गांधी जयंती पर डॉ.बीजीआर परिसर पौड़ी में श्रद्धा,संकल्प और स्वच्छता का संदेश

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। डॉ.बीजीआर परिसर पौड़ी में आज दिनांक 2 अक्टूबर 2025 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती बड़े हर्षोल्लास एवं श्रद्धाभाव से मनाई गई। प्रातः कार्यक्रम की शुरुआत परिसर निदेशक प्रो.उमेश चन्द्र गैरोला द्वारा ध्वजारोहण से हुई। इस अवसर पर उन्होंने गांधी जी एवं शास्त्री जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हम सभी को उनके जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए। सत्य,अहिंसा,सादगी और सेवा भाव ही वह मार्ग हैं,जो हमें समाज और राष्ट्र को आगे बढ़ाने की दिशा दिखाते हैं। कार्यक्रम का संचालन सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ.गौतम कुमार ने किया। उप अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.एस.सी.गैरोला ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित विभिन्न गतिविधियों व प्रतियोगिताओं की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि विभागीय स्वच्छता प्रतियोगिता में रसायन विज्ञान विभाग ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर परिसर को गौरवान्वित किया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा देने पर पर्यावरण मित्र हुकुम सिंह को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ.पूनम बिष्ट ने गांधी जी का प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम प्रस्तुत कर पूरा वातावरण भक्तिमय बना दिया। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार भी व्यक्त किया। इस अवसर पर मुजफ्फरनगर कांड के शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विधि विभागाध्यक्ष डॉ.राम प्रकाश,डॉ.अतुल सैनी,छात्र मोहित चौहान और माधव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए गांधी जी और शास्त्री जी की विचारधारा को आज के समाज के लिए प्रासंगिक बताया। गांधी जयंती समारोह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वाद-विवाद प्रतियोगिता (Debate Competition)-पक्ष में-दुर्गा खंक्रियाल,आयुषी,उमंग तिवारी,विपक्ष में-हर्षवर्धन जैन,सौम्या बहुगुणा,रंगोली प्रतियोगिता (Rangoli)-दिया भट्ट एवं श्रेयक नेगी,सृष्टि भण्डारी,अक्षिता एवं संजना,ऑनलाइन क्विज (Online Quiz)-चेत्नारायण गोंड,वार्तिका भट्ट,आस्था शर्मा,इस अवसर पर परिसर के शिक्षकगण,कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प दोहराया।