Friday 25/ 09/ 2026 

Bharat Najariya
सचिव महोदय के आदेशानुस स्थान- आदर्श थारू राजकीय इंटर कॉलेज खटीमा में प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में व मुख्य अतिथि डॉक्टर देश दीपक गॉड( M.O )व डॉक्टर सुनाक्षी सक्सेना ( l.M.O) , की उपस्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की निशुल्क सेवाओं हेतु कैंप का आयोजन किया गया मंच का संचालन पैरा लीगल वॉलियंटर गीता शर्मा द्वारा किया गया और छात्र-छात्राओं को बताया जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उधम सिंह नगर द्वारा कमजोर वर्ग के लोगों के लिए, सिविल कोर्ट खटीमा मै 10 पैनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति की गई और सिविल कोर्ट खटीमा में ई- सेवा केंद्र और ग्रामीण विधिक सेवा सहायता केंद्र तीन खोले गए जिसमें हर क्षेत्र के पीड़ित ग्रामीण क्षेत्र से आए व्यक्ति , अपनी समस्या का समाधान निशुल्क तरीके से ले सके और अन्य समस्याओं , के प्रति कमजोर वर्ग के लोगों को निशुल्क सुविधा और न्याय मिल पाए बच्चों को पोक्सो एक्ट अधिनियम की जानकारी दी और घरेलू हिंसा भरण पोषण चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 बताकर सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जानकारी देकर सड़क सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर 112 व नालसा टोल नंबर फ्री 0 – 15100 इत्यादि की जानकारी दी गई डॉक्टर देश दीपक गॉड द्वारा छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम बाल विवाह मानव तस्करी और मानसिक तनाव के प्रति जानकारी देकर छात्र-छात्राओं को जागरूक किया डॉक्टर सुनाक्षी, सक्सेना जी द्वारा छात्र-छात्राओं को हेल्थ हाइजीन से संबंधित जानकारी दी और बीमार बच्चों को निशुल्क उपचार कर निशुल्क औषधि प्रदान की गई छात्र-छात्राओं को उनके उज्जवल भविष्य के लिए नशे से होने वाले , दुष्परिणाम के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देकर जागरूक किया गया डॉक्टर टीम ए द्वारा 130 बच्चों का हेल्थ चेकअप, किया कैंप में क्लास 9th बी निवासी पकरिया जंगलात चौकी के सामने रहने वाली मूल निवासी है मल्लिका यादव बच्ची की उम्र 15 साल हाइट 4 फुट बताइ और मल्लिका बच्ची, को बोना पैंशन, के बारे में जानकारी दी तो मल्लिका द्वारा बताया गया कि मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी मैंने कोई फॉर्म नहीं भरा है मुझे यह पता नहीं था मल्लिका यादव की समस्या नोट किया और गीता शर्मा द्वारा पेंशन फॉर्म भरने की सलाह दी और फैजान और गोटिया की निवासी सलमा बेगम w/0 मो0 सलीम का आधार कार्ड अपडेट करने में सहायता ki लाभार्थियों की संख्या 130 रही टीम नंबर 36 से पैरालेगल वॉलंटरी गीता शर्मा तहसील खटीमा से रिपोर्ट प्रस्तुत है ।सितारगंज के निकट जल पूनिया नदी के ऊपर गांव वालों के सहयोग से किया जा रहा पुल का निर्माणभूरारानी–शांति विहार–छतरपुर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू, विधायक शिव अरोरा ने फीता काटकर किया शुभारंभ2.47 करोड़ की लागत से 5 किलोमीटर हॉटमिक्स सड़क का होगा निर्माण, 12-15 वर्षों से जर्जर मार्ग से मिलेगी क्षेत्रवासियों को राहतसितारगंज उप जिला चिकित्सालय में मनाया गया फार्मासिस्ट दिवसबेहड़ प्रकरण ने पकड़ा सियासी तूल, आमने-सामने कांग्रेस और भाजपा खेमेमुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर दी श्रद्धांजलि,चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया नमन।जिलाधिकारी ने जनपद स्तर पर संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की, पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थल चिह्नित करने के निर्देशसितारगंज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर नगर पालिका में श्रद्धांजलि, ‘अंत्योदय’ के संकल्प के साथ जनसेवा का लिया प्रणमहिला सशक्तिकरण और रोजगार के लिए रीड इंडिया की पहल,रुद्रपुर में शुरू हुआ नया प्रशिक्षण केंद्र।मुखर्जीनगर में 400 श्रमिकों को विधायक शिव अरोरा ने बाटी लेबर किट, विधायक बोले—हर पात्र श्रमिक तक पहुंच रहा है सरकार की योजना का लाभ
राज्य

भारतीय ज्ञान परम्परा ही आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला-छह दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का भव्य समापन


श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के शैक्षणिक क्रियाकलाप केंद्र में मानव संसाधन विकास केंद्र (एमएमटीटीसी) के तत्वावधान में पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परम्परा का एकीकरण विषय पर आयोजित छह दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का गरिमामय समापन संपन्न हुआ। 16 फरवरी से 21 फरवरी 2026 तक चले इस अकादमिक आयोजन में देशभर से आए शिक्षकों और शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रख्यात विद्वान प्रो.पवन सिन्हा तथा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो.देवेंद्र सिंह नेगी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रो.पवन सिन्हा को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। समकालीन संदर्भ में भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता मुख्य अतिथि प्रो.पवन सिन्हा ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि आत्मनिर्भरता,सतत विकास और वास्तविक क्षमता निर्माण की जड़ें भारतीय ज्ञान परम्परा में निहित हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि स्वदेशी वैज्ञानिक प्रयासों,विशेषकर क्रायोजेनिक तकनीक के विकास ने भारत को वैश्विक मंच पर सशक्त पहचान दिलाई। कोरोना महामारी जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने में भी देशी अनुसंधान और तकनीकी दक्षता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा पुनःउपयोग,पर्यावरणीय संतुलन और जीवन के समग्र विकास का संदेश देती है। गुरुकुल परंपरा,पंचकोशीय विकास की अवधारणा,स्त्री-स्वातंत्र्य की ऐतिहासिक परंपरा,प्राचीन लोकतांत्रिक मूल्यों,कौटिल्य के राज्यशास्त्र तथा वेदांत और आधुनिक विज्ञान के अंतर्संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह परम्परा केवल अतीत की स्मृति नहीं,बल्कि वर्तमान और भविष्य का मार्गदर्शक दृष्टिकोण है। शिक्षा का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं,बल्कि चरित्र निर्माण,विवेक जागरण और राष्ट्रीय चेतना का संवर्धन होना चाहिए। अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विश्वविद्यालय की शैक्षणिक दृष्टि को सुदृढ़ करते हैं और पारंपरिक ज्ञान व समकालीन चिंतन के बीच सार्थक संवाद स्थापित करते हैं। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि प्राचीन भारतीय परिप्रेक्ष्य को अकादमिक शोध और पाठ्यक्रम में गंभीरता से समझा और समाहित किया जाए। इस अवसर पर संकायाध्यक्ष प्रो.मोहन सिंह पंवार,चौरास परिसर निदेशक प्रो.राजेंद्र सिंह नेगी,अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं तथा डॉ.अमरजीत परिहार ने भी अपने विचार रखे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पर्यवेक्षक प्रो.आर.एल.नारायण सिम्हा ने संस्कृत भाषा में संबोधन देकर कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। अंत में डॉ.राहुल कुंवर ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में 95 शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की। समापन दिवस पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। यह आयोजन न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा,बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त और सार्थक पहल सिद्ध हुआ।

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