Monday 04/ 05/ 2026 

Bharat Najariya
मसूरी में पार्किंग के नाम पर ‘लूट’! पर्यटकों से वसूले जा रहे मनमाने पैसे, प्रशासन पर उठे सवालमसूरी, 3 मई  पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटन को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। पर्यटन सीजन शुरू होते ही शहर की पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गई है। सरकारी और निजी पार्किंग संचालकों पर पर्यटकों से मनमाने तरीके से वसूली करने के आरोप लग रहे हैं। हालत यह है कि एक रात की पार्किंग के नाम पर पर्यटकों से एक हजार से पद्रहा सौ रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जबकि सुविधाओं के नाम पर अधिकांश पार्किंग स्थलों पर कुछ भी उपलब्ध नहीं है।शनिवार को भारी भीड़ के चलते मसूरी की लगभग सभी पार्किंग फुल रहीं। इसी का फायदा उठाकर कई पार्किंग संचालकों ने खुलेआम मनमानी शुरू कर दी। सबसे बड़ी बात यह रही कि मसूरी के किसी भी पार्किंग स्थलों पर न तो रेट लिस्ट चस्पा मिली और न ही किसी प्रकार की सरकारी गाइडलाइन दिखाई दी। ऐसे में पर्यटक मजबूरी में मनमाना शुल्क देने को विवश नजर आए।दिल्ली से आए पर्यटक संतोश यादव ने बताया कि माल रोड के पास पार्किग में वाहन खड़ा करने के लिए उनसे एक रात के एक हजार रुपये लिए गए। वहीं अन्य पर्यटकों ने आरोप लगाया कि कुछ निजी पार्किंग संचालकों ने बारह सौ रुपये तक वसूले और विरोध करने पर अभद्रता की गई। पर्यटकों का कहना है कि उनसे साफ कहा गया कि “अगर पैसे नहीं देने तो गाड़ी बाहर ले जाओ।”पर्यटकों ने सवाल उठाया कि जब मसूरी में पर्यटन को बढ़ावा देने की बात की जा रही है, तो पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था क्यों नहीं है। उनका कहना है कि हर पार्किंग स्थल के बाहर बड़े बोर्ड पर निर्धारित शुल्क, समय सीमा और शिकायत नंबर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित होने चाहिए ताकि कोई भी संचालक मनमानी न कर सके।जांच में यह भी सामने आया कि कई पार्किंग स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं। वहीं शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सुविधाओं का भी अभाव है। ऐसे में यदि किसी वाहन के साथ चोरी, दुर्घटना या अन्य घटना होती है तो पर्यटकों को मदद मिलना मुश्किल हो सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन और पुलिस इस पूरे मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं।मामले पर मसूरी के एसडीएम राहुल आनंद ने कहा कि प्रशासन ने पूरे मामले का संज्ञान लिया है। जल्द ही सभी सरकारी और निजी पार्किंग स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा और वहां निर्धारित रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से लगवाई जाएगी। साथ ही पार्किंग स्थलों पर एसडीएम, पुलिस और अन्य अधिकारियों के संपर्क नंबर भी प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि पर्यटक सीधे शिकायत दर्ज करा सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई पार्किंग संचालक पर्यटकों से अभद्रता करता या निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली करते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर पार्किंग निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पार्किंग व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो इसका सीधा असर मसूरी की छवि और पर्यटन व्यवसाय पर पड़ेगा। लगातार बढ़ती शिकायतें साफ संकेत दे रही हैं कि पर्यटन सीजन में मसूरी की पार्किंग व्यवस्था अब बड़े “खेल” का रूप ले चुकी है, जिस पर प्रशासन को तत्काल सख्त कदम उठाने होंगे।विकास की रफ्तार या विनाश की आहट? मसूरी की वहन क्षमता पर बढ़ता दबाव, अनूप नौटियाल ने उठाए सवालपहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार बढ़ते निर्माण कार्य, नई सड़क परियोजनाएं और पर्यटन दबाव अब चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। मशहूर सोशल एक्टिविस्ट अनुप नौटियाल ने मसूरी की “केयरिंग कैपेसिटी” यानी वहन क्षमता को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस योजना नहीं बनाई गई तो आने वाले वर्षों में मसूरी को भारी पर्यावरणीय और यातायात संकट का सामना करना पड़ सकता है।अनूप नौटियाल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की रिपोर्ट के अनुसार मसूरी की पार्किंग क्षमता केवल 1240 वाहनों की है, लेकिन इसके बावजूद लगातार ऐसे प्रोजेक्ट आगे बढ़ाए जा रहे हैं, जिनसे मसूरी में पर्यटकों और वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, वैकल्पिक सड़कें और रोपवे जैसी परियोजनाएं कनेक्टिविटी तो बढ़ा रही हैं, लेकिन शहर की वास्तविक क्षमता को नजरअंदाज किया जा रहा है।उन्होंने सवाल उठाया कि जब मसूरी पहले ही हर वीकेंड और पर्यटन सीजन में जाम, पानी की कमी, पार्किंग संकट और कूड़ा निस्तारण जैसी समस्याओं से जूझ रही है, तो अतिरिक्त दबाव को आखिर शहर कैसे झेलेगा। उनका कहना है कि विकास योजनाओं के साथ यह भी तय होना चाहिए कि शहर कितना भार वहन कर सकता है और उसके अनुरूप ही पर्यटकों की संख्या तथा निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित किया जाना चाहिए।नौटियाल ने कहा कि बिना दीर्घकालिक योजना के लगातार निर्माण कार्य और पर्यटन विस्तार पहाड़ों की पारिस्थितिकी के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अंधाधुंध विकास के कारण भूस्खलन, जल संकट, ट्रैफिक जाम और पर्यावरण प्रदूषण जैसी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।स्थानीय लोगों का भी कहना है कि मसूरी में पहले ही हालात बदतर होते जा रहे हैं। वीकेंड पर घंटों जाम, पार्किंग के नाम पर मनमानी वसूली, पानी और बिजली की समस्या तथा बढ़ता प्रदूषण पर्यटन नगरी की पहचान को प्रभावित कर रहा है। उनका कहना है कि यदि सरकार और प्रशासन ने समय रहते “सस्टेनेबल टूरिज्म मॉडल” नहीं अपनाया तो मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन कारोबार दोनों प्रभावित होंगे।विशेषज्ञों का मानना है कि मसूरी जैसे संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में विकास योजनाओं को लागू करने से पहले पर्यावरणीय प्रभाव, संसाधनों की उपलब्धता और वहन क्षमता का गंभीर अध्ययन जरूरी है। अन्यथा पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाएं ही भविष्य में शहर के लिए सबसे बड़ा संकट बन सकती हैं।पावन स्मृतियों में समलौण का संकल्प-प्रसिद्ध समाजसेवी ठाकुर सुंदर सिंह चौहान की प्रथम पुण्यतिथि पर पौधारोपण से दी गई श्रद्धांजलिआंधी-तूफान का तांडव-बीजीआर महाविद्यालय परिसर में वाहनों पर गिरे विशाल पेड़,फायर टीम की तत्परता से टला बड़ा खतराआस्था का अद्भुत महाकुंभ-गढ़खालेश्वर धाम भटोली में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब,गुरु गोरखनाथ जन्मोत्सव बना जनआस्था का विराट उत्सवश्रीनगर क्षेत्र के दो दिवसीय भ्रमण पर रहेंगे कैबिनेट मंत्री डाॅ.धन सिंह रावतसेवा,संस्कार और स्वच्छता का संगम-शंकर मठ में भागीरथी कला संगम का प्रेरणादायी अभियानतीन माह से मानदेय ठप-स्वास्थ्य मिशन के 5000 कर्मचारी आर्थिक संकट में,आंदोलन की चेतावनीअसम, पुंडुचेरी, पश्चिम बंगाल मे भाजपा की ऐतिहासिक जीत का विधायक शिव अरोरा अपने कार्यालय पर कार्यकताओं संग आतिशबाजी,मिष्ठान खिलाकर मनाया जश्ननविधायक बोले पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्मा नेतृत्व का परिणाम, टीएमसी के अराजकता गुंडाराज का हुआ अंतरुद्रपुर मे भी छाई बंगाल की झालमुड़ी, विधायक कार्यालय पर समर्थकों ने जमकर खायी झालमुड़ी
राज्य

आंधी-तूफान का तांडव-बीजीआर महाविद्यालय परिसर में वाहनों पर गिरे विशाल पेड़,फायर टीम की तत्परता से टला बड़ा खतरा


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में बीती रात आए तेज आंधी-तूफान ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया,वहीं श्रीनगर स्थित बीजीआर महाविद्यालय परिसर में एक गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। तूफान की चपेट में आकर परिसर में खड़े वाहनों के ऊपर दो विशाल और भारी पेड़ गिर पड़े,जिससे वाहनों को भारी क्षति पहुंची और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही जिला नियंत्रण कक्ष पौड़ी द्वारा फायर स्टेशन पौड़ी को तत्काल सूचित किया गया। सूचना मिलते ही फायर यूनिट ने बिना समय गंवाए आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना होकर अपनी तत्परता का परिचय दिया। मौके पर पहुंची फायर टीम ने स्थिति का जायजा लेते हुए पाया कि तेज तूफान के कारण दो बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सीधे वाहनों पर गिर गए थे,जिससे दोनों वाहन बुरी तरह दब गए और क्षतिग्रस्त हो गए। परिस्थिति की गंभीरता को समझते हुए फायर कर्मियों ने अत्यंत सतर्कता और पेशेवर कुशलता का परिचय देते हुए लकड़ी काटने वाली मशीन का प्रयोग किया। फायर टीम ने बड़े ही सुनियोजित तरीके से पेड़ों को छोटे-छोटे हिस्सों में काटकर हटाया,ताकि वाहनों को और अधिक नुकसान न पहुंचे। टीम के समन्वित प्रयासों और अथक मेहनत के चलते कुछ ही समय में रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया गया और दबे हुए वाहनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई,हालांकि दोनों वाहनों को आंशिक क्षति पहुंची है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने फायर टीम की त्वरित कार्रवाई और दक्षता की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती,तो नुकसान और अधिक बढ़ सकता था। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि आपदा की घड़ी में फायर सेवा की सक्रियता और तत्परता किस प्रकार बड़े खतरे को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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