Monday 16/ 02/ 2026 

Bharat Najariya
भवाली पुलिस की कार्रवाई: लड़की बिजनौर से बरामद, आरोपी पर अपहरण व दुष्कर्म का मुकदमा।उत्तरकाशीमहाशिवरात्रि पर्व पर विश्वनाथ मन्दिर सहित शिवालयों में भक्तों की उमड़ी भीड़। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर जनपद उत्तरकाशी स्थित प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर, उत्तरकाशी में आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा, जहां तड़के लगभग 2 बजे रात्रि से ही श्रद्धालुओं की एक किलोमीटर से भी अधिक लंबी कतार लग गई। कड़ाके की ठंड के बावजूद शिवभक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और श्रद्धा की गर्माहट ने मौसम की ठिठुरन को भी पीछे छोड़ दिया।Vol. महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर को रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी, भव्य पुष्प सज्जा और विशेष अलंकरण से दिव्य स्वरूप प्रदान किया गया है, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग और पुष्प अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं तथा ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण गूंजायमान हो उठा है।Vol. भक्त अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति की कामना के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार भारत के प्रमुख शिवधामों में काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी के बाद उत्तरकाशी का काशी विश्वनाथ मंदिर विशेष महत्व रखता है और यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलित होती है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा, बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन तथा सुगम दर्शन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरा शहर शिवमय वातावरण में डूबा हुआ दिखाई दे रहा है।महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर सहित जनपद के समस्त शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ हैं। प्रातः से ही भागीरथी नदी घाटों आस्था की डुबकी लगाकर बाबा विश्वनाथ मन्दिर तथा शिवालयों में लबी लंबी लाइन मे लग कर जलाभिषेक के लिये श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी है।महाशिवरात्रि के पावन पर्व को सकुशल एवं सुरक्षित तरीके से सम्पन्न करवाने को लेकर उत्तरकाशी पुलिस मुस्तैद रही जनपद के प्रमुख मंदिरों, शिवालयों एवं संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनात की गई थी मंदिर परिसरों, प्रवेश एवं निकास द्वारों, पार्किंग स्थलों तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी एवं सतर्कता बरती जा रही थी सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन के साथ नदी घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ SDRF, फायर एवं अन्य आपदा दल तैनात हैं।Byte. अजय पूरी महंत.काशी विश्वनाथ मंदिर उत्तरकाशी.उत्तरकाशीमहाशिवरात्रि पर्व पर विश्वनाथ मन्दिर सहित शिवालयों में भक्तों की उमड़ी भीड़। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर जनपद उत्तरकाशी स्थित प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर, उत्तरकाशी में आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा, जहां तड़के लगभग 2 बजे रात्रि से ही श्रद्धालुओं की एक किलोमीटर से भी अधिक लंबी कतार लग गई। कड़ाके की ठंड के बावजूद शिवभक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और श्रद्धा की गर्माहट ने मौसम की ठिठुरन को भी पीछे छोड़ दिया।Vol. महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर को रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी, भव्य पुष्प सज्जा और विशेष अलंकरण से दिव्य स्वरूप प्रदान किया गया है, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग और पुष्प अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं तथा ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण गूंजायमान हो उठा है।Vol. भक्त अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति की कामना के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार भारत के प्रमुख शिवधामों में काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी के बाद उत्तरकाशी का काशी विश्वनाथ मंदिर विशेष महत्व रखता है और यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलित होती है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा, बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन तथा सुगम दर्शन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरा शहर शिवमय वातावरण में डूबा हुआ दिखाई दे रहा है।महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर सहित जनपद के समस्त शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ हैं। प्रातः से ही भागीरथी नदी घाटों आस्था की डुबकी लगाकर बाबा विश्वनाथ मन्दिर तथा शिवालयों में लबी लंबी लाइन मे लग कर जलाभिषेक के लिये श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी है।महाशिवरात्रि के पावन पर्व को सकुशल एवं सुरक्षित तरीके से सम्पन्न करवाने को लेकर उत्तरकाशी पुलिस मुस्तैद रही जनपद के प्रमुख मंदिरों, शिवालयों एवं संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनात की गई थी मंदिर परिसरों, प्रवेश एवं निकास द्वारों, पार्किंग स्थलों तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी एवं सतर्कता बरती जा रही थी सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन के साथ नदी घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ SDRF, फायर एवं अन्य आपदा दल तैनात हैं।Byte. अजय पूरी महंत.काशी विश्वनाथ मंदिर उत्तरकाशी.नैनीताल शिवरात्रि पर्व पर हजारों भक्तों ने शिव भोले शंकर की पूजा अर्चना कीमहाशिवरात्रि के पावन पर्व पर विधायक शिव अरोरा ने पांच मन्दिर में जलाअभिषेक कर समस्त क्षेत्रवासियो के सुख समृद्धि की कामनामहाशिवरात्रि पर शुभ घोषणा: केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगेरुद्रप्रयाग। आज महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिवभक्तों के लिए एक अत्यंत शुभ समाचार सामने आया है। उत्तराखंड के चारधामों में से एक बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि और समय की विधिवत घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे वृष लग्न में बाबा केदारनाथ धाम के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। यह घोषणा बाबा केदार के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में धार्मिक परंपराओं और वैदिक विधि-विधान के साथ की गई। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हुई इस घोषणा से श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का संचार देखने को मिला।ओंकारेश्वर मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, फूलों से सजा मंदिर परिसरमहाशिवरात्रि के अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। पूरे मंदिर परिसर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और दिव्य बन गया। हर ओर “हर-हर महादेव” के जयकारे गूंजते रहे।केदारनाथ धाम के मुख्य पुजारी की जिम्मेदारी निभा रहे टी. गंगाधर लिंग ने कपाट खुलने की तिथि और समय की घोषणा की। इस ऐतिहासिक और शुभ क्षण के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में उपस्थित रहे ।आस्था,साधना और संस्कृति का पावन धाम शिव गोरखनाथ गढ़खालेश्वर महादेव मंदिर भटोली में महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को भव्य आयोजनकिच्छा। किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने विधायक निधि से निर्मित लगभग 8 लाख रुपये की लागत के तीन विकास कार्यों का विधिवत फीता काटकर उद्घाटन किया।इन कार्यों के अंतर्गत वार्ड नंबर 1, बनखंडी फेस-4 फूलसूंगी में मंदिर में छत निर्माण कार्य (लागत ₹2,13,000), ग्राम कनकपुर स्थित शिव मंदिर में टाइल्स/निर्माण कार्य (लागत ₹4,00,000) तथा ग्राम आनंदपुर कटिंग स्थित दुर्गा कॉलोनी में मंदिर निर्माण कार्य (लागत ₹2,01,000) शामिल हैं। उद्घाटन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।उद्घाटन कार्यक्रमों के उपरांत महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर विधायक बेहड़ ने अपने रुद्रपुर स्थित आवास पर भगवान शिव की प्रतिमा पर जलाभिषेक कर दिन की शुरुआत की। इसके पश्चात उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर दर्शन किए। नमक फैक्ट्री बंडिया, डाम क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर आयोजित भंडारों में सहभागिता कर प्रसाद वितरण किया और श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना।इस अवसर पर विधायक बेहड़ ने कहा कि महाशिवरात्रि का पर्व हमें आस्था, संयम और समाज सेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा, “धार्मिक स्थलों का विकास केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का माध्यम भी है। हमारी प्राथमिकता है कि विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की गति निरंतर बनी रहे और हर गांव-वार्ड तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचें।”उन्होंने समस्त शिवभक्तों को महाशिवरात्रि एवं आगामी नवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि, शांति और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।किच्छा। ग्राम सैंजनी निवासी वरिष्ठ भाजपा नेता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी एवं आत्मा परियोजना के अध्यक्ष रविकांत वर्मा का हृदयाघात से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी एवं आत्मा परियोजना के अध्यक्ष रविकांत वर्मा के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए राजेश शुक्ला ने कहा कि रविकांत वर्मा का निधन भाजपा परिवार और किच्छा क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वह एक समर्पित भाजपा नेता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी और आत्मा परियोजना के अध्यक्ष के रूप में समाज सेवा में सक्रिय रहे। उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और शुभचिंतकों के साथ हैं। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति दें।रविकांत वर्मा के निधन की सूचना मिलते ही पूर्व जिलाध्यक्ष विवेक सक्सेना, पूर्व जिला उपाध्यक्ष राजेश तिवारी, मंडल अध्यक्ष मयंक तिवारी, ब्लॉक प्रमुख पति जितेंद्र गौतम, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी जिला अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, महामाया मिश्रा, अक्षय अरोरा, नीरज खुग्गर, युवा मोर्चा अध्यक्ष जसनीत कक्कड़, हरविंदर चुग, बंटी खुराना, पूर्व प्रधान दीपक मिश्रा, क्षेत्र पंचायत सदस्य नितिन यादव, ग्राम प्रधान वेदप्रकाश, डी एन यादव, भूपेंद्र सिंह, संजीव सिंह, दिनेश शुक्ला, किसान मोर्चा अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह जिंदू, पंकज ठुकराल, मोहित गुप्ता, धर्मेंद्र शाही, खंड कार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ किच्छा गुंजन कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में लोग सामाजिक एवं धार्मिक संगठन के पदाधिकारी उनके आवास पर पहुंच शोक व्यक्त किया और परिजनों को सांत्वना दी।हिमालयी आपदा अध्ययन में गढ़वाल विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय पहचान–प्रो.एम.पी.एस.बिष्ट
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आस्था,साधना और संस्कृति का पावन धाम शिव गोरखनाथ गढ़खालेश्वर महादेव मंदिर भटोली में महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को भव्य आयोजन


श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की वादियों में सचमुच कण-कण में ईश्वर का वास है। इन्हीं पावन पहाड़ियों के मध्य स्थित जय शिव गोरखनाथ गढ़खालेश्वर महादेव मंदिर भटोली आज भक्ति,आस्था और आध्यात्मिक साधना का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। ऊंची चोटी पर एकांत और शांत वातावरण में स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए मन की शांति, साधना और शिव कृपा का अद्वितीय स्थल है। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी महाशिवरात्रि का पर्व यहां बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी रविवार को पड़ रही है। भक्तजन 15 फरवरी को व्रत,पूजन एवं रात्रि जागरण करेंगे तथा 16 फरवरी,सोमवार को व्रत का पारण (उद्यापन) करेंगे। मंदिर परिसर में विशेष पूजन,रुद्राभिषेक,भजन-कीर्तनऔर प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं और हर-हर महादेव तथा जय गुरू गोरखनाथ के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठता है। गढ़खालेश्वर महादेव मंदिर की विशेषता यह है कि यहां भगवान शिव के साथ गुरु गोरखनाथ भी विराजमान हैं। मान्यता है कि जो भक्त सच्चे भाव से यहां आता है,उसे उसकी श्रद्धा के अनुरूप फल प्राप्त होता है। भक्तों का विश्वास है कि यहां रोग,दोष और जीवन की विभिन्न बाधाओं से मुक्ति के लिए विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं और शिव-गुरु की संयुक्त कृपा से कष्टों का निवारण होता है। मंदिर के महंत नरेश भारती के मार्गदर्शन में यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना,जप-तप और साधना का क्रम चलता रहता है। उनका कहना है कि यह धाम केवल पूजा का स्थान नहीं,बल्कि आत्मिक जागरण का केंद्र है। यह मंदिर केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बन चुका है। समय-समय पर यहां वृक्षारोपण,स्वच्छता अभियान,भजन-कीर्तन तथा भंडारे जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में स्थानीय ग्रामीणों के साथ युवा पीढ़ी भी बढ़-चढ़कर भाग लेती है,जिससे समाज में एकता और सद्भाव का संदेश प्रसारित होता है। साधना के लिए सर्वोत्तम स्थान ऊंची पहाड़ी पर एकांत में स्थित यह मंदिर साधकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। शांत वातावरण,प्राकृतिक सौंदर्य और दिव्य ऊर्जा से परिपूर्ण यह स्थान जप-तप और ध्यान के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार इस मंदिर में किसी भी गांव का सूतक प्रभावी नहीं होता,जिससे यहां निरंतर पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहता है। गढ़खालेश्वर महादेव मंदिर भटोली आज श्रद्धा,संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बनकर उभर रहा है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर यहां उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ एक बार फिर यह सिद्ध करेगी कि देवभूमि की आत्मा आज भी अपनी परंपराओं और आस्थाओं से गहराई से जुड़ी हुई है।

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