Sunday 19/ 07/ 2026 

Bharat Najariya
किच्छा की बदहाली का कौन जिम्मेदार?🔸एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में ऑपरेशन प्रहार” के तहत उधम सिंह नगर पुलिस को मिली सफलता।आईटी पार्क को फ्लैश फ्लड से मिलेगी मुक्ति, बनेगा ‘एकीकृत बाढ़ शमन प्लान’,हरेला पर प्रकृति आराधना का संदेश-रोटरी क्लब श्रीनगर ने पंचतत्व आश्रम बलोड़ी में किया पौधरोपण और संस्कृत विद्यार्थियों को किया सम्मानितसत् साहित्य बनेगा नशामुक्त और संस्कारित समाज का आधार-उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने किया अनमोल प्रेरणा दायिनी प्रंसग का लोकार्पणनीति तारा डिजिटल टूलकिट से होगी योजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंगपौड़ी में औद्योगिक विकास को मिली नई रफ्तार-जिला प्राधिकृत समिति ने पांच नई औद्योगिक इकाइयों को दी सैद्धांतिक स्वीकृतिप्रत्येक जनपद में स्थापित होंगी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटियां–डॉ.धन सिंह रावतनिर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं–डाॅ.धन सिंह रावतगर्भावस्था में दुर्लभ हाइडेटिड सिस्ट का सफल ऑपरेशन-बेस अस्पताल श्रीनगर के चिकित्सकों ने बचाई मां और गर्भस्थ शिशु की जिंदगी
राज्य

हरेला पर प्रकृति आराधना का संदेश-रोटरी क्लब श्रीनगर ने पंचतत्व आश्रम बलोड़ी में किया पौधरोपण और संस्कृत विद्यार्थियों को किया सम्मानित


श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर रोटरी क्लब श्रीनगर ने पंचतत्व आश्रम किष्किंधा बलोड़ी में पौधरोपण कर प्रकृति संरक्षण का प्रेरणादायी संदेश दिया। भारतीय संस्कृति में वृक्षों को देवतुल्य माना गया है और हरेला पर्व प्रकृति,हरियाली,समृद्धि तथा जीवन के संरक्षण का प्रतीक है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए क्लब के सदस्यों ने विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर आश्रम परिसर में संचालित संस्कृत विद्यालय के विद्यार्थियों के मध्य पर्यावरण संरक्षण विषयक निबंध,चित्रकला एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने प्रकृति संरक्षण,स्वच्छ पर्यावरण,जल-संरक्षण एवं वृक्षों के महत्व पर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रोटरी क्लब श्रीनगर के अध्यक्ष रोटेरियन अनिल ढौंडियाल ने कहा कि हरेला केवल एक लोकपर्व नहीं,बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था,कृतज्ञता और उत्तरदायित्व का पर्व है। उन्होंने कहा कि यदि पृथ्वी को सुरक्षित और संतुलित रखना है तो प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी नियमित देखभाल करनी होगी। पर्यावरण संरक्षण आज केवल सामाजिक दायित्व नहीं बल्कि मानव अस्तित्व की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। क्लब के डायरेक्टर (पर्यावरण एवं वन संरक्षण) रोटेरियन प्रवीण थपलियाल ने कहा कि वन हमारी संस्कृति,जैव विविधता और जलवायु संतुलन के आधार हैं। उन्होंने पौधों के वैज्ञानिक महत्व,उनके संरक्षण की आवश्यकता तथा पौधरोपण के बाद नियमित देखभाल की जानकारी देते हुए कहा कि एक पौधा केवल वृक्ष नहीं,बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड की लोक परंपराओं में हरेला का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। यह पर्व मानव और प्रकृति के अटूट संबंध का प्रतीक है तथा हमें यह संदेश देता है कि वृक्षों की सेवा ही सच्चे अर्थों में सृष्टि और ईश्वर की सेवा है। प्रकृति का संरक्षण ही मानव जीवन की रक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है। इस अवसर पर क्लब सचिव रोटेरियन डॉ.हरीश भट्ट,कोषाध्यक्ष रोटेरियन डॉ.राजेंद्र सिंह भंडारी,वंदना थपलियाल,रोटेरियन एस.पी.घिल्डियाल,रोटेरियन नरेश नौटियाल,रोटेरियन खिलेंद्र चौधरी,रोटेरियन के.बी.थपलियाल,रोटेरियन ओम प्रकाश गोदियाल,रोटेरियन दिनेश प्रसाद जोशी,रोटेरियन वरुण कपूर,रोटेरियन दिनेश चौहान,रोटेरियन रविंद्र कैंतुरा,रोटेरियन सीताराम बहुगुणा,संस्कृत विद्यालय के प्रबंधक पारस चौहान,शिक्षक महेंद्र जुयाल,भास्कर खंकरियाल, कमलेश मुयाल,पूनम डोभाल सहित विद्यालय परिवार के सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन रोटेरियन अनूप घिल्डियाल ने किया। पूरे आयोजन में पर्यावरण संरक्षण,भारतीय संस्कृति,आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सहभागिता का सुंदर समन्वय देखने को मिला,जिसने हरेला पर्व की भावना को सार्थक रूप से जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।

Check Also
Close