सीडीएस जनरल अनिल चौहान के आगमन को लेकर विश्वविद्यालय में मंथन कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने तैयारियों की समीक्षा

श्रीनगर गढ़वाल। चौरास परिसर स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आगामी 21 फरवरी को प्रस्तावित देश के रक्षा प्रमुख (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान के कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कार्यक्रम की गंभीरता और गरिमा को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ जुटा हुआ है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई,जिसमें विभिन्न समितियों द्वारा की जा रही तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। कार्यक्रम के समन्वयक प्रो.एम.पी.एस.बिष्ट ने बैठक में अवगत कराया कि आयोजन को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए गठित सभी समितियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। प्रत्येक समिति ने अपने-अपने दायित्वों तथा अब तक की प्रगति का बिंदुवार विवरण प्रस्तुत किया। बैठक में स्वागत एवं प्रोटोकॉल व्यवस्था,विशिष्ट अतिथियों के सत्कार,मंच सज्जा,ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था,बैनर और बैठक प्रबंधन,गार्ड ऑफ ऑनर की तैयारी,सुरक्षा एवं अनुशासन व्यवस्था,पुस्तकालय प्रबंधन सहित अन्य व्यवस्थाओं पर गहन चर्चा हुई। कुलपति ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध,समन्वित और उच्च मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं, ताकि विश्वविद्यालय की गरिमा के अनुरूप कार्यक्रम संपन्न हो सके। बैठक में लोक निर्माण विभाग,कीर्तिनगर के अधीक्षण अभियंता धर्मेन्द्र टम्टा भी उपस्थित रहे। उन्होंने आश्वासन दिया कि परिसर एवं उससे जुड़े सभी प्रमुख सड़क मार्गों की मरम्मत और दुरुस्ती का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा,जिससे आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में कुलसचिव अनीस उज जमान,अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं,मुख्य नियंता प्रो.दीपक कुमार,प्रो.मोहन पंवार,प्रो.एच.बी.एस.चौहान,प्रो.राजेंद्र सिंह नेगी,प्रो.राकेश डोडी,प्रो.वाई.पी.रैवानी,प्रो.सीमा धवन,प्रो.बी.पी.नैथानी,डॉ.बृजेश गांगिल,डॉ.वी.के.पुरोहित,डॉ.एस.एस.बिष्ट,डॉ.कपील पंवार सहित संबंधित समितियों के अधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि सीडीएस का यह दौरा न केवल संस्थान के लिए गौरव का विषय है,बल्कि छात्रों और शोधार्थियों के लिए भी प्रेरणादायी अवसर सिद्ध होगा। कार्यक्रम को ऐतिहासिक और अनुकरणीय बनाने के लिए विश्वविद्यालय परिवार पूरी तत्परता से कार्यरत है।
