Saturday 05/ 09/ 2026 

Bharat Najariya
पौड़ी में श्वसन रोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट-इन्फ्लूएंजा से निपटने को अस्पतालों में बढ़ाई तैयारियांतारों की दुनिया से रूबरू हुए नन्हे वैज्ञानिक-गढ़वाल विश्वविद्यालय में एस्ट्रोक्राफ्ट जूनियर कार्यशाला में खगोल विज्ञान की बारीकियां सीखींश्रीनगर में गूंजेगा कान्हा का जयघोष-नन्हे कलाकारों की मनमोहक झांकियों से सजेगी कृष्ण जन्माष्टमी की भव्य शोभायात्रापुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ मोर्चा तेज-2027 के चुनाव से पहले आंदोलन उग्र करने की चेतावनीमहापौर विकास शर्मा ने किया कैंप कार्यालय का शुभारंभनगर निगम गेट पर पुष्पवर्षा से हुआ शोभायात्रा का भव्य स्वागतनशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण में युवाशक्ति की भूमिका अहम–डॉ.धन सिंह रावतआईटीईपी विद्यार्थियों को मिला कानून का ज्ञान-विधिक अधिकारों से न्याय तक की राह बताईछात्राओं के बीच पहुंचीं जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया-तिरपालीसैंण के कस्तूरबा विद्यालय की व्यवस्थाओं का लिया जायजापलेठी के शिवालय तक पहुंचेगी सड़क 96.23 लाख की लागत से 2.550 किमी मोटर मार्ग का विधायक विनोद कंडारी ने किया शिलान्यास
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पौड़ी में श्वसन रोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट-इन्फ्लूएंजा से निपटने को अस्पतालों में बढ़ाई तैयारियां


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी में सीजनल इन्फ्लूएंजा तथा श्वसन तंत्र से संबंधित रोगों के संभावित प्रसार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती तैयारियां तेज कर दी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी चिकित्सा इकाइयों को सतर्क रहने तथा किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.मेघना असवाल ने जनपद के सभी चिकित्सा अधीक्षकों एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर अस्पतालों में की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीजनल इन्फ्लूएंजा और श्वसन संबंधी बीमारियों के मामलों की निगरानी में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने चिकित्सा इकाइयों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही संदिग्ध मामलों की समयबद्ध पहचान,जांच और उपचार पर विशेष जोर दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को अपने-अपने चिकित्सा संस्थानों में आइसोलेशन बेड एवं वार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर,ऑक्सीजन सिलेंडर,आवश्यक दवाइयां तथा अन्य जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रखने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके,इसके लिए चिकित्सा इकाइयों को पहले से तैयार रहना होगा। अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों की नियमित समीक्षा करने तथा जहां कहीं कमी हो,वहां समय रहते व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। आशा और एएनएम के माध्यम से गांव-गांव निगरानी
सीजनल इन्फ्लूएंजा की निगरानी को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लिए आशा कार्यकत्रियों और एएनएम के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जुकाम,बुखार,खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों वाले मरीजों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। किसी क्षेत्र में बीमारी के मामलों में असामान्य बढ़ोतरी या समूह के रूप में मामले सामने आने पर तत्काल ब्लॉक और जनपद स्तर पर सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि किसी भी संभावित प्रकोप की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाए,ताकि बीमारी के प्रसार को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके। बैठक में सीजनल इन्फ्लूएंजा के लक्षण वाले मरीजों की सघन निगरानी करने और ऐसे मामलों की नियमित रिपोर्टिंग आईडीएसपी एवं आईएचआईपी पोर्टल पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एसएआरआई के लक्षण वाले मरीजों के आवश्यकतानुसार नाक एवं गले के स्वैब नमूने नजदीकी जांच केंद्रों पर भेजने को कहा गया है। किसी क्षेत्र में आईएलआई या एसएआरआई के मामलों के समूह के रूप में सामने आने पर तत्काल जांच,निगरानी और नियंत्रण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। टीम में जिला सर्विलांस अधिकारी,फिजीशियन,बाल रोग विशेषज्ञ,एपिडेमियोलॉजिस्ट एवं माइक्रोबायोलॉजिस्ट को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि टीम के माध्यम से सीजनल इन्फ्लूएंजा और श्वसन तंत्र संबंधी रोगों के मामलों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर टीम प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर स्थिति का आकलन करने तथा नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से बच्चों,बुजुर्गों तथा गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि बुखार,खांसी,गले में खराश,सांस लेने में परेशानी और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सालय में चिकित्सकीय परामर्श लिया जाए। उन्होंने लोगों से स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेने तथा लक्षण गंभीर होने की स्थिति में उपचार में देरी न करने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से सीजनल इन्फ्लूएंजा और श्वसन संबंधी संक्रमणों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है। छींकते या खांसते समय नाक और मुंह को रूमाल अथवा कपड़े से ढकने,साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ साफ करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने की सलाह दी गई है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आवश्यक सतर्कता बरतने और संक्रमण के लक्षण होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचने पर भी जोर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बीमारी की रोकथाम में विभागीय निगरानी के साथ आमजन की जागरूकता और सावधानी भी बेहद महत्वपूर्ण है। समय पर लक्षणों की पहचान और चिकित्सकीय परामर्श से संभावित जटिलताओं को कम किया जा सकता है। वर्चुअल बैठक में सीएमएस जिला चिकित्सालय पौड़ी डॉ.एल.डी.सेमवाल,डॉ.पंकज सिंह,माइक्रोबायोलॉजिस्ट दीक्षा राणा,एपिडेमियोलॉजिस्ट शिवांगी सेमल्टी सहित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एवं विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में तैनात चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने साफ संकेत दिया कि जनपद में सीजनल इन्फ्लूएंजा और श्वसन संबंधी रोगों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संभावित प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य तंत्र को पूरी तरह सतर्क रखा गया है।

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