Thursday 23/ 04/ 2026 

Bharat Najariya
प्रीत विहार के लोगों को मिली दो सड़कों की सौगातनारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोकने वाली कांग्रेस का चेहरा हुआ बेनकाबः शांति मेहरापेयजल संकट से निपटने को महापौर ने कसी कमरमसूरी-देहरादून मार्ग पर राहत की तैयारी, सीएम धामी ने बेली ब्रिज का किया निरीक्षण, जल्द दूसरा पुल के निर्माण को पूरा करने के दिये निर्देशचारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन से पहले सड़कों को दुरुस्त करने के आदेश, 2 से 3 दिन में मसूरी देहरादून मार्ग पर बनने वाला दूसरा बेली ब्रिज तैयार होने का दावारिपोर्टर सुनील सोनकरमसूरी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी-देहरादून मार्ग पर निर्माणाधीन बेली ब्रिज का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि आगामी पर्यटन सीजन और चारधाम यात्रा को देखते हुए सभी प्रमुख मार्गों को समय रहते दुरुस्त किया जाए, ताकि यात्रियों और पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मसूरी-देहरादून मार्ग पर बन रहे बेली ब्रिज के समानांतर दूसरा बेली ब्रिज भी जल्द तैयार किया जाए। इससे यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा और जाम की समस्या से राहत मिलेगी।2 से 3 दिन में दूसरा बेली ब्रिज तैयार होने का दावासीएम धामी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि शिव मंदिर के पास क्षतिग्रस्त पुल के कारण मार्ग संचालन में दिक्कत आ रही थी, जिसे देखते हुए अस्थायी बेली ब्रिज बनाया गया था। अब दूसरा बेली ब्रिज भी तेजी से तैयार किया जा रहा है और इसे अगले 2 से 3 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।स्थायी पुल पर भी तेजी से काममुख्यमंत्री ने कहा कि स्थायी (पक्का) पुल निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है, जिसे अगले 2 से 3 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे भविष्य में इस मार्ग पर यातायात और अधिक सुगम होगा।पर्यटन और यात्रा को ध्यान में रखकर तैयारीउन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक प्रमुख पर्यटन राज्य है, जहां हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। ऐसे में सरकार का प्रयास है कि सड़कों और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए, ताकि किसी को भी असुविधा का सामना न करना पड़े।बीआरआ को भी निर्देशमुख्यमंत्री ने बीआरओ (बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन) को भी उनके अधीन आने वाले मार्गों को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियां समन्वय बनाकर कार्य करें, ताकि यात्रा सीजन से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो सकें।लंढौर क्षेत्र में जमीन धंसाव का खतरा गहराया, सड़क में दरारों से दहशत, तत्काल कार्रवाई की मांग मसूरी। मसूरी के लंढौर क्षेत्र में भू-धंसाव और सड़क में पड़ती दरारों ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में लगातार बिगड़ती स्थिति को लेकर लोगों ने प्रशासन से त्वरित और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर पड़ रही दरारें दिन-ब-दिन चौड़ी होती जा रही हैं। इन दरारों से बारिश और सीपेज का पानी रिसकर आसपास के भवनों की नींव को कमजोर कर रहा है, जिससे बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई है। स्थिति केवल सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की भौगोलिक स्थिरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।कानूनों के नाम पर असंतुलन-श्रीनगर गोष्ठी में आरक्षण,एट्रोसिटी और यूजीसी नियमों पर बड़ा मंथनउफल्डा के आरसी मेमोरियल स्कूल में बेटियों का जलवा-खेल प्रतिभाओं का सम्मान,पहाड़ से उठ रही नई उड़ाननेगी ही उत्तराखंड की सांस्कृतिक धुरी-गढ़वाल विश्वविद्यालय में गूंजा लोकसंगीत का जादूउच्च शिक्षा के 80 शिक्षक लेंगे आईआईएससी बेंगलुरु में प्रशिक्षणसमलौण से सजी श्रद्धांजलि-पौधारोपण के माध्यम से मां की स्मृति को दिया जीवन,श्रीनगर में अनोखी पहल
राज्य

पेयजल संकट से निपटने को महापौर ने कसी कमर

  • जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों संग बनाई रणनीति
  • अमृत योजना के तहत निःशुल्क मिलेंगे पानी के कनेक्शन

रुद्रपुर । भीषण गर्मी के आगाज और शहर में संभावित पेयजल संकट की आहट को देखते हुए महापौर विकास शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को नगर निगम कार्यालय में जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में महापौर ने घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

महापौर विकास शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी ‘अमृत योजना’ की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि इस योजना के तहत 750 फीट की गहराई से निकाला जा रहा पानी गुणवत्ता में सर्वश्रेष्ठ और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। इसे घर-घर पहुंचाने के लिए प्रथम चरण में रमपुरा, संजय नगर खेड़ा और सुभाष कॉलोनी को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। महापौर ने जनता को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की कि इन क्षेत्रों के निवासियों को नए पानी के कनेक्शन लेने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा; कनेक्शन का पूरा खर्च नगर निगम वहन करेगा।

जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निर्णय लिया गया कि अब प्रत्येक सोमवार को जल संस्थान के जेई अनिवार्य रूप से नगर निगम कार्यालय में बैठेंगे। इससे आम जनता सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगी और नए कनेक्शन की फाइलें भी जल्द निस्तारित होंगी। शिकायतों की निगरानी के लिए जल्द ही एक टोल-फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा। महापौर ने विभागीय तालमेल पर जोर देते हुए कहा कि जहां पाइपलाइन खराब है या स्टाफ की कमी है, वहां नगर निगम की टीम मरम्मत का कार्य करेगी और जल संस्थान आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराएगा।

शहर के हर वर्ग का ध्यान रखते हुए महापौर ने निर्देश दिए कि जो लोग व्यक्तिगत कनेक्शन नहीं ले सकते, उनके लिए वार्डों में स्टैंड पोस्ट लगाए जाएं ताकि उन्हें निशुल्क पानी मिल सके। सार्वजनिक स्थानों पर वाटर कूलर और मांग वाले क्षेत्रों में वाटर टैंकर्स की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, भीषण गर्मी में बेजुबान पशुओं के लिए जगह-जगह पानी के टब रखवाए जाएंगे। महापौर ने बताया कि शहर के शेष 26 वार्डों में नई पाइपलाइन बिछाने के लिए भारत सरकार ने 196 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट मंजूर कर दिया है, जिसका टेंडर जल्द आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन ‘हर घर जल’ को अपनी सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को टीम भावना से कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में नगर आयुक्त शिप्रा जोशी पाण्डे, सहायक नगर आयुक्त रणदीप, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. पियूष रंजन, राजू नबियाल, तरूण शर्मा, एसडीओ अन्नु अरोरा, अधिशासी अभियंता राकेश कुमार, सीएमएम मनोज कर्नाटक, जल निगम के एई सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता जल संस्थान तरूण शर्मा, पार्षद चिराग कालरा, पार्षद प्रतिनिधि मानवेन्द्र, शुभम पाल सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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