श्रीनगर-खिर्सू-बुघाणी मार्ग की बदहाली पर बढ़ा जनआक्रोश,जनप्रतिनिधियों ने सौंपा ज्ञापन

श्रीनगर गढ़वाल। गढ़वाल की जीवनरेखा कही जाने वाली श्रीनगर-खिर्सू-बुघाणी सड़क आज बदहाली के दलदल में फंसी नजर आ रही है। कभी पर्यटकों,विद्यार्थियों और व्यापारियों के लिए सुगम राह मानी जाने वाली यह सड़क अब गड्ढों,धंसाव और जंगली आतंक की वजह से खतरे का पर्याय बन गई है। पर्यटन,शिक्षा और व्यापार की दृष्टि से अहम इस मार्ग की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। सड़क किनारे बने नारदाने पूरी तरह जाम पड़े हैं,जिससे बरसात का पानी सड़क पर बहकर जगह-जगह धंसाव पैदा कर रहा है। कई स्थानों पर सड़क की चौड़ाई इतनी कम हो चुकी है कि दो वाहन मुश्किल से एक-दूसरे को पार कर पाते हैं। सड़क किनारे फैली झाड़ियां जहां यातायात में बाधा डाल रही हैं,वहीं गुलदार जैसे जंगली जानवरों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब भी सड़क किनारे बने पुस्ते गिरते हैं,लोक निर्माण विभाग खानापूर्ति करते हुए कच्चे पुस्ते बनवा देता है,जो बरसात में ढह जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पक्के पुस्तों का निर्माण न होने से सड़क का स्थायित्व लगातार खतरे में है। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्य आरती देवी (सुमाड़ी),ग्राम प्रधान अनीता देवी (बलोड़ी-सरणा),आशिष नौटियाल (ढिकवाल गांव) और अभिषेक घिल्डियाल (खोला),खिर्सू प्रधान संगठन के पूर्व अध्यक्ष बृजमोहन बहुगुणा,सामाजिक कार्यकर्ता पंकज भण्डारी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने अपने हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन अनिल कुमार सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग श्रीनगर को ज्ञापन सौंपकर स्थिति से अवगत कराया गया। जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि नालियों की तत्काल सफाई की जाए,पक्के पुस्तों का निर्माण हो,झाड़ियों की नियमित कटाई की जाए और सड़क को स्थायी व सुरक्षित स्वरूप दिया जाए। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मनीष नौटियाल ने कहा कि यह सड़क सैकड़ों गांवों के लिए जीवनरेखा है,ऐसे में विभाग को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत से इस पर गंभीर संज्ञान लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है। साथ ही गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी से अपेक्षा जताई कि वे इस मुद्दे को राज्य और केंद्र स्तर पर उठाकर सड़क सुधार हेतु विशेष बजट की व्यवस्था कराएं। इसी बीच श्रीनगर से लगभग नौ किमी दूर खोला के समीप खिर्सू सड़क पर गुरुवार सांय लगभग सात बजे एक और खौफनाक घटना घट गई। 20 वर्षीय सुमित अपनी बाइक द्वारा सरणा गांव जा रहा था कि अचानक गुलदार ने उनकी बाइक का पीछा करते हुए उस पर झपटने की कोशिश की। शोर मचाने पर गुलदार सड़क से नीचे झाड़ियों की ओर चला गया। सुमित ने बताया कि लगभग एक हफ्ते पूर्व भी गुलदार ने उनकी बाइक का पीछा किया और दो बाइक सवारों को दौड़ाया। रोड पर अधिक झाड़ियां होने के कारण गुलदार अक्सर किनारे की झाड़ियों में चुपके बैठा रहता है,जो दिखाई नहीं देता और अचानक हमला कर देता है। सुमित सीसीटीवी कैमरा लगाने सम्बन्धी कार्य के लिए रोजाना श्रीनगर आते-जाते हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस पहल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में इस मार्ग पर बड़े हादसे होना तय है। क्षेत्रवासी अब शासन-प्रशासन से इस जीवनरेखा सड़क के स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।