गुरु सम्मान से गूंजा जवाहर नवोदय विद्यालय पौखाल-विद्यार्थियों ने संभाली शिक्षकों की भूमिका

पौखाल/टिहरी गढ़वाल/श्रीनगर गढ़वाल। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पौखाल टिहरी गढ़वाल में शनिवार को शिक्षक दिवस हर्षोल्लास,उमंग और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान,कृतज्ञता और स्नेह व्यक्त करते हुए शिक्षक-शिष्य की गौरवशाली परंपरा को जीवंत किया। पूरे विद्यालय परिसर में दिनभर उत्सव जैसा माहौल बना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने उनके व्यक्तित्व एवं शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। शिक्षक दिवस के अवसर पर कक्षा 12 वीं के विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों को आकर्षक ग्रीटिंग कार्ड भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने एक अनूठी पहल करते हुए कक्षाओं में शिक्षकों की भूमिका निभाई। कक्षा 12 वीं के छात्र-छात्राओं ने विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों का शिक्षण कराया,जबकि विद्यालय के अध्यापकगण ने उनके शिक्षण कौशल,प्रस्तुतीकरण एवं विषय की समझ का मूल्यांकन किया। गुरु की भूमिका में विद्यार्थियों का यह अनुभव बेहद रोचक और शिक्षाप्रद रहा। शाम चार बजे आयोजित विशेष सम्मान समारोह में विद्यार्थियों ने शिक्षकों के सम्मान में उपहार भेंट किए। इस दौरान भाषण,कविता,गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक उनके जीवन को सही दिशा देने,आत्मविश्वास बढ़ाने और सफलता की राह दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समारोह के दौरान शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के बीच विभिन्न मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य मोहित कुमार ने सभी विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन,व्यक्तित्व एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं रहते,बल्कि उनके व्यक्तित्व,चरित्र,संस्कार और सोच को भी दिशा देते हैं। एक शिक्षक ही विद्यार्थी को जिम्मेदार,संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी के बीच का संबंध केवल कक्षा तक सीमित नहीं होता,बल्कि यह जीवनभर मार्गदर्शन और प्रेरणा देने वाला संबंध है। विद्यार्थियों द्वारा शिक्षक दिवस पर जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया,वह गुरु-शिष्य परंपरा की मजबूती का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह और उमंग का वातावरण बना रहा। विद्यार्थियों ने पूरे दिन विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शिक्षक दिवस को यादगार बनाया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक सत्येंद्र सैनी,मोहसिन खान,देवेंद्र सिंह रावत,अंकित रावत,लखविंदर सिंह,उदित कुमार,जया सुंदरियाल,नेहा कुमारी,रेनू,प्रिया,नीरज मौर्य,लोकेश चोपड़ा सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं,गैर-शैक्षणिक कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
