व्यापारी हित में महापौर आरती भण्डारी का बड़ा फैसला-दिसंबर तक नए स्वकर की वसूली पर रोक

श्रीनगर गढ़वाल। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के नए स्वकर निर्धारण को लेकर लंबे समय से चल रही व्यापारियों की चिंताओं,असमंजस और विभिन्न भ्रांतियों के बीच नगर निगम श्रीनगर ने व्यापारी हित में बड़ा और राहतभरा निर्णय लिया है। महापौर आरती भण्डारी ने दिसंबर तक नए स्वकर की वसूली पर रोक लगाने की घोषणा की है। इस दौरान नगर निगम का कर अनुभाग व्यापारियों के साथ संवाद कर स्वकर निर्धारण से जुड़ी समस्याओं का समाधान करेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक पहुंचकर स्वकर का प्रारूप भरने में भी व्यापारियों की मदद करेगा। नगर निगम कार्यालय में बुधवार को महापौर आरती भण्डारी की अध्यक्षता में व्यापार सभा श्रीनगर के प्रतिनिधिमंडल के साथ नए स्वकर निर्धारण को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में व्यापारियों ने स्वकर के प्रारूप को भरने में आ रही दिक्कतों,नए और पुराने कर की दरों को लेकर असमंजस तथा स्वकर निर्धारण की प्रक्रिया से संबंधित कई महत्वपूर्ण समस्याएं महापौर के समक्ष रखीं। व्यापारियों की बात गंभीरता से सुनने के बाद महापौर ने स्पष्ट किया कि नगर निगम का उद्देश्य व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना नहीं,बल्कि नियमानुसार कर व्यवस्था को पारदर्शी और सरल बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वकर निर्धारण को लेकर व्यापारियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाए। महापौर आरती भण्डारी ने कर अनुभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे केवल नगर निगम कार्यालय तक सीमित न रहें। जिन व्यापारियों को स्वकर का प्रारूप भरने में परेशानी हो रही है,उनके प्रतिष्ठानों तक पहुंचकर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वकर निर्धारण की प्रक्रिया को लेकर व्यापारियों के बीच यदि किसी प्रकार की भ्रांति है तो उसे संवाद के माध्यम से दूर किया जाए। साथ ही नए एवं पुराने कर की दरों को लेकर भी व्यापारियों को स्पष्ट जानकारी दी जाए,ताकि किसी भी व्यापारी को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। महापौर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि स्वकर को न्यूनतम संभव दरों पर रखने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए। व्यापारी अपनी मेहनत,जोखिम और दूरदर्शिता के साथ न केवल स्थानीय बाजार को गति देते हैं,बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान करते हैं। ऐसे में नगर निगम की प्राथमिकता व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करना है,न कि उन पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से प्रदेश के सभी नगर निगमों,नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में व्यावसायिक स्वकर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रीनगर नगर निगम बोर्ड की ओर से प्रदेश में सबसे कम स्वकर दर पारित की गई है। इसके बावजूद यदि किसी व्यापारी को दर,प्रारूप या निर्धारण प्रक्रिया को लेकर कोई समस्या है तो उसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। महापौर ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि दिसंबर तक नए स्वकर की वसूली नहीं की जाएगी। इस अवधि का उपयोग व्यापारियों की समस्याओं और भ्रांतियों को दूर करने तथा स्वकर निर्धारण की प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वकर का प्रारूप भरने,नए और पुराने कर की दरों को समझने अथवा स्वकर निर्धारण को लेकर किसी भी व्यापारी को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। निगम का कर अनुभाग व्यापारियों के साथ समन्वय बनाकर उनकी समस्याओं का समाधान करेगा। महापौर ने कहा मैं श्रीनगर के व्यापारियों के हितों के साथ खड़ी हूं। जब तक व्यापारियों की समस्याओं और भ्रांतियों का समाधान नहीं हो जाता,तब तक नए स्वकर की वसूली नहीं की जाएगी। हमारी कोशिश है कि श्रीनगर के व्यापारियों पर देहरादून,हरिद्वार और रुड़की जैसे बड़े शहरों की तर्ज पर अनावश्यक कर का बोझ न पड़े। शहरी विकास विभाग और सरकार के स्तर पर भी उठेगा व्यापारियों का मुद्दा महापौर आरती भण्डारी ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं और स्वकर से जुड़े विषयों को लेकर वह शहरी विकास विभाग तथा उत्तराखंड सरकार के स्तर पर भी वार्ता करेंगी। उनका प्रयास रहेगा कि श्रीनगर के व्यापारियों को अधिक से अधिक राहत मिल सके और कर निर्धारण की व्यवस्था व्यापारियों के लिए सहज एवं व्यावहारिक बनाई जा सके। उन्होंने कहा कि नगर निगम और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय से ही स्वकर व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा सकता है। निगम व्यापारियों की आपत्तियों और सुझावों को गंभीरता से लेकर आगे की कार्रवाई करेगा। बैठक में नगर निगम के कर अनुभाग के अधिकारियों ने व्यापारियों को स्वकर निर्धारण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। कर निरीक्षक नवीन कुमार ने बताया कि श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र में अब तक लगभग 1300 नए स्वकर के प्रारूप वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि कई व्यापारियों को प्रारूप भरने में तकनीकी अथवा अन्य प्रकार की दिक्कतें आ रही हैं। ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए निगम का कर अनुभाग आवश्यकता के अनुसार व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक पहुंचेगा और मौके पर ही प्रारूप भरने में व्यापारियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगा। बैठक में नगर आयुक्त नुपुर वर्मा,व्यापार सभा श्रीनगर के महासचिव छवि अग्रवाल,कोषाध्यक्ष पंकज नेगी,होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अप्पल रतूड़ी,केमिस्ट एंड ड्रग एसोसिएशन के प्रतिनिधि बृजेश भट्ट,नगर निगम पार्षद देवेंद्र मणि मिश्रा,प्रवेश चमोली एवं शुभम प्रभाकर,कर अनुभाग के कर अधीक्षक अजहर अली,कर अधीक्षक सुशील कुमार कुरील,कर निरीक्षक नवीन कुमार सहित व्यापार सभा के प्रतिनिधिमंडल से जुड़े व्यापारी तथा नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। महापौर के इस निर्णय को व्यापारियों के लिए तत्काल राहत के रूप में देखा जा रहा है। दिसंबर तक वसूली पर रोक और इस अवधि में व्यापारियों के प्रतिष्ठानों तक पहुंचकर समस्याओं के समाधान की पहल से नगर निगम एवं व्यापारी वर्ग के बीच संवाद का नया रास्ता खुला है। अब देखना होगा कि इस अवधि में स्वकर को लेकर व्यापारियों की आपत्तियों और भ्रांतियों का किस तरह समाधान निकाला जाता है।
