Monday 07/ 09/ 2026 

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Uttrakhand News:उत्तराखंड में हिंदी नहीं बल्कि ये भाषा बनेगी आम बोलचाल,एक लाख लोगों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

राज्य में संस्कृत शीघ्र आम बोलचाल की भाषा बनेगी। इसके लिए एक लाख व्यक्तियों को चरणबद्ध तरीके से आनलाइन और आफलाइन माध्यम से सरल संस्कृत संभाषण का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

साथ में यज्ञ, कर्मकांड और वेद में सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किए जाएंगे। पहले चरण में 100 बच्चों, और इसके बाद प्रत्येक वर्ष एक लक्ष्य निर्धारित कर युवाओं को 16 संस्कारों के बारे में बताया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की सामान्य समिति की 10वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ने को विशेष प्रयास किए जाएं।

संस्कृत का अध्ययन कर रहे बच्चों को 16 संस्कार के बारे में बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की होनी चाहिए। संस्कृत के क्षेत्र में शिक्षण, लेखन एवं संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्द्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों को प्रत्येक वर्ष सम्मान राशि दी जाए।

🌸सभी कार्यालयों में संस्कृत में नामपट्टिका अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड योग, आयुष, ऋषि-मुनियों और संस्कृत की भूमि रही है। राज्य की द्वितीय राजभाषा संस्कृत को तेजी से बढ़ावा देने को जिलों में नोडल अधिकारियों की तैनाती हा। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में संस्कृत में वाद-विवाद, निबंध लेखन, श्लोक प्रतियोगिताएं कराई जाएं।

यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी कार्यालयों में नाम पट्टिका संस्कृत भाषा में भी हो। जिन राज्यों में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए अच्छा कार्य हुआ है, उनकी बेस्ट प्रैक्टिस का अध्ययन कर उत्तराखंड में भी क्रियान्वित किया जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

🌸संस्कृत ग्राम योजना ब्लाक स्तर तक होगी विस्तारित: डा धन सिंह

संस्कृत शिक्षा मंत्री डा धन सिंह रावत ने कहा कि अभी प्रत्येक जिले के एक गांव समेत कुल 13 गांवों को संस्कृत ग्राम बनाया जा रहा है। इसे चरणबद्ध तरीके से ब्लाक स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने राज्य में संस्कृत के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना और पुजारियों को प्रोत्साहन योजना का सुझाव दिया। बैठक में समिति के सदस्यों ने सुझाव दिए कि प्रतियोगी परीक्षाओं में संस्कृत के प्रश्न जोड़े जाने चाहिए। संस्कृत में शोध को बढ़ावा दिया जाए। राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के संबंध में आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

🌸वेद अध्ययन केंद्र बनेंगे

यह तय किया गया कि वेदों के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए वेद अध्ययन केंद्र बनेंगे। सराहनीय कार्य करने वाले संस्कृत विद्यालयों को पुरस्कृत किया जाएगा। संस्कृत में विभिन्न समसामयिक विषयों पर लघु फिल्म बनाने के लिए प्रतियोगिता होगी।

संस्कृत के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए देश -विदेश के विश्वविद्यालयों, संस्कृत अकादमी, संस्कृत संस्थानों की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों, गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए राज्य में सम्मेलन किया जाएगा। संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों और आगामी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

🌸आतंकी हमले में मृत व्यक्तियों को श्रद्धांजलि

बैठक के दौरान दो मिनट का मौन रखकर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए कायराना आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष व्यक्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, सचिव वी षणमुगम, संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार के कुलपति प्रो दिनेश चंद्र शास्त्री, अपर सचिव ललित मोहन रयाल एवं समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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