मानव सेवा में सभी संस्थाओं का सहयोग सराहनीय, श्रेय नहीं सेवा सबसे बड़ी पहचान

किच्छा। समाज में कार्यरत सामाजिक संस्थाओं का मुख्य उद्देश्य मानव सेवा और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुँचाना है। किसी भी जरूरतमंद की मदद के दौरान यह मायने नहीं रखता कि सहायता किस संस्था के माध्यम से हुई, बल्कि सबसे बड़ी बात यह है कि सामूहिक प्रयासों से किसी व्यक्ति का जीवन बच गया और उसे समय पर सहयोग मिल सका।
धरा सेवा फाउंडेशन ट्रस्ट के सचिव प्रदीप सिंह खालसा ने कहा कि सामाजिक सेवा कभी भी प्रतिस्पर्धा का विषय नहीं होनी चाहिए। सभी सामाजिक संस्थाओं को आपसी सहयोग और समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोगों तक बिना किसी देरी के सहायता पहुँच सके।
उन्होंने कहा कि सेवा का वास्तविक उद्देश्य नाम या प्रसिद्धि प्राप्त करना नहीं, बल्कि मानवता की रक्षा करना और समाज के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करना है। यदि सभी संस्थाएँ एक-दूसरे का सहयोग करते हुए कार्य करें, तो समाज में सेवा, भाईचारे और विश्वास की भावना और अधिक मजबूत होगी तथा अधिक से अधिक लोगों तक सहायता पहुँचाई जा सकेगी।
उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों से अपील की कि वे श्रेय की भावना से ऊपर उठकर केवल मानव सेवा को प्राथमिकता दें, क्योंकि किसी की जान बच जाना ही सबसे बड़ी सफलता और सबसे बड़ा सम्मान है।
