राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यकर्ता के घर पी चाय, मंदिर में किए दर्शन; प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज बोलीं- युवाओं और पूर्व सैनिकों से संवाद पर जोर

हल्द्वानी में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के कार्यक्रमों के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का सादगी भरा अंदाज भी देखने को मिला,नितिन नबीन ने एक आम भाजपा कार्यकर्ता के घर पहुंचकर चाय पी और इसके बाद मंदिर में दर्शन भी किए,भाजपा की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने मीडिया ब्रीफिंग में राष्ट्रीय अध्यक्ष के हल्द्वानी दौरे के कार्यक्रमों की जानकारी दी भाजपा की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने बताया कि उत्तराखंड में भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी की पहली बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की मौजूदगी रही और उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे के दौरान अलग-अलग वर्गों से संवाद के कार्यक्रम रखे गए हैं। इनमें सबसे अहम कार्यक्रम युवाओं के साथ संवाद का रहा. उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के मन में कई सवाल और जिज्ञासाएं हैं, ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष सीधे युवाओं से संवाद कर उनके सवालों का जवाब दे रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष भी मौजूद रहे दीप्ति रावत भारद्वाज ने बताया कि इसके बाद हल्द्वानी में पूर्व सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सैनिकों और पूर्व सैनिकों से जुड़े कई मुद्दों पर काम किया है। सेना से प्रशिक्षित होकर समाज में लौटने वाले पूर्व सैनिक समाज के लिए सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं और पार्टी इस क्षमता को सामाजिक कार्यों से जोड़ने पर भी जोर दे रही है इसके अलावा रुद्रपुर में पंजाबी समाज और सिख समाज के साथ सम्मेलन का कार्यक्रम भी रखा गया है.
वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के कार्यक्रम में एक अनौपचारिक पहल भी देखने को मिली। दीप्ति रावत भारद्वाज के मुताबिक नितिन नबीन ने एक आम कार्यकर्ता के घर जाने की इच्छा जताई और वहां पहुंचकर चाय पी. इससे पहले उन्होंने मंदिर जाने की इच्छा भी जताई थी, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री उन्हें मंदिर लेकर गए, जहां उन्होंने दर्शन किए.भाजपा की प्रदेश महामंत्री ने कहा कि कार्यकर्ता के घर चाय पीने और मंदिर दर्शन का कार्यक्रम पहले से निर्धारित औपचारिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था, बल्कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह एक अनौपचारिक कार्यक्रम रहा.
