Monday 16/ 03/ 2026 

Bharat Najariya
नानकमत्ता साहिब में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया होला मोहल्लानानकमत्ता। गुरुद्वारा छठी पातशाही तपेड़ा नानकमत्ता साहिब में रविवार को होला मोहल्ला का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर दूर-दूर से बड़ी संख्या में सिख संगत गुरुद्वारा परिसर में पहुंची और गुरु साहिब के चरणों में मत्था टेका।हर वर्ष की तरह इस बार भी होला मोहल्ला का आयोजन धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष लंगर सेवा की व्यवस्था की गई, जहां बड़ी संख्या में संगत ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके साथ ही गुरुद्वारा परिसर में कीर्तन दरबार का आयोजन भी हुआ, जिसमें रागी जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन कर संगत को निहाल किया।इस दौरान गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब के प्रधान जोगिंदर सिंह भी कार्यक्रम में पहुंचे और संगत को होला मोहल्ला की बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पर्व सिख परंपरा, साहस और सेवा भावना का प्रतीक है।प्रधान जोगिंदर सिंह ने बताया कि आने वाले वर्षों में होला मोहल्ला के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए और बेहतर व्यवस्थाएं की जाएंगी, ताकि दूर-दराज से आने वाली संगत को किसी प्रकार की असुविधा न हो।कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।रुद्रपुर में CA’s XI और SGST XI के बीच रोमांचक मैत्री क्रिकेट मैच आयोजित:राष्ट्रीय लोक अदालत में त्वरित न्याय की मिसाल-बाह्य न्यायालय श्रीनगर में 208 मामलों का हुआ निस्तारणजिलाधिकारी के निर्देशन में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था की जांच हेतु 15 प्रवर्तन टीमों का औचक निरीक्षण अभियाननानकमत्ता में स्मैक के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, करीब एक लाख की बरामदगी नानकमत्ता (ऊधमसिंहनगर)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देश पर जनपद में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली नानकमत्ता पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने मोटरसाइकिल से स्मैक की तस्करी कर रहे दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब एक लाख रुपये कीमत की स्मैक बरामद की है।पुलिस के अनुसार प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नानकमत्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान 14 मार्च 2026 को मोटरसाइकिल से स्मैक/हेरोइन का परिवहन कर रहे दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।तलाशी लेने पर अभियुक्तों के कब्जे से कुल 6.85 ग्राम स्मैक (हेरोइन) बरामद हुई। इस मामले में कोतवाली नानकमत्ता में एफआईआर संख्या 55/2026 धारा 8/21/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम व पते इस प्रकार हैं—अरुण गोस्वामी पुत्र राजकुमार गोस्वामी, निवासी ग्राम मुंडेली, कोतवाली खटीमा, जनपद ऊधमसिंहनगर।अजय शंकर डूंगराकोटी पुत्र दुर्गा दत्त डूंगराकोटी, निवासी भुजिया नंबर-03, जय इष्ट देव कॉलोनी चारुबेटा, कोतवाली खटीमा, जनपद ऊधमसिंहनगर।बरामदगी का विवरणपुलिस के अनुसार अरुण गोस्वामी के कब्जे से एक पारदर्शी प्लास्टिक पन्नी में 3.72 ग्राम स्मैक (शुद्ध वजन 3.05 ग्राम) तथा अजय शंकर डूंगराकोटी के कब्जे से एक पारदर्शी प्लास्टिक पन्नी में 4.47 ग्राम स्मैक (शुद्ध वजन 3.80 ग्राम) बरामद की गई।पुलिस टीम में शामिल अधिकारी व कर्मचारीनिरीक्षक सुनील कुमार, उपनिरीक्षक कृपाल सिंह, हेड कांस्टेबल नवनीत कुमार और कांस्टेबल नवीन बमेठा शामिल रहे।मेट्रोपोलिस सिटी के भव्य द्वार और बूम बैरियरों का महापौर ने किया उद्घाटनमेट्रोपोलिस सिटी के भव्य द्वार और बूम बैरियरों का महापौर ने किया उद्घाटन

प्रदेश का पांचवां धाम सेम-मुखेम नागराज मंदिर उपेक्षा का दंश झेल रहा

गढ़वाल।  सड़क मार्ग से लगभग ढ़ाई किमी की खड़ी पैदल चढ़ाई चढ़ने के लिए रास्ता ठीक तक नहीं बनाया गया है। यहां पैदल रास्ता घोड़े-खच्चरों को चलने के लिए लायक भी नहीं है। रास्तों पर स्ट्रीट लाइट तो लगायी गई,किंतु वह भी शरारती तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दी गई है। जिससे यहां आने वाले तीर्थ यात्रियों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। लोगों ने जल्द पांचवें धाम में सुविधाएं जुटाने की मांग उठाई है। श्री कृष्ण भगवान सेममुखेम नागराजा मंदिर उत्तराखंड के टिहरी जिले में स्थित है। जिले के प्रतापनगर ब्लॉक के उपली रमोली पट्टी में स्थित सेम मुखेम नागराजा मंदिर सेम मुखेम में भगवान श्रीकृष्ण को शेषनाग के अवतार के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण सेम मुखेम में यात्रा के लिए आए थे तो उन्हें यह स्थल पसंद आया था और सेम मुखेम के राजा गंगू रमोला से भगवान कृष्ण ने अपने लिए जगह मांगी थी,किंतु राजा गंगू रमोला ने भगवान कृष्ण को जगह देने से मना कर दिया था। जिस पर भगवान कृष्ण नाराज होते और गंगू रमोला की सभी गाय भैंस को पत्थर बना दिया था। जिसके बाद गंगू रमोला के उक्त जगह पर स्थान देने पर भगवान श्रीकृष्ण के रुप में यहीं पर स्थापित हो गए। आज उक्त स्थान पर मंदिर में बड़ी संख्या में विभिन्न स्थानों से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रहती है। गढवाल में नागराज के दो ही मंदिर प्रसिद्ध हैं। पौड़ी से 35 किमी की दूरी पर बहुत ही रौतैली (रमणीय स्थान) जगह है जहाँ पर श्री कृष्ण भगवान ने बद्रीनाथ जाते समय विश्राम किया था,इस स्थान को डांडा नागराज के नाम से प्रसिद्ध मिली। दूसरा सेममुखेम नागराजा मंदिर। जहां मंदिर में भगवान कृष्ण के नागराजा स्वरूप के दर्शन होते हैं। मंदिर में स्थापित नागराज फन फैलाये हैं और भगवान कृष्ण नागराज के फन के ऊपर वंशी की धुन में लीन हैं। भैरवनाथ का मंदिर भी पैदल रास्ते में जहां भी लोग बड़ी संख्या में दर्शन करते है। धार्मिक महत्व होने के बाद और पांचवें धाम कहे जाने वाले सेममुखेम नागराजा मंदिर में आज भी अव्यवस्थाएं बनी हुई है। सड़क मार्ग से ढ़ाई किमी पैदल दूरी का रास्ता ठीक नहीं बन पाया है। यहां तक कि रास्ते पर कहीं भी शौचालय या टॉयलेट की व्यवस्था नहीं है। श्रीनगर से पहुंचे श्रद्धालु सुरेन्द्र सिंह भंडारी,मनमोहन सिंधवाल,विपेन्द्र बिष्ट ने कहा कि पर्यटन एवं संस्कृति विभाग को जल्द यहां के विकास पर ध्यान देना चाहिए। यहां चारधाम की तर्ज पर विकास करना चाहिए। रोपवे या टिन की छत वाला रास्ता बनाया जाना चाहिए। ताकि यहां महिलाओं,बुजुर्ग और बच्चों को पैदल चलने में आसानी हो सके और यहां भी श्रीद्धालुओं की भीड़ चारधाम की तर्ज पर बढ़े। यहां का पैदल रास्ता तक ठीक नहीं किया गया है। घोड़े-खच्चर में जाने वाले लोगों भी बड़ी मुश्किल से सफर तय कर रहे है। पंडित सविंदर प्रकाश वशिष्ठ ने कहा कि नागराजा मंदिर सेम मुखेम के पैदल रास्ते से लेकर कई असुविधाएं यहां है। जिसके लिए कार्य होना चाहिए। जिससे यहां अधिक से अधिक श्रद्धालु यहां पहुंचे। यहां पैदल रास्ते पर लंबे समय पर स्ट्रीट लाइटें लगी पर वह भी शरारती तत्वों द्वारा तोड़ दी गई। उन्होंने कहा कि धार्मिक महत्व के पौराणिक नागराजा मंदिर में सभी सुविधाएं जुटाने के लिए सरकार व प्रशासन को कार्य करना चाहिए। कोट-टिहरी प्रधान संगठन जिला सचिव एवं मीडिया प्रभारी चन्द्रशेखर पैन्यूली ने कहा कि नागराजा मंदिर सेम मुखेम पांचवां धाम मात्र बना है,किंतु जिस तरह की व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं के लिए होनी चाहिए थी वह नहीं हो पाया। कहा कि प्रशासन और पर्यटन विभाग को विकास का खाका तैयार कर चारधाम धाम की तर्ज पर विकसित करने की पहल करनी चाहिए। कहा कि रोपवे से लेकर तमाम बाते हुई थी, किंतु अभी तक कार्यवाही नहीं की गई। पैन्यूली ने कहा कि नागराजा मंदिर सेम मुखेम की व्यवस्थाएं बढ़ेगी तो यहां श्रद्धालुओं की खासी भीड़ जुटेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। जो भगवान कृष्ण द्वारा गाय और भैसों को पत्थर बना दिया था वह पत्थर आज भी विराजमान है,जिन पर व्यू प्वाइंट बनाने चाहिए।