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मसूरी होमस्टे मौत मामलारू पिता की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज, अब वैज्ञानिक जांच के घेरे में हर पहल धनोल्टी मार्ग स्थित कियाना होमस्टे में गुरुग्राम की सॉफ्टवेयर इंजीनियर पारुपुडी राधा गायत्री (27) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया था। मृतका के पिता द्वारा दामाद पर संदेह जताते हुए दी गई तहरीर के आधार पर मसूरी पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही अब यह मामला सामान्य संदिग्ध मौत से आगे बढ़कर आपराधिक जांच के दायरे में आ गया है।मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान ने बताया कि 15 जून की सुबह 112 कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि कियाना होमस्टे के एक कमरे में ठहरी महिला की हालत गंभीर है। सूचना पर पुलिस और 108 एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंची, जहां फार्मासिस्ट ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया।होमस्टे के कमरे से मिले थे कई अहम सुरागप्रारंभिक जांच में सामने आया था कि मृतका अपने पति श्री चरण सोमयाजुलू के साथ 14 जून की रात होमस्टे में ठहरी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे का निरीक्षण किया तो कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने मामले को और संवेदनशील बना दिया। कमरे में खून के निशान, शराब की खाली बोतलें और अन्य साक्ष्य मिले थे। मृतका का शव संदिग्ध अवस्था में पाया गया था, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी थी।पिता ने जताई हत्या की आशंकाषनिवार को मृतका के पिता पारुपुडी सुधाकर, निवासी विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश), अपने परिजनों के साथ मसूरी कोतवाली पहुंचे और पुलिस को विस्तृत टाइपशुदा शिकायत सौंपी। शिकायत में उन्होंने अपनी बेटी की मौत को संदिग्ध बताते हुए दामाद पर गंभीर आरोप लगाए और निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी की मौत स्वाभाविक नहीं लगती और मामले के कई पहलुओं की गहन जांच आवश्यक है। उन्होंने पुलिस से मांग की कि घटना से जुड़े प्रत्येक तथ्य की वैज्ञानिक तरीके से पड़ताल की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।पोस्टमार्टम के बाद फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजारमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के साथ कराया था। पोस्टमार्टम के दौरान लिए गए विसरा नमूने तथा घटनास्थल से एकत्रित साक्ष्यों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) देहरादून भेजा गया है। वहीं मृतका के हृदय (हार्ट) को भी विशेष परीक्षण के लिए हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सकों ने मृत्यु का अंतिम कारण फॉरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद बताए जाने की बात कही है। ऐसे में अब पूरे मामले की दिशा एफएसएल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक जांच पर निर्भर करेगी।हत्या का मुकदमा दर्ज, जांच तेजमृतका के परिजनों द्वारा व्यक्त किए गए संदेह के आधार पर मसूरी कोतवाली में मु0अ0सं0 19/2026 के तहत धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीओ मसूरी जगदीश पंत ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की शुरुआत से ही पुलिस सभी पहलुओं की निष्पक्ष, गहन और वैज्ञानिक जांच कर रही है। विवेचना के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

