Sunday 19/ 07/ 2026 

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सत् साहित्य बनेगा नशामुक्त और संस्कारित समाज का आधार-उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने किया अनमोल प्रेरणा दायिनी प्रंसग का लोकार्पण


देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के साहित्यिक,शैक्षिक एवं सांस्कृतिक परिदृश्य में शुक्रवार का दिन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का साक्षी बना,जब प्रख्यात साहित्यकार एवं समर्पित शिक्षक अखिलेश चन्द्र चमोला की नवीन कृति अनमोल प्रेरणा दायिनी प्रसंग का भव्य विमोचन प्रदेश के उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। गरिमामयी वातावरण में आयोजित इस समारोह में साहित्य,शिक्षा,चिकित्सा एवं समाजसेवा से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। पुस्तक का विमोचन करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके संस्कारित,चरित्रवान और जागरूक युवा होते हैं। आज जब आधुनिकता और पाश्चात्य संस्कृति के अंधानुकरण के कारण युवा वर्ग अनेक सामाजिक बुराइयों,विशेषकर नशे की प्रवृत्ति की ओर आकर्षित हो रहा है, ऐसे समय में सत् साहित्य ही उन्हें सही दिशा प्रदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि अच्छी पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं होतीं,बल्कि वे व्यक्तित्व निर्माण,नैतिक जागरण और सामाजिक चेतना का भी सशक्त माध्यम होती हैं। डॉ.रावत ने लेखक अखिलेश चन्द्र चमोला की सराहना करते हुए कहा कि अध्यापन जैसी व्यस्त जिम्मेदारियों के बीच समाज के नैतिक उत्थान के लिए साहित्य सृजन करना अत्यंत प्रेरणादायी कार्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनमोल प्रेरणा दायिनी प्रसंग युवा पीढ़ी को सकारात्मक सोच,उच्च जीवन मूल्यों,राष्ट्रप्रेम,सामाजिक उत्तरदायित्व और नशामुक्त जीवन की प्रेरणा देने वाली महत्वपूर्ण कृति सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल तकनीकी शिक्षा की नहीं,बल्कि ऐसी शिक्षा और साहित्य की भी है जो मनुष्य को संवेदनशील,संस्कारित और जिम्मेदार नागरिक बनाए। यदि युवा पीढ़ी को श्रेष्ठ साहित्य से जोड़ा जाए तो समाज में बढ़ती हिंसा,नशाखोरी,नैतिक पतन और सामाजिक विघटन जैसी समस्याओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भी पुस्तक की विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि यह कृति केवल साहित्य प्रेमियों के लिए ही नहीं,बल्कि विद्यार्थियों,शिक्षकों,अभिभावकों और समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत है। पुस्तक जीवन के विविध प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से सकारात्मक सोच,आत्मविश्वास,अनुशासन,नैतिकता और मानवीय मूल्यों को सशक्त बनाने का संदेश देती है। इस अवसर पर एमआरआई मेडिकल कॉलेज के उपाचार्य डॉ.महेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होने के साथ-साथ उसके भविष्य का मार्गदर्शक भी होता है। वर्तमान समय में ऐसी प्रेरणादायी पुस्तकों का प्रकाशन समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है। समारोह में उपस्थित साहित्यकारों,शिक्षाविदों,बुद्धिजीवियों एवं समाजसेवियों ने लेखक अखिलेश चन्द्र चमोला को इस उत्कृष्ट साहित्यिक कृति के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक जनमानस में सकारात्मक सोच का संचार करेगी तथा युवा पीढ़ी को जीवन में उत्कृष्टता,नैतिकता और राष्ट्र निर्माण के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देगी। कार्यक्रम का समापन लेखक के उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य एवं पुस्तक की व्यापक सफलता की मंगलकामनाओं के साथ हुआ। उपस्थित सभी अतिथियों ने इसे उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को नई ऊर्जा देने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

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