परिवार नियोजन सेवाओं को मिलेगी नई गति-श्रीनगर में 12 दिवसीय लेप्रोस्कोपिक प्रशिक्षण सम्पन्न

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी में परिवार नियोजन कार्यक्रम को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत लेप्रोस्कोपिक विधि से महिला नसबंदी ऑपरेशन हेतु आयोजित 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण का उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर में सफल समापन हुआ। 9 फरवरी से प्रारंभ हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद पौड़ी के चिकित्सकों एवं शल्य कक्ष सहायक कर्मियों (ऑपरेशन थियेटर सहायक) को आधुनिक लेप्रोस्कोपिक तकनीक का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण सत्र का संचालन उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर के सर्जन डॉ.नीतीश कुमार के निर्देशन में किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी पौड़ी डॉ.शिव मोहन शुक्ला ने प्रशिक्षण समापन अवसर पर कहा कि इस 12 दिवसीय प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षित चिकित्सक परिवार नियोजन कार्यक्रम के लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि अब ये चिकित्सक न केवल जनपद पौड़ी में,बल्कि आवश्यकता पड़ने पर अन्य जनपदों में भी लेप्रोस्कोपिक महिला नसबंदी सेवाएं प्रदान कर सकेंगे। इससे महिलाओं को सुरक्षित,त्वरित एवं कम जोखिम वाली शल्य प्रक्रिया उपलब्ध होगी,जिससे मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। प्रशिक्षण समापन समारोह में उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.विमल गुसाईं ने प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक अनुभव से ही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। इस अवसर पर जिला चिकित्सालय पौड़ी के सर्जन डॉ.मयंक चौहान,बेस चिकित्सालय कोटद्वार के सर्जन डॉ.मयंक नौटियाल सहित सारिका,शशिकांत,हेमलता नेगी,मीनाक्षी एवं परिवार नियोजन परामर्शदाता अंजू रावत उपस्थित रहे। सुरक्षित मातृत्व और जनसंख्या संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल विशेषज्ञों का मानना है कि लेप्रोस्कोपिक नसबंदी पद्धति कम समय में,कम जटिलता के साथ और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करती है। इस प्रकार का प्रशिक्षण ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगा। जनपद पौड़ी में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम परिवार नियोजन सेवाओं को सुदृढ़ करने,मातृ स्वास्थ्य सुरक्षा बढ़ाने और जनसंख्या संतुलन की दिशा में एक सार्थक प्रयास माना जा रहा है। देवभूमि में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की यह पहल आने वाले समय में निश्चित ही सकारात्मक परिणाम देगी।
