Sunday 19/ 07/ 2026 

Bharat Najariya
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राज्य

राष्ट्रीय गुणवत्ता की कसौटी पर खरा उतरा श्रीनगर का बेस चिकित्सालय-एनएबीएच प्रमाणन से स्वास्थ्य सेवाओं में रचा नया इतिहास


श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के पर्वतीय अंचल के लिए यह एक ऐतिहासिक, गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी उपलब्धि है। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय चिकित्सा विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान से संबद्ध बेस चिकित्सालय श्रीनगर ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) का प्रतिष्ठित प्रवेश स्तर चिकित्सालय प्रमाणन प्राप्त कर लिया है। यह उपलब्धि केवल एक प्रमाणपत्र नहीं,बल्कि वर्षों की कठिन तपस्या,अनुशासित कार्यसंस्कृति,आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था,रोगी सुरक्षा,पारदर्शी प्रशासन और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति संस्थान की अटूट प्रतिबद्धता की राष्ट्रीय स्तर पर मिली आधिकारिक मान्यता है। यह सफलता विशेष रूप से संस्थान के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ.आशुतोष सयाना के दूरदर्शी नेतृत्व,प्रभावी प्रशासनिक क्षमता और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति उनके सतत प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। उनके नेतृत्व में अस्पताल में रोगी सुरक्षा,संक्रमण नियंत्रण,स्वच्छता,आधुनिक चिकित्सा प्रबंधन,चिकित्सा अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव,आपातकालीन सेवाओं की मजबूती तथा मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। यही कारण है कि आज बेस चिकित्सालय को राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्ता की पहचान मिली है। राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड देश का सर्वोच्च गुणवत्ता मूल्यांकन संस्थान है,जो अस्पतालों की कार्यप्रणाली का अत्यंत कठोर मानकों पर परीक्षण करता है। रोगी सुरक्षा,चिकित्सकीय गुणवत्ता,संक्रमण नियंत्रण,आपातकालीन सेवाएं,औषधि प्रबंधन,स्वच्छता,चिकित्सा अभिलेख,मानव संसाधन प्रबंधन,मरीजों के अधिकार,उपकरणों की गुणवत्ता तथा अस्पताल की समग्र व्यवस्था का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद ही किसी संस्थान को यह प्रतिष्ठित प्रमाणन प्रदान किया जाता है। इस राष्ट्रीय प्रमाणन के बाद बेस चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को पहले से अधिक सुरक्षित,व्यवस्थित,पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी। उपचार प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक और मानकीकृत होगी। संक्रमण नियंत्रण,औषधि प्रबंधन,आपातकालीन चिकित्सा,शिकायत निवारण,स्वच्छता और रोगी सुरक्षा के सभी मानकों का और अधिक प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इससे मरीजों का विश्वास और मजबूत होगा तथा पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को महानगरों जैसी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध होंगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि एनएबीएच प्रमाणन किसी अस्पताल की यात्रा का अंतिम पड़ाव नहीं,बल्कि निरंतर गुणवत्ता सुधार की नई शुरुआत है। इससे अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था अधिक जवाबदेह होगी,संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा,चिकित्सा सेवाओं की नियमित निगरानी होगी तथा प्रत्येक मरीज को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सम्मानजनक,सुरक्षित और विश्वसनीय उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे लगभग नौ माह तक चली निरंतर तैयारी,योजनाबद्ध कार्ययोजना और पूरी टीम का सामूहिक समर्पण रहा। अस्पताल को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए प्रत्येक विभाग में व्यापक सुधार किए गए। रोगी सुरक्षा,संक्रमण नियंत्रण,स्वच्छता,आपातकालीन सेवाएं,चिकित्सा अभिलेख,औषधि प्रबंधन,मरीजों के अधिकार,उपकरणों के रखरखाव तथा अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था को निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित किया गया। इस पूरी प्रक्रिया का सफल संचालन एवं समन्वय एनएबीएच समन्वयक डॉ.गौरी बिष्ट के नेतृत्व में किया गया। उनके निर्देशन में चिकित्सालय के प्रत्येक विभाग ने गुणवत्ता सुधार की दिशा में निरंतर कार्य किया। निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए चिकित्सकों,नर्सिंग अधिकारियों,तकनीकी विशेषज्ञों,पैरामेडिकल कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने दिन-रात मेहनत कर अस्पताल की कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप तैयार किया। तैयारियों के बाद मुंबई और नई दिल्ली से आए तीन सदस्यीय विशेषज्ञ दल ने लगातार तीन दिनों तक अस्पताल का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की सेवाओं का 170 गुणवत्ता मानकों पर विस्तृत मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण दल ने रोगी सुरक्षा,उपचार व्यवस्था,संक्रमण नियंत्रण,आपातकालीन सेवाएं,चिकित्सा अभिलेख,प्रशासनिक व्यवस्था,उपकरणों की गुणवत्ता,स्वच्छता,मरीजों के अधिकार तथा अस्पताल की समग्र कार्यप्रणाली का सूक्ष्म परीक्षण किया। सभी मानकों पर संतोषजनक प्रदर्शन के बाद गुणवत्ता परिषद भारत के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड ने ई-मेल के माध्यम से बेस चिकित्सालय को प्रवेश स्तर चिकित्सालय प्रमाणन प्रदान करने की आधिकारिक स्वीकृति जारी कर दी। शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज का प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली जाकर इसका आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्राप्त करेगा। एनएबीएच समन्वयक डॉ.गौरी बिष्ट ने बताया कि यह उपलब्धि पूरे चिकित्सालय परिवार की एकजुटता,अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह प्रमाणन भविष्य में और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करेगा। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि का श्रेय केवल एक व्यक्ति को नहीं,बल्कि पूरे चिकित्सालय परिवार को जाता है। प्राचार्य प्रो.डॉ.आशुतोष सयाना के कुशल नेतृत्व में चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राकेश रावत,डॉ.दीपा हटवाल,डॉ.सतीश,डॉ.ए.एन.पाण्डेय,डॉ.एन.बोरा,डॉ.अरुण गोयल सहित सभी विभागाध्यक्षों,विशेषज्ञ चिकित्सकों,नर्सिंग अधिकारियों,तकनीकी विशेषज्ञों,पैरामेडिकल कर्मियों,प्रशासनिक अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने दिन-रात अथक परिश्रम करते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया। इसी प्रकार संदीप पंवार,योगेश रावत,करण,सुखवीर,राजेंद्र सिंह चौहान,शैलेन्द्र भट्ट,विक्रम भण्डारी तथा पंकज रावत सहित संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए इस ऐतिहासिक उपलब्धि को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं बेस चिकित्सालय की जनसंपर्क अधिकारी टीम ने संस्थान की उपलब्धियों,जनहितकारी स्वास्थ्य सेवाओं और सकारात्मक पहलों को प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाकर समाज और संस्थान के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनाने का सराहनीय कार्य किया। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि बेस चिकित्सालय को मिला यह राष्ट्रीय प्रमाणन उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक नया मानदंड स्थापित करेगा। इससे न केवल मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी,बल्कि चिकित्सालय में गुणवत्ता सुधार की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। यह उपलब्धि पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक,सुरक्षित और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सफलता केवल बेस चिकित्सालय श्रीनगर की नहीं,बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। यह सिद्ध करती है कि समर्पित नेतृत्व,प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम,अनुशासित कार्यप्रणाली और जनसेवा के संकल्प के बल पर पर्वतीय क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं स्थापित की जा सकती हैं। हमारी गुणवत्ता ही हमारी पहचान है और उत्कृष्ट सेवा ही हमारा संकल्प-यह अब केवल एक संदेश नहीं,बल्कि बेस चिकित्सालय श्रीनगर की कार्यसंस्कृति,जनसेवा और राष्ट्रीय गुणवत्ता का जीवंत परिचय बन चुका है। राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) का प्रतिष्ठित प्रमाणन प्राप्त होने पर चिकित्सा जगत,जनप्रतिनिधियों,सामाजिक संगठनों और आमजन ने प्राचार्य प्रो.डॉ.आशुतोष सयाना,एनएबीएच समन्वयक डॉ.गौरी बिष्ट तथा पूरे चिकित्सालय परिवार को हार्दिक बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि आने वाले समय में बेस चिकित्सालय श्रीनगर उत्तराखंड ही नहीं,बल्कि पूरे हिमालयी क्षेत्र में उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का आदर्श केंद्र बनकर नई पहचान स्थापित करेगा।

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