चार माह से जारी आरक्षण आंदोलन के समर्थन में रुद्रपुर में महायज्ञ, 24 घंटे का धरना शुरू; 19 सितंबर से आमरण अनशन की चेतावनी

बंगाली समाज को अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा एवं आरक्षण सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर रुद्रपुर के रविंद्रनाथ टैगोर पार्क में पिछले चार माह से चल रहे धरने के क्रम में रविवार को “आरक्षण हमारा अधिकार महायज्ञ” का आयोजन किया गया। महायज्ञ में शासन-प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए हवन कर सरकार से बंगाली समाज की वर्षों से लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक एवं ठोस निर्णय लेने की अपील की गई।
महायज्ञ का आयोजन तरुण विश्वास जी के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में सुब्रत कुमार विश्वास, भजन राय, नितिन विश्वास, राजू विश्वास, कथावाचक रामचंद्र राय सहित समाज के युवाओं, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने हवन में आहुति दी। सभी ने संकल्प लिया कि जब तक बंगाली समाज की जायज मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा।
आयोजकों ने कहा कि पिछले चार माह से लगातार धरना दिए जाने के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में महायज्ञ के माध्यम से सरकार और प्रशासन का ध्यान बंगाली समाज के मुद्दों की ओर आकर्षित किया गया। आयोजकों के अनुसार, हवन की राख देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भेजकर बंगाली समाज की मांगों पर ध्यान देने का आग्रह किया जाएगा।
बंगाली समाज की प्रमुख मांगें
आंदोलनकारियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल के विरुद्ध नहीं, बल्कि बंगाली समाज के अधिकार, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर है। प्रमुख मांगें हैं—
- बंगाली समाज को अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा एवं आरक्षण प्रदान किया जाए।
- समान अधिकार एवं समान अवसर सुनिश्चित किए जाएं।
- बंगाली भाषा को विद्यालयों में उचित स्थान देते हुए उसके संरक्षण एवं शिक्षा की व्यवस्था की जाए।
- बंगाली भाषा एवं शिक्षा से संबंधित विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था की जाए।
- हरिचंद ठाकुर छात्रवृत्ति की राशि बढ़ाई जाए।
- विस्थापित बंगाली परिवारों के भूमि एवं पुनर्वास संबंधी लंबित मामलों का समाधान किया जाए।
- पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र एवं अन्य नागरिक सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
- रुद्रपुर स्थित रविंद्रनाथ टैगोर पार्क का सौंदर्यीकरण एवं विकास कराया जाए।
- पार्क में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित की जाए।
- बंगाली समाज के सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए स्थायी सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाए।
महायज्ञ के बाद 24 घंटे का धरना
महायज्ञ के बाद आंदोलन को और व्यापक करते हुए धरने को 24 घंटे के धरने में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता अब दिन-रात धरना स्थल पर मौजूद रहकर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएंगे।
तरुण विश्वास जी ने कहा कि बंगाली समाज पिछले कई वर्षों से अपने अधिकारों की मांग करता आ रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर सहित विभिन्न स्थानों पर भी धरने एवं आंदोलन किए गए, लेकिन अभी तक समाज की मांगों का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अब समाज अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष को और मजबूत करेगा।
नितिन विश्वास जी ने कहा कि बंगाली समाज के अधिकारों के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। यदि अपने अधिकारों के लिए समाज को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़े तो समाज इसके लिए भी तैयार है।
भजन राय जी ने कहा कि बंगाली समाज अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने समाज के सभी लोगों से एकजुट होकर सुब्रत कुमार विश्वास और तरुण विश्वास के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया।
राजू विश्वास जी ने कहा कि बंगाली समाज के विभिन्न संगठन चुनाव के समय तो एकजुट दिखाई देते हैं, लेकिन समाज के मुद्दों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज के बुद्धिजीवी, वरिष्ठ नागरिक एवं सभी संगठन राजनीतिक और व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर समाज के अधिकारों के लिए एक मंच पर आएं।
कथावाचक रामचंद्र राय ने कहा— “मरते दम तक समाज के अधिकारों के लिए लड़ता रहूंगा”
कथावाचक रामचंद्र राय जी ने कहा कि बंगाली समाज को जब तक उसके अधिकार नहीं मिल जाते, तब तक वे समाज के अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा, “बंगाली समाज को जब तक अधिकार नहीं मिलेगा, मैं मरते दम तक समाज के अधिकारों के लिए लड़ता रहूंगा। 19 सितंबर और 20 सितंबर को कुछ बड़ा होने जा रहा है। आवश्यकता पड़ी तो समाज के अधिकारों के लिए मेरा जीवन भी निछावर है।”
उन्होंने समाज के सभी लोगों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने और बंगाली समाज के अधिकारों की लोकतांत्रिक लड़ाई को मजबूत करने का आह्वान किया।
15 सितंबर तक कार्रवाई नहीं तो 19 सितंबर से आमरण अनशन
आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन को अवगत कराते हुए कहा कि यदि 15 सितंबर 2026 तक बंगाली समाज की मांगों पर ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो 19 सितंबर 2026, शनिवार से जिला मुख्यालय कार्यालय परिसर में आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने कहा कि पिछले कई वर्षों से बंगाली समाज को आश्वासन दिए जाते रहे हैं, लेकिन अब समाज केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होगा। “आरक्षण हमारा अधिकार है” के नारे के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने यह भी कहा कि 19 और 20 सितंबर को आंदोलन के अगले चरण में बड़े लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी तैयारी समाज के स्तर पर की जा रही है।
महायज्ञ में बंगाली समाज के बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की भी उपस्थिति रही। आरक्षण हमारा अधिकार बंगाली एकता मंच ने समाज के सभी संगठनों, युवाओं, बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर लोकतांत्रिक आंदोलन में सहयोग करने का आह्वान किया।
प्रमुख रूप से उपस्थित रहे
महायज्ञ में राम चन्द्र राय, सुरेश विश्वास, विनोदनी राय, विद्युत विश्वास, प्रदीप विश्वास, ईश्वर विश्वास, रंजीत कुमार मंडल, वीर सिंह, दीपक विश्वास, उत्कर्ष, गप्पू राय, सुशील कुमार, अरुण सरकार, गणेश सरकार, उपेंद्र राय, सुमित, अजय राय, रोहित राय, अजय पाल, कृष्ण साहा, विशाल मल्लिक, गोलू हंटर, नितेश पाल, विष्णु विश्वास, सुबोध सरकार, सुभाष राय, विक्की विश्वास, भूपेन राय, पिंटू राय एवं देव नाथ सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा मौजूद रहे।
आंदोलनकारियों ने कहा—
«“आरक्षण हमारा अधिकार है और अपने अधिकार, सम्मान एवं आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष अंतिम निर्णय तक जारी रहेगा।”»
📢 पत्रकार बंधुओं से अनुरोध
समस्त पत्रकार बंधुओं, समाचार पत्रों, न्यूज पोर्टलों एवं डिजिटल मीडिया प्रतिनिधियों से अनुरोध है कि 6 सितंबर को आयोजित “आरक्षण हमारा अधिकार महायज्ञ”, चार माह से जारी धरने, 24 घंटे के धरने तथा बंगाली समाज की लंबित मांगों को अपने समाचार माध्यमों में प्रमुखता से स्थान प्रदान कर समाज की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में सहयोग करें।
स्थान: रविंद्रनाथ टैगोर पार्क, रुद्रपुर
कार्यक्रम: आरक्षण हमारा अधिकार महायज्ञ
दिनांक: 6 सितंबर 2026
आयोजक: बंगाली आरक्षण संघर्ष समिति एवं सहयोगी सामाजिक कार्यकर्ता
मुख्य संदेश: आरक्षण हमारा अधिकार
