नानकमत्ता हाईस्कूल को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत करने की मांग, ग्रामीणों का सांकेतिक धरना

नानकमत्ता। क्षेत्र के हाईस्कूल को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत करने की मांग को लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने सांकेतिक धरना देकर शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में इंटरमीडिएट स्तर का विद्यालय नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को हाईस्कूल के बाद आगे की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता है।ग्रामीणों के अनुसार, इस समस्या का सबसे अधिक असर छात्राओं की शिक्षा पर पड़ रहा है। कई छात्राएं हाईस्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे की शिक्षा जारी नहीं रख पातीं और उन्हें घर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ता है। वहीं, उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने वाले विद्यार्थियों को जंगल के रास्ते से आवागमन करना पड़ता है, जिससे जंगली जानवरों का खतरा भी बना रहता है धरने पर बैठे ग्रामीणों ने क्षेत्र में बढ़ती नशे की समस्या पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि बच्चों को पढ़ाई के लिए बाहर जाने पर गलत संगति में पड़ने और नशे की गिरफ्त में आने का खतरा रहता है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि क्षेत्र में ही इंटरमीडिएट स्तर की शिक्षा उपलब्ध हो जाए तो बच्चों को सुरक्षित वातावरण में अपनी पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलेगा।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर समय रहते सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 2027 के विधानसभा चुनाव में चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया जा सकता है। साथ ही आंदोलन को आगे उच्च स्तर तक ले जाने की चेतावनी भी दी गई सांकेतिक धरने में उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश सचिव अशोक सिंह राणा तथा आम आदमी पार्टी के विधानसभा प्रत्याशीण गुरनाम सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से क्षेत्र के हाईस्कूल को शीघ्र इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत करने की
