पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ मोर्चा तेज-2027 के चुनाव से पहले आंदोलन उग्र करने की चेतावनी

कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल। पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ आंदोलन की हुंकार भर दी है। गुरुवार को गढ़वाल मंडल कार्यकारिणी के सदस्यों ने विकासखंड कीर्तिनगर में उप जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार को ज्ञापन प्रेषित कर कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल किए जाने की मांग उठाई। ज्ञापन सौंपते हुए कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि पुरानी पेंशन योजना उनकी लंबे समय से चली आ रही जायज मांग है और सरकार को इस दिशा में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांग की अनदेखी जारी रखी तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। गढ़वाल मंडल मंत्री राजीव उनियाल ने कहा कि कर्मचारी संगठन सरकार से कई बार अपनी मांग को लेकर अनुनय-विनय कर चुके हैं,लेकिन अभी तक पुरानी पेंशन बहाली को लेकर अपेक्षित निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी जायज मांग को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो इसका राजनीतिक प्रभाव आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है। जनपद टिहरी के वरिष्ठ अध्यक्ष संदीप नैथानी ने कहा कि कर्मचारी सरकार से कोई असंभव मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी मांग पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर है,जिसे कर्मचारी अपना जायज अधिकार मानते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की भावनाओं को समझते हुए पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए,ताकि कर्मचारियों में व्याप्त असंतोष को दूर किया जा सके। ब्लॉक अध्यक्ष कीर्तिनगर सुरजीत लिंगवाल ने कहा कि यदि सरकार कर्मचारियों की मांग पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो संगठन को ब्लॉक स्तर पर आंदोलन को उग्र करने के लिए विवश होना पड़ेगा। वहीं ब्लॉक मंत्री विनोद चौहान ने कहा कि सरकार यदि कर्मचारियों की आवाज को लगातार अनसुना करती रही तो संगठन आगे चलकर चक्का जाम और हड़ताल जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाने पर भी विचार करने को मजबूर होगा। ब्लॉक उपाध्यक्ष मिलन विराट भट्ट ने कहा कि आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक कार्यालय में जाकर कर्मचारियों को संगठन से जोड़ने और पुरानी पेंशन बहाली की मुहिम को व्यापक बनाने की आवश्यकता है। संतोष कुमार ने कहा कि आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए संगठन के प्रत्येक सदस्य को निरंतर सक्रिय रहना होगा और समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर कर्मचारियों को एकजुट करना होगा। रविन्द्र खत्री ने आंदोलन में मातृशक्ति की भागीदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं और महिला कर्मचारियों को भी आंदोलन से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 से पहले आंदोलन को निर्णायक दिशा देने के लिए संगठन को अपनी सक्रियता और तेज करनी होगी। इस अवसर पर रविन्द्र कुमार खत्री,मिलन भट्ट,संतोष सिंह,तेज प्रताप,दीपक राणा,अभिषेक नेगी सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली के संबंध में शीघ्र ठोस निर्णय लिया जाए। संगठन ने संकेत दिया कि मांग पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है।

