Monday 22/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भारतीय योग संस्थान, रुद्रपुर जिला द्वारा भव्य योग कार्यक्रम का आयोजनमसूरी मॉल रोड पर गिरा विशाल पेड़, अग्निशमन दल ने त्वरित कार्रवाई कर टाला बड़ा हादसा पर्यटन नगरी मसूरी में रविवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब झूलाघर स्थित इलाहाबाद बैंक के समीप मॉल रोड पर अचानक एक विशाल पेड़ गिर गया। घटना के चलते कुछ देर के लिए मार्ग अवरुद्ध हो गया और क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और पेड़ को काटकर मार्ग से हटाते हुए यातायात सुचारू कर दिया। अग्निशमन एवं आपात सेवा केंद्र मसूरी को शनिवार को सूचना मिली कि झूलाघर के निकट इलाहाबाद बैंक के पास मॉल रोड पर एक बड़ा पेड़ गिर गया है। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन से टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि विशाल पेड़ मुख्य मार्ग पर गिरा हुआ था, जिससे आवाजाही प्रभावित हो रही थी और दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। फायर यूनिट ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। टीम ने दो वुडन कटरों की मदद से पेड़ को छोटे-छोटे हिस्सों में काटा और उन्हें सड़क से हटाया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग को पूरी तरह साफ कर यातायात के लिए खोल दिया गया। गनीमत रही कि पेड़ गिरने के समय वहां कोई राहगीर या वाहन इसकी चपेट में नहीं आया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों ने अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। राहत एवं बचाव अभियान में चालक महेंद्र सिंह, फायरमैन शुभाष सिंह, नितिन सिंह और रोहित रावत शामिल रहे।उत्तरा केयर हॉस्पिटल के त्रिदिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 676 लाभार्थियों ने प्राप्त किया स्वास्थ्य लाभरोजगारपरक शिक्षा और मजबूत अधोसंरचना से होगा विश्वविद्यालय का विकास–कुलपतिभक्तिमय माहौल में मना योग उत्सव: भाजपा मंडल ने श्रीनगर के ऐतिहासिक गणेश मंदिर में किया योगाभ्यासमसूरी मॉल रोड पर अतिक्रमण हटाने गई नगर पालिका टीम से अभद्रता, कर्मचारियों में आक्रोशसरकारी कार्य में बाधा डालने, धमकी देने और वाहन रोकने का आरोप; कर्मचारियों ने मुकदमा दर्ज कराने की मांग  पर्यटन नगरी मसूरी की लाइफलाइन मानी जाने वाली मॉल रोड पर अवैध रूप से पटरी लगाकर कारोबार करने वालों के खिलाफ शनिवार देर रात चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान नगर पालिका परिषद और कुछ लोगों के बीच तीखा विवाद हो गया। नगर पालिका का आरोप है कि कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ महिलाओं और संजय टम्टा नामक व्यक्ति ने न केवल टीम को रोका बल्कि सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ अभद्रता की तथा जब्त सामान ले जा रहे वाहन को भी बलपूर्वक रोक दिया।घटना के बाद नगर पालिका कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। रविवार को कर्मचारी संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी मसूरी कोतवाली पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होने बताया हिक नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन के नेतृत्व में शनिवार रात मॉल रोड पर विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। पालिका के अनुसार लंबे समय से कुछ लोग नियमों को दरकिनार कर देर रात मॉल रोड पर अवैध रूप से पटरी लगाकर कारोबार कर रहे हैं, जिससे यातायात और व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसी के मद्देनजर टीम ने अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।नगर पालिका के अनुसार अभियान के दौरान कुछ लोगों ने टीम का विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि संजय टम्टा और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों ने कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की, अभद्र व्यवहार किया और कार्रवाई रोकने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, जब्त सामान लेकर जा रहे पालिका के वाहन को भी रोक दिया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और कहासुनी हुई, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। नगर पालिका प्रशासन ने कोतवाली में दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि घटना से पहले भी संजय टम्टा ने पालिका कर्मचारी रोबिन को मोबाइल फोन पर धमकी दी थी। शिकायत में कहा गया है कि फोन पर कहा गया, ईओ साहब तो चले जाएंगे, अध्यक्ष जी भी पांच साल तक ही हैं, लेकिन तुम्हें तो यहीं रहना है। पालिका का दावा है कि इस बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को साक्ष्य के रूप में सौंपा जाएगा।नगर पालिका कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों को कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और अभद्र व्यवहार से कर्मचारियों में असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन ड्यूटी के दौरान ही उन्हें धमकियां दी जा रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।नगर पालिका कर्मचारी संघ के महामंत्री चंद्र प्रकाश बडोनी ने कहा कि पालिका कर्मचारी और अधिकारी मॉल रोड की व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर अवैध रूप से पटरी लगाकर व्यवस्थाओं को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन कार्रवाई का विरोध कर कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ अभद्रता की जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का मनोबल तोड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारी आंदोलन और कार्य बहिष्कार करने को मजबूर होंगे, जिसका सीधा असर शहर की व्यवस्थाओं पर पड़ेगा।अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने प्रभारी निरीक्षक मसूरी को भेजे पत्र में घटना को गंभीर बताते हुए संजय टम्टा और उनके साथियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, कर्मचारियों को धमकी देने, अभद्रता करने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पालिका अध्यक्ष और उपजिलाधिकारी को भी भेजी गई है।मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान ने कहा कि नगर पालिका की ओर से प्राप्त शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जाएगी तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।मसूरी होमस्टे मौत मामलारू पिता की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज, अब वैज्ञानिक जांच के घेरे में हर पहल धनोल्टी मार्ग स्थित कियाना होमस्टे में गुरुग्राम की सॉफ्टवेयर इंजीनियर पारुपुडी राधा गायत्री (27) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया था। मृतका के पिता द्वारा दामाद पर संदेह जताते हुए दी गई तहरीर के आधार पर मसूरी पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही अब यह मामला सामान्य संदिग्ध मौत से आगे बढ़कर आपराधिक जांच के दायरे में आ गया है।मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान ने बताया कि 15 जून की सुबह 112 कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि कियाना होमस्टे के एक कमरे में ठहरी महिला की हालत गंभीर है। सूचना पर पुलिस और 108 एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंची, जहां फार्मासिस्ट ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया।होमस्टे के कमरे से मिले थे कई अहम सुरागप्रारंभिक जांच में सामने आया था कि मृतका अपने पति श्री चरण सोमयाजुलू के साथ 14 जून की रात होमस्टे में ठहरी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे का निरीक्षण किया तो कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने मामले को और संवेदनशील बना दिया। कमरे में खून के निशान, शराब की खाली बोतलें और अन्य साक्ष्य मिले थे। मृतका का शव संदिग्ध अवस्था में पाया गया था, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी थी।पिता ने जताई हत्या की आशंकाषनिवार को मृतका के पिता पारुपुडी सुधाकर, निवासी विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश), अपने परिजनों के साथ मसूरी कोतवाली पहुंचे और पुलिस को विस्तृत टाइपशुदा शिकायत सौंपी। शिकायत में उन्होंने अपनी बेटी की मौत को संदिग्ध बताते हुए दामाद पर गंभीर आरोप लगाए और निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी की मौत स्वाभाविक नहीं लगती और मामले के कई पहलुओं की गहन जांच आवश्यक है। उन्होंने पुलिस से मांग की कि घटना से जुड़े प्रत्येक तथ्य की वैज्ञानिक तरीके से पड़ताल की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।पोस्टमार्टम के बाद फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजारमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के साथ कराया था। पोस्टमार्टम के दौरान लिए गए विसरा नमूने तथा घटनास्थल से एकत्रित साक्ष्यों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) देहरादून भेजा गया है। वहीं मृतका के हृदय (हार्ट) को भी विशेष परीक्षण के लिए हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सकों ने मृत्यु का अंतिम कारण फॉरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद बताए जाने की बात कही है। ऐसे में अब पूरे मामले की दिशा एफएसएल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक जांच पर निर्भर करेगी।हत्या का मुकदमा दर्ज, जांच तेजमृतका के परिजनों द्वारा व्यक्त किए गए संदेह के आधार पर मसूरी कोतवाली में मु0अ0सं0 19/2026 के तहत धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीओ मसूरी जगदीश पंत ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की शुरुआत से ही पुलिस सभी पहलुओं की निष्पक्ष, गहन और वैज्ञानिक जांच कर रही है। विवेचना के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।मां भगवती की महिमा से आलोकित हुआ सरणा-धर्म-संस्कृति की रक्षा का दिया संदेश-ध्याणियों के सम्मान से भावविभोर हुआ कथा पंडालश्रीनगर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग महोत्सव आयोजित-बड़ी संख्या में लोगों ने किया योगाभ्यासरुद्रपुर के शिमला पिस्तौर स्थित क्रिम्सन वर्ल्ड स्कूल में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पहुंचकर अभिभावकों एवं स्कूल प्रबंधन से बात कि इस दौरान उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को सारी वस्तुस्थिति से अवगत करवाते हुए कहा की बीच सेशन में स्कूल बंद करना न्याय संगत नहीं है स्कूल प्रबंधन के खिलाफ़ सख़्त कार्यवाही हो पूर्व विधायक ने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो वह स्वयं उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाएंगेउन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन की हिटलर शाही औरघोर लापरवाही के कारण से 400 छात्र-छात्राओं का जहां भविष्य अंधकार मय है हो रहा है वहीं 80 से अधिक अध्यापक अध्यापिकाओं सहित स्कूल स्टाफ के लिए भी रोजगार का संकट पैदा हो गया उन्होंने कहा कि प्रबंधन को यह अधिकार किसने दिया कि वो बीच सेशन स्कूल बंद करने पर उतारू हैउन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन को अपना फैसला वापिस लेना चाहिए l
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जनता के सुझावों से गढ़ा जाएगा भविष्य का उत्तराखंड-पौड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बजट पूर्व महासंवाद


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद मुख्यालय पौड़ी के रांसी स्थित बहुउद्देश्यीय भवन में उस समय विकास,नीति और जन अपेक्षाओं का सजीव संगम देखने को मिला,जब प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। यह केवल एक औपचारिक बैठक नहीं थी,बल्कि संवाद,सहयोग,सुझाव और सहभागिता के माध्यम से उत्तराखंड के भविष्य को आकार देने का गंभीर प्रयास था। मुख्यमंत्री के आगमन पर जनप्रतिनिधियों,अधिकारियों और नागरिकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए जनप्रतिनिधि,कृषक,उद्यमी,व्यापारी,महिला स्वयं सहायता समूहों की प्रतिनिधि,पर्यटन व्यवसायी,मत्स्य पालक,कृषि वैज्ञानिक,स्थानीय निकाय प्रतिनिधि एवं विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आगामी बजट के लिए अपने सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं,बल्कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण का रोडमैप होता है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि बजट निर्माण की प्रक्रिया को पारदर्शी,सहभागी और जनोन्मुखी बनाया जाए,ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग की अपेक्षाएं उसमें प्रतिबिंबित हों। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर इस प्रकार के संवाद आयोजित किए जा रहे हैं,जिससे विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि पर्यटन,कृषि,उद्योग,महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। होमस्टे योजना,स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा और निवेश को प्रोत्साहन से रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। सरकार का लक्ष्य किसानों को उद्यमी बनाना,महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर करना और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि बजट पूर्व संवाद में प्राप्त सभी व्यावहारिक एवं दूरदर्शी सुझावों का गंभीर परीक्षण कर उन्हें आगामी बजट और नीतिगत निर्णयों में यथासंभव शामिल किया जाएगा। उन्होंने वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जनसहभागिता से तैयार होने वाला यह बजट राज्य की विकास यात्रा को नई गति देगा। संवाद के दौरान ग्रामीण विकास हेतु अनुदान वृद्धि,ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने,सीवर लाइन और शौचालय निर्माण,पंचायतों को सशक्त बनाने तथा ग्राम स्तर पर सोलर प्लांट संचालन जैसे सुझाव प्राप्त हुए। शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों के संसाधन बढ़ाने,सोलर सिटी अवधारणा को बढ़ावा देने,पार्किंग और सफाई व्यवस्था सुधारने तथा आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर बल दिया गया। कृषि एवं उद्यान क्षेत्र में पर्वतीय कृषि को प्रोत्साहन,उच्च मूल्य वाली फसलों का उत्पादन,जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा,कोल्ड स्टोरेज,पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन और क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा देने की मांग उठी। जिला स्तर पर प्रसंस्करण केंद्रों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना पर भी जोर दिया गया। उद्योग एवं एमएसएमई क्षेत्र में पर्वतीय क्षेत्रों के लिए पूंजीगत सब्सिडी,ब्याज अनुदान,मशीनरी पर छूट तथा स्थानीय उत्पाद आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की आवश्यकता जताई गई। आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों से जोड़कर युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाने की बात कही गई। महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना,ब्याज मुक्त ऋण सुविधा और स्थानीय सेवाओं में प्राथमिकता का सुझाव सामने आया। मत्स्य पालन के लिए आधुनिक तकनीक,बायोफ्लॉक टैंक,गौशालाओं हेतु भूमि उपलब्ध कराने और जैविक खाद उत्पादन को बढ़ावा देने की भी मांग रखी गई। पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे के लिए रियायती ऋण,हैली सेवा विस्तार,वैकल्पिक मार्गों का निर्माण,छोटे पर्यटन स्थलों का विकास,संस्कृत ग्रामों और सांस्कृतिक धरोहरों को पर्यटक ग्राम के रूप में विकसित करने तथा नेचर और एग्री-टूरिज्म को प्रोत्साहन देने पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम में विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी ने कहा कि जनसहभागिता पर आधारित बजट ही प्रदेश के संतुलित विकास की आधारशिला बनेगा। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्यटन,कृषि और लघु उद्योगों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता जताई। वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि इस संवाद का उद्देश्य बजट को जनभावनाओं और विकास की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप दिशा देना है,ताकि संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन कर अधिकतम जनकल्याण सुनिश्चित किया जा सके। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे संवाद जनविश्वास को मजबूत करते हैं और प्राप्त सुझाव प्रदेश के समावेशी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मनमोहन मैनाली द्वारा किया गया। इस अवसर पर आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे,पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी,जनप्रतिनिधि,उद्यमी और हितधारक उपस्थित रहे। पौड़ी में आयोजित यह बजट पूर्व महासंवाद स्पष्ट संकेत दे गया कि उत्तराखंड का आगामी बजट केवल सरकारी दस्तावेज नहीं,बल्कि जनता के सुझावों से निर्मित विकास का साझा संकल्प होगा एक ऐसा संकल्प,जो संवाद से जन्म लेकर सहयोग से आगे बढ़ेगा और सहभागिता से साकार होगा।

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