Wednesday 26/ 08/ 2026 

Bharat Najariya
महापौर ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल महिला कांस्टेबल का हाल जानासंस्कृत के जयघोष से गूंज उठा श्रीनगर-भव्य शोभायात्रा ने जगाया संस्कृति और संस्कारों का गौरवगढ़वाल विश्वविद्यालय के बीजीआर परिसर पौड़ी में उद्यमिता की पाठशाला-छात्रों ने सीखा आइडिया को कारोबार में बदलने का हुनरजयालगढ़ में भाजपा का बढ़ा कुनबा-विधायक विनोद कंडारी के नेतृत्व में मातृशक्ति ने थामा भगवासंस्कृत शिक्षकों की समस्याओं पर गरजी आवाज,मानदेय वृद्धि से समान कार्य-समान वेतन तक उठी मजबूत मांगगौधामों की व्यवस्थाओं पर संयुक्त मजिस्ट्रेट की पैनी नजर,चारा-पानी से लेकर स्वास्थ्य जांच तक दिए सख्त निर्देशपैठाणी में उमड़ा मातृशक्ति का सैलाब-ऋतु खंडूड़ी और डॉ.धन सिंह रावत ने रक्षाबंधन पर दिया महिला सम्मान और सशक्तिकरण का संदेशदोगुना मुनाफे का झांसा देकर 3.30 करोड़ की ठगी,कथित डॉक्टर बहन गुजरात से गिरफ्तारएसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं निर्वाचन अधिकारियों के साथ हुई बैठकमुख्यमंत्री ने पांच वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित विशेष एल्बम गीत का किया विमोचन
राज्य

गढ़वाल विश्वविद्यालय के बीजीआर परिसर पौड़ी में उद्यमिता की पाठशाला-छात्रों ने सीखा आइडिया को कारोबार में बदलने का हुनर


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ के युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं,बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में मंगलवार को गढ़वाल विश्वविद्यालय के बीजीआर परिसर पौड़ी में महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। युवाओं में उद्यमशीलता की सोच विकसित करने और उन्हें स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से परिसर में उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के निर्देशन में जिला उद्योग केंद्र कोटद्वार की ओर से आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को व्यवसाय शुरू करने से लेकर उसे व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने तक की पूरी प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सहायक प्रबंधक नीरज नेगी,बिजेन्द्र सिंह एवं अंकित सिंह ने कहा कि किसी भी सफल उद्यम की नींव केवल पूंजी से नहीं,बल्कि बेहतर सोच,मजबूत कार्ययोजना,बाजार की जरूरतों की समझ और उपलब्ध संसाधनों के सही इस्तेमाल से तैयार होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि एक छोटे से व्यवसायिक विचार को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर उसे सफल उद्यम का रूप दिया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं को व्यवसायिक विचार के चयन,उद्यम की योजना तैयार करने,बाजार का आकलन,उद्यम पंजीकरण तथा विभिन्न विभागीय प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। युवाओं को यह भी समझाया गया कि उद्यम शुरू करने से पहले बाजार की मांग,ग्राहक की आवश्यकता,लागत,संभावित आय और जोखिम जैसे पहलुओं का अध्ययन करना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न ऋण,अनुदान और वित्तीय सहायता योजनाओं की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि पात्र युवा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं तथा छोटे स्तर से शुरू किए गए उद्यम को अनुभव और बाजार की मांग के अनुरूप धीरे-धीरे विस्तार दे सकते हैं। वक्ताओं ने पर्वतीय क्षेत्रों में उद्यमिता की संभावनाओं पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय कृषि उत्पाद,बागवानी,पर्यटन,हस्तशिल्प,स्थानीय खाद्य उत्पाद,प्रसंस्करण एवं सेवा क्षेत्र में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। यदि युवा स्थानीय संसाधनों और अपनी प्रतिभा को व्यवसायिक सोच के साथ जोड़ें तो न केवल वे स्वयं आत्मनिर्भर बन सकते हैं,बल्कि अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने उद्यम शुरू करने में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों,ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया,सरकारी सहायता,पंजीकरण तथा व्यवसाय के विस्तार से संबंधित अनेक सवाल विशेषज्ञों के सामने रखे। अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर निदेशक बीजीआर परिसर उमेश चंद्र गैरोला,लीड बैंक अधिकारी किशन सिंह रावत,मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना कोटद्वार से सैन सिंह राणा,प्रो.अनूप पांडे,डॉ.नीलम नेगी,डॉ.सपना रावत सहित अन्य अधिकारी,कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि बदलते दौर में रोजगार का अर्थ केवल सरकारी या निजी नौकरी तक सीमित नहीं है। सही सोच,कौशल,योजना और सरकारी योजनाओं की जानकारी के सहारे युवा स्वयं अपना रोजगार खड़ा कर सकते हैं और दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं। बीजीआर परिसर में आयोजित यह प्रशिक्षण युवाओं में उद्यमिता की नई सोच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Check Also
Close