Sunday 19/ 04/ 2026 

Bharat Najariya
भगवान परशुराम के नाम से बनेगा तीन मंजिला कम्युनिटी हॉलः विकास शर्माबंग भवन के लिए नई भूमि चिन्हितकांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा हुआ बेनकाबः विकास शर्माकराटे ग्रेडिंग टेस्ट में छात्रों ने किया शानदार प्रदर्शन, तीन छात्रों को मिला ब्लैक बेल्टगुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कारों का संगम ही उज्जवल भविष्य की कुंजी–देवेन्द्र गौड़चारधाम यात्रा से पहले प्रशासन एक्शन मोड में-जिलाधिकारी ने निरीक्षण कर परखी हर व्यवस्थादेवभूमि गीतों की गूंज से सराबोर हुआ श्रीनगर-नरेन्द्र संगीत सप्ताह में लोकधुनों ने बांधा समांकैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यो की समीक्षामसूरी क्षेत्र के ग्राम सभा दूधली में जमीन-वन विवाद भड़का, सैकड़ों ग्रामीण कोतवाली पहुंचे, भू-माफियाओं पर कब्जे और गोली की धमकी के आरोपपुलिस की भूमिका पर भी सवाल, वन भूमि पर अवैध तारबाड़ से बढ़ा खतराकृ, डीएफओ से हस्तक्षेप की मांग, उग्र आंदोलन की चेतावनीमसूरी, 18 अप्रैल मसूरी क्षेत्र के ग्राम सभा दूधली (भद्राज ) में जमीन और वन अधिकार को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। शनिवार को सैकड़ों ग्रामीण मसूरी कोतवाली पहुंच गए और भू-माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर आक्रोश जताया।ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ भू-माफिया उनकी पुश्तैनी जमीन और सामुदायिक वन क्षेत्र पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। विरोध करने पर उन्हें गोली मारने तक की धमकी दी जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों में तीखा विवाद हुआ, जिसमें हालात तनावपूर्ण हो गए।पुलिस पर संरक्षण देने के आरोपमामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब ग्रामीणों ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए। उनका आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, बल्कि भ्रष्टाचार में लिप्त होकर भू-माफियाओं को संरक्षण दिया। इस आरोप ने पूरे घटनाक्रम को और संवेदनशील बना दिया है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोपग्रामीणों ने वन विभाग की भूमि पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रतिबंधित वन क्षेत्रों में भू-माफियाओं द्वारा अवैध रूप से तारबाड़ (फेंसिंग) की जा रही है। इससे न केवल वन क्षेत्र पर कब्जे की आशंका बढ़ रही है, बल्कि जंगली जानवरों के प्राकृतिक रास्ते भी बाधित हो रहे हैं। परिणामस्वरूप जंगली जानवर अब गांव की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में अमित कुवर (डीएफओ, मसूरी) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों पर रोक लग सके।ग्राम सभा का सख्त रुख, सीमांकन और टोल बैरियरसमाजिक कार्यकर्ता जब्बर वर्मा ने बताया कि बढ़ते विवाद के बीच ग्राम सभा दूधली में आयोजित बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। वनाधिकार कानून 2006 के तहत सामुदायिक वन संसाधनों का सीमांकन किया गया और पारंपरिक सीमाओं पर बॉर्डर चिन्ह लगाए गए। साथ ही दूधली चौक पर टोल बैरियर स्थापित कर क्षेत्र में आने-जाने वाले वाहनों का रिकॉर्ड रखने का निर्णय लिया गया।ग्राम सभा ने साफ किया कि उसकी पारंपरिक सीमा में किसी भी बाहरी व्यक्ति को अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वनाधिकार कानून के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सीमांकन कार्य में बाधा डालने और झूठी शिकायत करने वालों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।महिलाओं को धमकाने और माहौल बिगाड़ने के आरोपग्रामीणों ने कुछ असामाजिक तत्वों पर महिलाओं को धमकाने और गांव का माहौल खराब करने के आरोप भी लगाए। ऐसे मामलों में भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया गया है।‘जन अधिकारों की लड़ाई’, ग्रामीणों का ऐलानटिहरी जनपद के जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह रावत और पूर्व पालिकाध्यक्ष मसूरी मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि यह केवल जमीन का नहीं, बल्कि उनके परंपरागत अधिकारों और अस्तित्व का सवाल है। यदि प्रशासन और वन विभाग ने समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर सभासद जसबीर कौर, सिकंदर सिंह, राजेश सिंह, दिनेश पुंडीर, दिनेश सिंह, राजेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र रावत, विजेन्द्र रावत, सुरेन्द्र सिह रावत के साथ अन्य लोग मौजूद थे।
उत्तराखण्डज़रा हटकेहल्द्वानी

हल्द्वानी_38वें राष्ट्रीय खेलों की स्विमिंग प्रतियोगिता का समापन,विजेता खिलाड़ियों को आयुक्त दीपक रावत ने किया सम्मानित

हल्द्वानी – उत्तराखंड के हल्द्वानी में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के स्विमिंग प्रतियोगिता का आज समापन हो गया, जिसमें कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने विभिन्न इवेंट्स में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए। इस अवसर पर भारतीय ओलंपिक संघ के पूर्व महासचिव राजीव मेहता भी उपस्थित थे।कमिश्नर दीपक रावत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों ने देवभूमि उत्तराखंड को देश में एक नई पहचान दिलाई है। हल्द्वानी में स्विमिंग, ट्रायथलॉन, खो-खो, फुटबॉल और कल से शुरू हो रहे ताई कमांडो जैसे खेलों का आयोजन हुआ है, जिससे हल्द्वानी को भी राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली है।राष्ट्रीय खेलों के दौरान पूरे प्रदेश में खेलों की आधारभूत संरचना में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिससे अब किसी भी खेल के लिए अन्य राज्यों की ओर रुख करने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार 38वें राष्ट्रीय खेलों पर नजर बनाए हुए हैं और रोजाना हो रहे खेलों की जानकारी और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में अपडेट ले रहे हैं।14 फरवरी को पुरस्कार समारोह आयोजित होना है, जिसमें देश के गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में हल्द्वानी पहुंचेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर मुख्य सचिव स्तर से लगातार बैठकें हो रही हैं, और कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।कमिश्नर ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि उत्तराखंड में खेलों की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार और जिला अधिकारी सभी खेलों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। पोलो वाटर स्पर्धा में सर्विसेज ने महाराष्ट्र को 10-9 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। तैराकी प्रतियोगिता सम्पन्न हो गई है। प्रतियोगिता में पुरुषों में प्रथम कर्नाटक,द्वितीय तमिलनाडु तथा तृतीय स्थान पर महाराष्ट्र रही। महिलाओं में कर्नाटक प्रथम,महाराष्ट्र द्वितीय तथा उड़ीसा तृतीय स्थान पर रही, कर्नाटक की धीनिधि ने तैराकी की कुल 11 प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया जिसमें उन्होंने 9 स्वर्ण,1 रजत और एक कांस्य पदक हासिल किया। 11 पदकों में से 6 स्वर्ण पदक व्यक्तिगत धीनिधि के नाम है। 5 रिले में हैं। सभी प्रतिभागियों द्वारा राष्ट्रीय खेलों के अयोजन की सराहना।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बिताए पलों की बेहतर यादों को लेकर अपने राज्य वापस लौट रहे हैं।

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