Sunday 26/ 07/ 2026 

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को डीएम के माध्यम से भेजा ज्ञापन, बांग्ला भाषा लागू करनी की घोषणा के बाद भी विलंब क्यों

बंगाली बहुमूल्य क्षेत्र में बांग्ला भाषा लागू करने की हो रही देरी पर खड़े किए सवाल

रुद्रपुर – (एम सलीम खान संवाददाता) भाजपा सरकार की घोषणा के बाद भी बंगाली बहुमूल्य क्षेत्रों में अभी तक बांग्ला भाषा को व लागू करने में सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है साल 2017 के बाद से अखिल भारतीय बंगाली समाज एकता मंच ने इस मामले में बहुत से ज्ञापन देकर सरकार से बांग्ला भाषा लागू करने की पुरजोर वकालत की थी।

बंगाली समाज से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने न सिर्फ सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जिलाधिकारी के माध्यम से दर्जनों ज्ञापन भेजे जा चुके हैं,जिसे लेकर बंगाली समाज से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने फिर एक बार सरकार को जगाने का प्रयास किया है और सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को डीएम के जरिए भेजे गए ज्ञापन में बांग्ला भाषा को लागू करने की मांग को दोहराया है बंगाली समाज के जनप्रतिनिधियों का कहना है।

भाजपा की राज्य सरकार द्वारा बंगाली समाज को बांग्ला भाषा लागू करने का आश्वासन दिया और बहुत से सार्वजनिक रूप से बांग्ला भाषा लागू करने की बात कही थी भारत सरकार द्धारा बंगाली समाज को बांग्ला भाषा लागू करने की वादा खिलाफी से बंगाली समाज में ग़ुस्सा उत्पन्न हो रहा है बंगाली बहुमूल्य क्षेत्रों में आज तक बांग्ला भाषा लागू न करना गंभीर मुद्दा है विगत कई सालों के बाद भी बांग्ला भाषा को धरातल पर नहीं उतारा गया है।

भाजपा सरकार में शिक्षा मंत्री रहे गदरपुर विधायक अरविंदर पांडेय की ओर सदन में बांग्ला भाषा लागू करने का मुद्दा उठाया गया उन्होंने एक नहीं बल्कि बहुत सी बार सदन में इस मुद्दे की वकालत की और केन्द्र द्वारा विभिन्न माध्यमों से बांग्ला भाषा को प्रोत्साहन देने की पुर वकालत करते हुए बांग्ला भाषा को लागू करने की सिफारिश की लेकिन उत्तराखंड के बंगाली बहुमूल्य क्षेत्रों के विद्यालयों में बांग्ला भाषा पढ़ने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई।

और आपसे बार बार आग्रह किए जाने पर भी सरकार ने कोई उचित कदम नहीं उठाया, ज्ञापन में कहा कि बंगाली समाज से किए गए वादों को पूरा करने में सरकार ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई और अब बांग्ला भाषा को लागू करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोडे बंगाली बहुमूल्य क्षेत्रों जैसे शक्ति फार्म दिनेशपुर रुद्रपुर के सरकारी विद्यालयों में बांग्ला भाषा शिक्षक को तैनात करने की मांग की गई है।

बांग्ला भाषा के लोगों को बांग्ला भाषा पढ़ने के लिए व्यापक स्तर से व्यवस्था करने की मांग की और बांग्ला भाषा के अनुभवी अध्यापकों की नियुक्ति करने की मांग की गई है ज्ञापन में कहा कि ऐसे करने से बंगाली समाज के युवाओं को अपनी भाषा और संस्कृति से जुड़ने के अवसर प्रदान होगे , इस दौरान समाजसेवी सुब्रत कुमार विश्वास सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

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