की एक्सपायरी तिथि,भंडारण व्यवस्था,बिक्री लाइसेंस,स्टॉक रजिस्टर एवं अभिलेखों की बारीकी से जांच की। सचिव नाजिश कलीम ने मेडिकल संचालकों को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में एक्सपायरी या अमानक दवाओं की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। निरीक्षण के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों में भी कई कमियां सामने आईं। कुछ स्थानों पर स्वच्छता मानकों की अनदेखी और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की स्थिति पाई गई। संयुक्त टीम ने दो प्रतिष्ठान संचालकों को मौके पर ही सुधार के निर्देश देते हुए भविष्य में नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने की कड़ी चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। सचिव नाजिश कलीम ने कहा कि एक्सपायरी दवाओं और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री न केवल गैरकानूनी है,बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों के जीवन से जुड़ा गंभीर अपराध है। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि दवा खरीदते समय उसकी एक्सपायरी तिथि अवश्य जांचें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें। अभियान का दूसरा महत्वपूर्ण चरण पीएम श्री जीजीआईसी श्रीनगर में आयोजित हुआ,जहां छात्राओं के बीच नशा मुक्ति और विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय में एंटी ड्रग यूनिट का गठन किया गया,जो भविष्य में छात्राओं के बीच नशा विरोधी जागरूकता फैलाने और निगरानी समूह के रूप में कार्य करेगी। कार्यक्रम में छात्राओं को नशे के दुष्प्रभाव,साइबर अपराध,महिला सुरक्षा,बाल अधिकार और निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई। सचिव ने छात्राओं से कहा कि युवा पीढ़ी यदि जागरूक होगी तो समाज स्वतः सुरक्षित और स्वस्थ बनेगा। उन्होंने छात्राओं को स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया। इसके अतिरिक्त श्रीनगर के उफल्डा क्षेत्र में विधिक सेवा केंद्र का उद्घाटन भी किया गया,जिससे स्थानीय लोगों को कानूनी सहायता और परामर्श सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। इस दौरान प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ.विमल गुसाईं,औषधि निरीक्षक सीमा चौहान,खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप मिश्रा,पूर्ति निरीक्षक विजय कुमार,पुलिस उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार,डीएलएसए के रिटेनर अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं पीएम श्री जीजीआईसी श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाचार्या प्रमिला गैरोला,शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद
