श्रीनगर में गूंजा कान्हा की बाल लीलाओं का उल्लास-ऐतिहासिक रामलीला मैदान में दही-हांडी की धूम,नन्हे बाल गोपालों ने मोहा मन

श्रीनगर गढ़वाल। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं,माखन-मिश्री की मिठास और राधा-कृष्ण के प्रेम से जुड़ी सनातन संस्कृति की मनोहारी छटा उस समय श्रीनगर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में जीवंत हो उठी,जब विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की ओर से भव्य दही-हांडी प्रतियोगिता एवं नन्हे बाल गोपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे नन्हे बाल गोपालों ने अपनी मासूम मुस्कान और मनमोहक रूप से उपस्थित जनसमुदाय का मन जीत लिया,वहीं दही-हांडी प्रतियोगिता में प्रतिभागी टीमों के रोमांचक प्रदर्शन ने पूरे वातावरण में उत्साह और उमंग भर दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं,सामाजिक कार्यकर्ताओं,जनप्रतिनिधियों एवं भाजपा पदाधिकारियों ने सहभागिता कर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशियां साझा कीं। आयोजन के दौरान पूरा रामलीला मैदान जय श्रीकृष्ण,राधे-राधे और नंद के आनंद भयो,जय कन्हैया लाल की जैसे जयघोषों से गूंजता रहा। दही-हांडी प्रतियोगिता में विभिन्न टीमों ने पूरे उत्साह और रोमांच के साथ प्रतिभाग किया। ऊंचाई पर लटकाई गई दही-हांडी को फोड़ने के लिए प्रतिभागी टीमों ने सामूहिक एकजुटता और साहस का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान मैदान में मौजूद दर्शकों ने तालियों और जयघोषों के साथ प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। रोमांचक मुकाबले के बाद अनमोल एकेडमी की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दही-हांडी प्रतियोगिता अपने नाम की। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और भावुक कर देने वाला पक्ष नन्हे बाल गोपाल कार्यक्रम रहा। छोटे-छोटे बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को धारण कर ऐसा मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया कि हर कोई उन्हें निहारता रह गया। एक वर्ष तक के आयु वर्ग में कृतिका ने प्रथम,अक्ष ने द्वितीय तथा गुनगुन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं एक से पांच वर्ष आयु वर्ग में अविका प्रकाश ने प्रथम,काशवी चौहान ने द्वितीय तथा प्रणव रतूड़ी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बच्चों की मासूम अदाओं,कान्हा के रूप और पारंपरिक वेशभूषा ने कार्यक्रम में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक रंग भर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने नन्हे बाल गोपाल कार्यक्रम के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। उन्होंने आयोजकों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं का संरक्षण केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए,बल्कि इन्हें बच्चों के संस्कार और दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन धर्म,कर्म,नीति,प्रेम,करुणा,मित्रता और कर्तव्यबोध का संदेश देता है। बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं उनकी बाल लीलाओं से जोड़ना हमारी संस्कृति और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि श्रीनगर नगर निगम की महापौर आरती भण्डारी ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं,बल्कि भारतीय संस्कृति,पारिवारिक संस्कार और सामाजिक समरसता का उत्सव है। दही-हांडी और नन्हे बाल गोपाल जैसे आयोजन बच्चों को अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में जब बच्चे मोबाइल और तकनीक की दुनिया में अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं,ऐसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन उन्हें अपनी जड़ों,परंपराओं और संस्कारों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महापौर ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप प्रेम,सरलता और आनंद का प्रतीक है। बच्चों के भीतर इन्हीं मूल्यों का विकास कर हम एक संस्कारित और संवेदनशील समाज का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने आयोजन के लिए विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए सभी नगरवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता की भी सुंदर झलक देखने को मिली। विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर नागेश्वर महादेव मंदिर के महंत नितिन पुरी,डॉ.दीपा रावत,विश्व हिंदू परिषद के प्रांत कार्यकारी अध्यक्ष चिंतामणि सेमवाल,विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष राकेश गौड़,संत निरंकारी मिशन के संयोजक हरि लाल शाह,भाजपा श्रीनगर मंडल अध्यक्ष विनय घिल्डियाल,भाजपा जिला महामंत्री गणेश भट्ट,समाजसेवी लखपत सिंह भण्डारी,उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर के सीएमएस रचित गर्ग,अनिल सेमवाल सहित नगर निगम के सम्मानित पार्षदगण मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में विहिप एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन की व्यवस्थाओं से लेकर प्रतिभागियों और अतिथियों के स्वागत तक कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारी निभाई। आयोजन को सफल बनाने में राजन,जिला उपाध्यक्ष विहिप,मनीष कुमार सहसंयोजक बजरंग दल,संतोष प्रखंड संयोजक बजरंग दल,मनीष कुमार जिला सहसंयोजक बजरंग दल,कैलाश रावत सहसंयोजक बजरंग दल,सुमित कुमार,शुभम कुमार,अंकित कुमार सहित समस्त कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन राकेश मोहन कंडारी ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों को क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ाते हुए उपस्थित लोगों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन,उनकी बाल लीलाओं और जन्माष्टमी पर्व के आध्यात्मिक महत्व से भी परिचित कराया। कार्यक्रम का समापन केवल उत्सव की खुशियों के साथ नहीं,बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने के संदेश के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हमें यह स्मरण कराती है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिन परिस्थितियां क्यों न आएं,धर्म,सत्य और कर्तव्य के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए। रामलीला मैदान में सजे नन्हे कान्हाओं की मुस्कान और दही-हांडी के उल्लास ने श्रीनगर में जन्माष्टमी को एक ऐसे सांस्कृतिक पर्व में बदल दिया,जहां आस्था के साथ संस्कार,भक्ति के साथ सामाजिक एकता और परंपरा के साथ नई पीढ़ी का जुड़ाव साफ दिखाई दिया।
