नगर निगम गेट पर पुष्पवर्षा से हुआ शोभायात्रा का भव्य स्वागत

नगर निगम गेट पर पुष्पवर्षा से हुआ शोभायात्रा का भव्य स्वागत
- महापौर बोले- धार्मिक परंपराएं हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता की मजबूत कड़ी
रुद्रपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में श्री सनातन धर्म सभा की ओर से निकाली गई भव्य शोभायात्रा का नगर निगम गेट पर महापौर विकास शर्मा की अगुवाई में जोरदार स्वागत किया गया। नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और पार्षदों ने शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीकृष्ण की झांकियों का अभिनंदन किया। इस दौरान नगर निगम की ओर से शोभायात्रा में शामिल गणमान्य लोगों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया, जबकि श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
शोभायात्रा के नगर निगम गेट पहुंचते ही माहौल भक्तिमय हो उठा। महापौर विकास शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की झांकी पर पुष्पवर्षा कर नमन किया और शहर एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उनके साथ नगर निगम के पार्षदों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी शोभायात्रा का स्वागत किया। पुष्पवर्षा के बीच ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘राधे-राधे’ के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।
इस अवसर पर नगर निगम की ओर से स्वागत की विशेष व्यवस्था की गई थी। शोभायात्रा में शामिल जनप्रतिनिधियों, श्री सनातन धर्म सभा के पदाधिकारियों एवं अन्य गणमान्य लोगों को महापौर ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में शोभायात्रा में चल रहे श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। महापौर ने आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को भव्य शोभायात्रा के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। श्रीमद्भगवद्गीता में दिया गया उनका कर्मयोग का संदेश हजारों वर्षों बाद भी पूरी मानवता का मार्गदर्शन कर रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने यह संदेश दिया कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सत्य और धर्म के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए।
महापौर ने कहा कि रुद्रपुर की पहचान हमेशा से सामाजिक समरसता, धार्मिक आस्था और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए रही है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर वर्षों से निकलती आ रही यह शोभायात्रा हमारी इसी विरासत का प्रतीक है। जिस उत्साह और श्रद्धा के साथ बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग इसमें सहभागी होते हैं, वह हमारी सनातन संस्कृति के प्रति अगली पीढ़ी के जुड़ाव को भी दर्शाता है। ऐसे आयोजन केवल पर्व मनाने तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने और नई पीढ़ी तक अपने संस्कार पहुंचाने का माध्यम बनते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ देश और प्रदेश की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को भी नई पहचान मिल रही है। हमारी सरकार विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने के संकल्प के साथ काम कर रही है। रुद्रपुर नगर निगम भी शहर के विकास के साथ उसकी धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने के लिए सदैव तत्पर रहेगा।
महापौर विकास शर्मा ने श्री सनातन धर्म सभा के पदाधिकारियों और शोभायात्रा के आयोजन में सहयोग करने वाले सभी धार्मिक, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को ऐतिहासिक और भव्य बनाया है। उन्होंने जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीकृष्ण से रुद्रपुरवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
- महापौर बोले- धार्मिक परंपराएं हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता की मजबूत कड़ी
रुद्रपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में श्री सनातन धर्म सभा की ओर से निकाली गई भव्य शोभायात्रा का नगर निगम गेट पर महापौर विकास शर्मा की अगुवाई में जोरदार स्वागत किया गया। नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और पार्षदों ने शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीकृष्ण की झांकियों का अभिनंदन किया। इस दौरान नगर निगम की ओर से शोभायात्रा में शामिल गणमान्य लोगों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया, जबकि श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
शोभायात्रा के नगर निगम गेट पहुंचते ही माहौल भक्तिमय हो उठा। महापौर विकास शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की झांकी पर पुष्पवर्षा कर नमन किया और शहर एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उनके साथ नगर निगम के पार्षदों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी शोभायात्रा का स्वागत किया। पुष्पवर्षा के बीच ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘राधे-राधे’ के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।
इस अवसर पर नगर निगम की ओर से स्वागत की विशेष व्यवस्था की गई थी। शोभायात्रा में शामिल जनप्रतिनिधियों, श्री सनातन धर्म सभा के पदाधिकारियों एवं अन्य गणमान्य लोगों को महापौर ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में शोभायात्रा में चल रहे श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। महापौर ने आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को भव्य शोभायात्रा के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। श्रीमद्भगवद्गीता में दिया गया उनका कर्मयोग का संदेश हजारों वर्षों बाद भी पूरी मानवता का मार्गदर्शन कर रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने यह संदेश दिया कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सत्य और धर्म के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए।
महापौर ने कहा कि रुद्रपुर की पहचान हमेशा से सामाजिक समरसता, धार्मिक आस्था और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए रही है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर वर्षों से निकलती आ रही यह शोभायात्रा हमारी इसी विरासत का प्रतीक है। जिस उत्साह और श्रद्धा के साथ बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग इसमें सहभागी होते हैं, वह हमारी सनातन संस्कृति के प्रति अगली पीढ़ी के जुड़ाव को भी दर्शाता है। ऐसे आयोजन केवल पर्व मनाने तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने और नई पीढ़ी तक अपने संस्कार पहुंचाने का माध्यम बनते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ देश और प्रदेश की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को भी नई पहचान मिल रही है। हमारी सरकार विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने के संकल्प के साथ काम कर रही है। रुद्रपुर नगर निगम भी शहर के विकास के साथ उसकी धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने के लिए सदैव तत्पर रहेगा।
महापौर विकास शर्मा ने श्री सनातन धर्म सभा के पदाधिकारियों और शोभायात्रा के आयोजन में सहयोग करने वाले सभी धार्मिक, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को ऐतिहासिक और भव्य बनाया है। उन्होंने जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीकृष्ण से रुद्रपुरवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

