Saturday 18/ 04/ 2026 

Bharat Najariya
आजादनगर में बीस साल बाद सड़क का शिलान्यासताबड़तोड़ शिलान्यास कर महापौर ने दी लाखों के विकास कार्यों की सौगातसड़क निर्माण की अनदेखी पर फूटा जनाक्रोश-जखण्ड-मैखण्डी मोटर मार्ग को लेकर आंदोलन की चेतावनी-16 अप्रैल से क्रमिक अनशन का ऐलानपौड़ी में कर्मचारी हितों को बड़ी सौगात-संघ भवन निर्माण की दिशा में तेजी,भूमि चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ीचारधाम यात्रा से पहले सख्त तैयारी-खाद्य सुरक्षा पर प्रशासन का शिकंजा,लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाईअक्षय तृतीया पर कुरीति के खिलाफ निर्णायक पहल-बाल विवाह रोकने को छात्रों में जगाई कानूनी चेतनामसूरी में स्कूल से सड़क तक हरियाली’कृमसूरी को सुंदर बनाने की नई पहल, पर्यावरण दिवस से शुरू होगा अभियानम्सूरी, 17 अप्रैल मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी को और अधिक सुंदर, व्यवस्थित व पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने एक नई पहल की शुरुआत की है। इसी क्रम में एसडीएम राहुल आनंद की अध्यक्षता में एसडीएम कार्यालय में शहर के विभिन्न अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें “स्कूल से सड़क तक हरियाली” का खाका तैयार किया गया।बैठक में एसडीएम राहुल आनंद ने स्कूल प्रबंधन से अपील की कि जिस तरह वे अपने स्कूल परिसर को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा रखते हैं, उसी तर्ज पर स्कूल के बाहर की सड़कों, दीवारों और आसपास के क्षेत्रों को भी आकर्षक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि झड़ीपानी से लेकर हाथीपांव और टिहरी बस अडडे तक का क्षेत्र प्रतिष्ठित स्कूलों से जुड़ा हुआ है और यदि इन स्कूलों के बाहर का इलाका भी सुसज्जित किया जाए तो यह पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बन सकता है।5 जून से अभियान की शुरुआत की तैयारीएसडीएम ने बताया कि आगामी विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) से इस अभियान को शुरू करने की योजना है। इसके तहत बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा, साथ ही स्कूलों की बाहरी दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग, म्यूरल्स और आर्टवर्क भी तैयार किए जाएंगे, जिससे पूरा क्षेत्र रंगीन और जीवंत नजर आए।पर्यटन और ट्रैफिक प्लान से जुड़ी पहलएसडीएम ने कहा कि नगर पालिका द्वारा तैयार किए गए नए ट्रैफिक प्लान के तहत कई सड़कों को वन-वे बनाने की तैयारी है। ऐसे में इन मार्गों से गुजरने वाले पर्यटकों को अगर हरे-भरे और सजे-धजे स्कूल परिसर दिखाई देंगे, तो यह शहर की छवि को और बेहतर बनाएगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।स्कूलों से सुझाव, जल्द दूसरी बैठकयह पहली बैठक थी, जिसमें स्कूलों से सुझाव लिए गए और उन्हें इस अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। एसडीएम ने बताया कि अगले 15 दिनों में एक और बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इस योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।होटल एसोसिएशन ने भी किया समर्थनमसूरी होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहनी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि विदेशों में संस्थान अपने परिसरों के साथ बाहरी क्षेत्रों को भी सुंदर बनाते हैं, जिससे पूरे शहर की छवि बेहतर होती है। उन्होंने कहा कि मसूरी के प्रतिष्ठित स्कूल अगर इस दिशा में पहल करते हैं तो शहर का स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है।बरसात से पहले हरियाली का लक्ष्यप्रशासन का लक्ष्य है कि बरसात से पहले पौधारोपण कर लिया जाए, ताकि पौधे अच्छी तरह विकसित हो सकें और आने वाले समय में मसूरी का पूरा क्षेत्र हरियाली और फूलों से आच्छादित नजर आए।पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनेगा मसूरीइस पहल को प्रशासन, स्कूलों और स्थानीय स्टेकहोल्डर्स के संयुक्त प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अगर योजना सफल होती है तो मसूरी न केवल ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार करेगा, बल्कि “ग्रीन टूरिज्म” के रूप में भी नई पहचान बना सकता है। इस मौके पर संजय अग्रवाल अध्यक्ष होटल एसोसिएशन, रजत अग्रवाल अध्यक्ष भाजपा मसूरी, गौरव भसीन अधिशासी अधिकारी मसूरी, अनिरुद्ध चौधरी कर अधीक्षक मसूरी सहित कई लोग मौजूद थे।मसूरी में गोल्फ कार्ट को लेकर टकराव गहराया, मजदूर संघ ने दी चक्का जाम की चेतावनीमसूरी, 17 अप्रैल मसूरी। नगर पालिका परिषद मसूरी में गोल्फ कार्ट संचालन को लेकर विवाद एक बार फिर गरमा गया है। मजदूर संघ मसूरी ने अधिशासी अधिकारी को पत्र सौंपते हुए पूर्व में संचालित गोल्फ कार्ट को नये रिक्शा श्रमिकों को दी जाये व 40 नई गोल्फ को अभिलंभ लाया जाये। मांगें पूरी न होने पर 18 अप्रैल से धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम की चेतावनी दी गई है।मजदूर संघ के महामंत्री शोबन सिंह पवार और अध्यक्ष संपत लाल के नेतृत्व में दिए गए पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि पूर्व में संचालित 14 गोल्फ कार्ट को नये रिक्शा श्रमिकों को ही सौंपा जाए। उनका तर्क है कि इन गोल्फ कार्ट का संचालन सभी रिक्शा श्रमिकों का अधिकार है, जिन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इसके साथ ही संघ ने 40 नए गोल्फ कार्ट लाने की मांग भी उठाई है। मजदूर नेताओं का कहना है कि नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा पहले ही इसका आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।संघ ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान में कुछ ऐसे लोग गोल्फ कार्ट चला रहे हैं, जो पहले इस कार्य से जुड़े है उन्होंने मांग की कि जिन लोगों ने पूर्व में कार्ट संचालित किए थे, उनसे कार्ट वापस लेकर नये श्रमिकों को दिए जाएं। इसमें रणजीत सिंह चौहान, संजय टम्टा और वीरेंद्र सहित अन्य नामों का भी उल्लेख किया गया है। मजदूर संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो 18 अप्रैल से नगर पालिका परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही शहर में चक्का जाम भी किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी। यह निर्णय मजदूर संघ की एक बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल हुए।मसूरी में पटरी व्यापारियों का आक्रोश बढ़ा, 25 अप्रैल तक मांगें न मानी गईं तो भूख हड़ताल की चेतावनी मसूरी पर्यटन नगरी मसूरी में पटरी व्यापारियों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। रेडी-पटरी जन कल्याण समिति ने नगर पालिका प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि 25 अप्रैल तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने को मजबूर होंगे। मसूरी के कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में समिति के महासचिव संजय टम्टा और अध्यक्ष रामकिशन राही ने बताया कि समिति के सदस्य पिछले 12 दिनों से शहीद स्थल पर सांकेतिक धरना दे रहे हैं, लेकिन न तो प्रशासन और न ही नगर पालिका उनकी समस्याओं पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि अब पटरी व्यापारियों का सब्र जवाब देने लगा है। नेताओं ने कहा कि उनकी मुख्य मांग है कि सभी पटरी व्यापारियों को पूर्व की भांति माल रोड पर बैठने की अनुमति दी जाए, ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। वर्तमान स्थिति में कई व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कुछ व्यापारी अपने बच्चों की पढ़ाई तक छुड़ाने को मजबूर हो गए हैं। समिति ने यह भी मुद्दा उठाया कि सड़क किनारे बनाए गए वेंडिंग जोन पर भी अब आपत्तियां सामने आने लगी हैं, जिससे व्यापारियों की परेशानी और बढ़ गई है। साथ ही, सड़कों पर लगने वाले जाम को लेकर भी चिंता जताई गई और चेताया गया कि यदि उचित व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक नगर पालिका प्रशासन व्यवस्थित और स्थायी वेंडर जोन स्थापित नहीं करता, तब तक पटरी व्यापारियों को पूर्व की तरह निर्धारित स्थानों पर बैठने दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।
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Uttrakhand News:केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को अब मुफ्त वाई-फाई की सुविधा मिलनी हुई शुरू,तीर्थयात्रियों ने इस सुविधा पर खुशी जाहिर करते हुए सरकार और प्रशासन का जताया आभार

अब जब आप बाबा केदारनाथ के दर्शन को पहुंचेंगे तो श्रद्धा के साथ-साथ टेक्नोलॉजी का भी अनुभव कर पाएंगे। केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को अब मुफ्त वाई-फाई की सुविधा मिलनी शुरू हो गई है।

शनिवार को इसका सफल ट्रायल किया गया और इसके बाद इसे श्रद्धालुओं के लिए औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। बाबा के दर्शन को पहुंचे तीर्थयात्रियों ने इस सुविधा पर खुशी जाहिर करते हुए सरकार और प्रशासन का आभार जताया है। चारधाम यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हर साल शामिल होते हैं। केदारनाथ यात्रा को देश की सबसे कठिन पैदल यात्राओं में से एक माना जाता है। ऐसी यात्रा को अधिक सहज और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन लगातार नई-नई पहलें कर रहे हैं। इसी कड़ी में अब रुद्रप्रयाग जिला एक नई मिसाल बनकर सामने आया है।

🌸रुद्रप्रयाग ने बनाया अपना खुद का मोबाइल नेटवर्क

उत्तराखंड का रुद्रप्रयाग जिला अब देश का पहला ऐसा ज़िला बन गया है, जिसने आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए अपना खुद का मोबाइल नेटवर्क विकसित कर लिया है। इस नेटवर्क को ‘डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिसोर्स नेटवर्क’ (DDRN) नाम दिया गया है। यह नेटवर्क किसी भी आपदा या विकट परिस्थिति में भी लगातार कार्य करता रहेगा। इसमें मोबाइल डेटा, वॉयस कॉलिंग और हाई-क्वालिटी सीसीटीवी विजुअल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसी नेटवर्क के अंतर्गत श्रद्धालुओं को मुफ्त वाई-फाई की सुविधा भी दी जा रही है।

🌸कैसे ले फ्री वाई-फाई का लाभ

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती ने जानकारी दी कि इस वाई-फाई का लाभ लेने के लिए श्रद्धालुओं को अपने मोबाइल की वाई-फाई सेटिंग में जाकर अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत करना होगा। इसके बाद एक OTP मिलेगा। जिसे दर्ज करने पर श्रद्धालु केदारनाथ धाम में आधे घंटे तक हाई-स्पीड इंटरनेट का लाभ उठा सकेंगे।

🌸आपदा में जीवन रेखा बना यह नेटवर्क

जुलाई 2024 में जब केदारनाथ पैदल मार्ग पर भीषण आपदा आई थी और सभी मोबाइल नेटवर्क बंद हो गए थे, तब यही नेटवर्क एकमात्र संचार साधन बनकर उभरा था। इससे न केवल यात्रियों और स्थानीय मजदूरों को अपने परिजनों से संपर्क करने में मदद मिली बल्कि राहत और बचाव कार्यों में भी इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।श्रद्धालुओं के लिए इस तरह की सुविधाएं यात्रा को न केवल अधिक सुविधाजनक बनाती हैं बल्कि आपात स्थिति में संचार की मजबूत व्यवस्था भी सुनिश्चित करती हैं। सरकार और प्रशासन की इस पहल को स्थानीय लोग और यात्री एक बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।यह पहल न केवल उत्तराखंड के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है जहां तीर्थस्थलों पर टेक्नोलॉजी के माध्यम से सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित की जा रही हैं।

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