Thursday 21/ 05/ 2026 

Bharat Najariya
सुराज सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष ने उठाए नगर निगम भूमि घोटाले की जांच पर सवाल हरिद्वार,  सुराज सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने नगर निगम भूमि घोटाले की जांच पर सवाल उठाते हुए पुनः निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई मांग की है।   रमेश जोशी ने पटवारी, कानूनगो एवं तहसीलदार की कार्यप्रणाली सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। भूमाफियाओं एवं अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ही नगर निगम भूमि घोटाला हुआ है। जनहित में घोटाले की पुनःविस्तृत जांच कर घोटाले की करोड़ों की राशि की रिकवरी की जाए। जांच का सामना कर रहे वर्षो से जनपद में जमे अधिकारियों और कर्मचारियों को अन्य जनपद में भेजा जाए। रमेश जोशी ने बताया कि जांच की मांग को लेकर वे 23 मई को राजस्व परिषद कार्यालय पर धरना प्रदर्शन भी करेंगे। रमेश जोशी ने यह भी आरोप लगाया कि जनपद में बाहर रह रहे लोगों की जमीनों पर कब्जे के मामले भी बढ़ रहे हैं। जिसमें लंबी कानूनी लड़ाई के बाद भी पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। पत्रकारवार्ता के दौरान रमेश जोशी के साथ संगठन के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।93 के हुए रस्किन बॉन्ड, मसूरी की बारिश, पहाड़ और इंसानी रिश्तों को शब्दों में अमर करने वाले लेखकइस बार देहरादून में परिवार संग सादगी से मनाया जन्मदिन, मसूरी में प्रशंसकों को खली उनकी कमी मसूरी पहाड़ों की रानी मसूरी की पहचान बन चुके विश्वप्रसिद्ध अंग्रेजी लेखक पद्मश्री एवं पद्म भूषण सम्मानित रस्किन बॉन्ड मंगलवार को 93 वर्ष के हो गए। इस बार उनका जन्मदिन बेहद सादगी के साथ देहरादून स्थित आवास पर परिवार के बीच मनाया गया। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से इस बार वह मसूरी नहीं पहुंच सके, जिससे उनके हजारों प्रशंसकों में हल्की मायूसी जरूर देखने को मिली। रस्किन बॉन्ड का नाम सुनते ही लोगों के जेहन में मसूरी की धुंध, बारिश, देवदार के जंगल, पुरानी गलियां और पहाड़ों की सादगी जीवंत हो उठती है। उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल मसूरी को साहित्य के नक्शे पर अलग पहचान दिलाई, बल्कि पहाड़ी जीवन की आत्मा को भी दुनिया के सामने बेहद संवेदनशील अंदाज में प्रस्तुत किया। पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें मसूरी से देहरादून शिफ्ट किया गया है। परिवार के अनुसार उनका स्वास्थ्य फिलहाल स्थिर है और वह चिकित्सकीय निगरानी में हैं। उनके पुत्र राकेश बॉन्ड ने बताया कि इस बार जन्मदिन घर पर ही सादगी के साथ मनाया गया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सलाह पर फिलहाल उन्हें देहरादून में रखा गया है।हर साल माल रोड पर उमड़ती थी भीड़मसूरी माल रोड स्थित प्रसिद्ध पुस्तक दुकान पर हर वर्ष उनके जन्मदिन पर विशेष आयोजन होता था। देशभर से साहित्य प्रेमी केवल रस्किन बॉन्ड की एक झलक पाने और उनसे ऑटोग्राफ लेने मसूरी पहुंचते थे। वह अपने प्रशंसकों से बेहद आत्मीयता से मिलते, किताबों पर हस्ताक्षर करते और बच्चों से खास बातचीत भी करते थे। इस बार उनके मसूरी नहीं पहुंच पाने से पर्यटकों और स्थानीय लोगों में निराशा जरूर दिखी, लेकिन लोगों ने उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। सोशल मीडिया पर भी दिनभर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देने वालों का सिलसिला जारी रहा।बचपन से संघर्ष, फिर दुनिया भर में बनाई पहचान19 मई 1934 को हिमाचल प्रदेश के कसौली में जन्मे रस्किन बॉन्ड का बचपन पहाड़ों के बीच बीता। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा शिमला और देहरादून में प्राप्त की। बेहद कम उम्र में उन्होंने लेखन शुरू कर दिया था। उनकी पहली चर्चित किताब ज्ीम त्ववउ वद जीम त्वव िको जॉन लेवेलिन रीस पुरस्कार मिला, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनकी लेखनी में पहाड़ों की मासूमियत, अकेलापन, दोस्ती, प्रकृति और इंसानी भावनाओं का अनूठा मिश्रण देखने को मिलता है।बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के पसंदीदा लेखकरस्किन बॉन्ड की कहानियां हर आयु वर्ग के पाठकों के बीच लोकप्रिय हैं। उनकी प्रमुख पुस्तकों में ब्लू अम्ब्रेला, स्टी सीरीज़, ख्टाइम स्टॉप्स एट शामली, अवर ट्रीज़ स्टिल ग्रो इन देहरादून, अ फ़्लाइट ऑफ़ पिजन्स, और ख्दिल्ली इज़ नॉट फ़ार,शामिल हैं। उनकी कई कहानियों पर फिल्में और टीवी धारावाहिक भी बन चुके हैं। नीला छाता और 7 खून माफ जैसी फिल्मों ने उनकी रचनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाया।मसूरी से आत्मीय रिश्तारस्किन बॉन्ड पिछले कई दशकों से मसूरी में रह रहे थे और उन्होंने हमेशा कहा कि पहाड़ ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। मसूरी की बारिश, जंगल, बंदर, पहाड़ी बच्चे और यहां की शांत जिंदगी उनकी कहानियों के स्थायी पात्र रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि रस्किन बॉन्ड केवल लेखक नहीं बल्कि मसूरी की सांस्कृतिक पहचान हैं। उनकी वजह से देश-दुनिया के हजारों लोग मसूरी को करीब से जान पाए। साहित्य प्रेमियों का मानना है कि रस्किन बॉन्ड की लेखनी आने वाली पीढ़ियों को भी प्रकृति, संवेदनशीलता और इंसानी रिश्तों की अहमियत सिखाती रहेगी।मसूरी कंक्रीट के जंगल में हो रही तब्दील, नियोजित विकास पर उठे सवालभाजपा नेता रविंद्र ने कहा- केयरिंग कैपेसिटी की अनदेखी से बढ़ रहा दबाव, 2027 में मसूरी से टिकट का भी जताया दावा भाजपा के वरिष्ठ नेता रविन्द्र जुगराण ने पत्रकार वार्ता कर मसूरी में हो रहे विकास कार्यों और बढ़ते अनियोजित निर्माण पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पर्यटन नगरी मसूरी धीरे-धीरे कंक्रीट के जंगल में तब्दील होती जा रही है, जबकि शहर की केयरिंग कैपेसिटी को लेकर कई बार विशेषज्ञों और संबंधित एजेंसियों द्वारा चेतावनी दी जा चुकी है। इसके बावजूद न तो विभागीय स्तर पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और न ही आसपास के क्षेत्रों को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जा रहा है।द उन्होंने कहा कि मसूरी पर लगातार बढ़ते दबाव को कम करने के लिए आसपास के क्षेत्रों को “स्मॉल मसूरी” के रूप में विकसित किया जा सकता है, लेकिन संबंधित विभाग इस दिशा में गंभीरता से कार्य नहीं कर रहे हैं। इसका परिणाम यह हो रहा है कि शहर में आए दिन जाम, पार्किंग संकट और अवैध निर्माण जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। रविंद्र ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का गठन शहर के नियोजित विकास के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन आज स्थिति यह है कि नियोजित विकास की जगह “अनियोजित विकास” तेजी से बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से अधिकारियों की लापरवाही और इच्छाशक्ति की कमी के कारण मसूरी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हुआ है।उन्होंने कहा कि वर्ष 1995 के बाद से शहर के सुनियोजित विकास को लेकर अपेक्षित स्तर पर काम नहीं हुआ। पहाड़ों पर लगातार बढ़ रहे निर्माण कार्यों ने पर्यावरणीय संतुलन पर भी असर डाला है। उन्होंने कहा कि मसूरी की भौगोलिक स्थिति बेहद संवेदनशील है और यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।भाजपा नेता ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार मसूरी और आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेष जोषी की सराहना करते हुए कहा कि वे कई योजनाओं के माध्यम से मसूरी के विकास को गति देने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा साफ है, लेकिन कुछ अधिकारियों की कार्यशैली के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। यदि योजनाओं को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए तो मसूरी को एक बेहतर और व्यवस्थित पर्यटन नगर बनाया जा सकता है।पत्रकारों द्वारा 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर रविंद्र ने कहा कि वह मसूरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के मजबूत दावेदार हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों से वह लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनहित के मुद्दे उठाते रहे हैं और जनता के बीच उनकी साफ एवं ईमानदार छवि है। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी नेतृत्व उनकी सक्रियता और जनसेवा को देखते हुए उन्हें अवसर देगा। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें टिकट मिलता है तो वह मसूरी के समुचित और पारदर्शी विकास के लिए कार्य करेंगे तथा वर्षों से चली आ रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों को भी उजागर करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पार्टी उन्हें टिकट नहीं देती तब भी वह भाजपा के साथ मजबूती से जुड़े रहेंगे और पार्टी संगठन को मजबूत करने का कार्य करते रहेंगे। रविंद्र ने कहा कि मसूरी विधानसभा उनके लिए प्राथमिकता वाला क्षेत्र है और उनका लक्ष्य क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान करना है, ताकि पर्यटन नगरी का प्राकृतिक स्वरूप और पहचान सुरक्षित रह सके। इस मौके पर सुनील रतूडी, नरेन्द्र पडियार, डा.दीपक जोशी, अनिल गोदियाल, गंभीर पंवार, अरविंद गुसाई, अनिल पेटवाल, विजय रमोला मौजूद थे।मंगलवार को जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में जिला सभागार में तहसील दिवस का आयोजित हुआ। जिलाधिकारी ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए अधिकारी समस्याओं को शान्त मन एवं संवेदनशील होकर सुने व गम्भीरता से तहसील दिवस में पंजीकृत समस्याओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारित करना सुनिश्चित करें।तहसील दिवस में भूमि, मार्ग, मनरेगा भुगतान, सिंचाई गूल, गैस से सम्बन्धित 09 शिकायतें पंजीकृत हुई जिसमे से 08 शिकायतों/समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया।तहसील दिवस में महेन्द्र पोपली ने कलेक्ट्रेट आवासीय परिसर के भीतर अराजक तत्वों द्वारा नशा करने तथा मारपीट, छेड़-छाड़ करने की शिकायत की। जिसपर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी व उप जिलाधिकारी को रात्रि 09 बजे से कलेक्ट्रेट परिसर के गेटो को बन्द करने के निर्देश देते हुए पुलिस नियमित गस्त करने के निर्देश दिये। कैलाश चन्द्र ने बताया कि गन्ना विभाग द्वारा किसी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने हेतु चकमार्ग बनाया जा रहा है। जिसपर जिलाधिकारी ने सहायक गन्ना आयुक्त को तुरन्त निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। अब्दुल गनी ने विद्युत बिल अधिक आने की शिकायत की। जिसपर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को विद्युत मीटर का निरीक्षण करते हुए समस्या का तुरन्त निस्तरण करने के निर्देश दिये। सुखदेव सिंह ने मनरेगा का भुगतान करने का अनुरोध किया। जिसपर जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को शीघ्र भुगतान करने के निर्देश दिये। मुकेश कुमार ने घरेलु गैस सिलेंडर न मिलने की समस्या रखी। जिसपर जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को तुरन्त नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दियेंतहसील दिवस में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, एसपी सिटी डॉ0 उत्तम सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट, पीडी हिमांशु जोशी, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 केके अग्रवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 आशुतोष जोशी, महाप्रबंधक उद्योग विपिन कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र मिश्रा, अधिशासी अभियंता सिंचाई बीएस डांगी, आनंद सिंह नेगी, लघु सिंचाई सुशील कुमार, लोनिवि गजेन्द्र सिंह, विद्युत उमाकांत चतुर्वेदी, पेयजल निगम सुनील जोशी, आरडब्लूडी अमित भारती, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरूद्ध, जिला प्रोवेशन अधिकारी व्योमा जैन, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी नंदनी तोमर, जिला क्रीडा अधिकारी जानकी कार्की आदि मौजूद थे।ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में मेडिकल स्टोरो में लटके रहे ताले मरीज रहे परेशान।सरोवर नगरी व उसके आसपास लगा पर्यटकों का तांता। नोकाविहार करने के लिए हुजूम उमड़ पड़ा। सरोवर नगरी व उसके आसपास पर्यटकों का तांता लगा हुआ दिखाई दे रहा है। झील में नोकाविहार करने के लिए पर्यटकों का हुजूम उमड़ पड़ा अपनी बारी का इंतजार करते हुए नजर आए। पर्यटकों की चहल कदमी से स्थानीय रोजगार करने वाले दुकानदारों के चेहरे भी खिला खिलाए हुए नजर आ रहे हैं। यहाँ पर्यटक स्थलों हिमालय दर्शन, स्नोव्यू देव मंदिर, हनुमान गढ़, माँ नैना देवी मंदिर, समेत घोड़ाखाल मंदिर , कैची धाम नीम करौली महाराज मंदिर, सातताल, भीमताल, एवं नकुचियाताल , चिड़ियाघर, केव गार्डन आदि स्थलों में भी पर्यटकों की आवाजाही बनी हुई है। जाम के झाम से निपटने के लिए जगह जगह चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।यहाँ इस बार अधिक बारिश न होने से झील का पानी कम होते जा रहा है जल स्रोत में भी पानी कम हो गया है। अगर तराई व मैदानी क्षेत्रों की तरह सरोवर नगरी व उसके आसपास भीषण गर्मी पड़ जाती है तो आने वाले समय में पानी की किल्लत हो सकती है। अभी नैनीताल व उसके आसपास गर्मी चरम सीमा पर नही पहुँची हैं हाँ गर्म होने लग गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नैनीताल का तापमान 30 सेंटीग्रेड तक पहुँच गया है। अलबत्ता अभी दूर दूर तक मौसम का मिजाज बिगड़ने की कोई सम्भावना व्यक्त नही की जा सकती है। सुबह शाम भी हल्की गर्मी का एहसास होता जा रहा है। देर रात तो गर्मी से बुरा हाल हो रहा है। इधर कैची धाम मंदिर में श्रद्धालुओं का भयंकर तांता लगा हुआ दिखाई दे रहा है जबकि 15 जून को हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बाबा नीम करौली महाराज का स्थापना दिवस बनाये जाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही है लाखों भक्तों के आने की उम्मीद जताई जा रही है।माता जी की आँखों से दुनिया देखेंगे दो लोग। जाते जाते किया महादान।शहर की सुरक्षा अब पीएसी जवानों के हवालेरुद्रपुर । नगर के अनेक थोक व रिटेल दवा विक्रेताओं ने ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एण्ड ड्रगिस्ट्स द्वारा ऑनलाइन दवा की बिक्री बंद करने, कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा दी जा रही भारी छूट के नाम पर नकली दवाइयों का कारोबार करने के विरोध में किए जा रहे आंदोलन का जहां समर्थन किया है तो वहीँ उन्होंने जनहित में देशव्यापी दुकानें बंद करने के प्रस्ताव पर असहमति व्यक्त करते हुए मेडिकल स्टोर खोलने का निर्णय लिया है। इस संदर्भ में अनेक दवा विक्रेताओं ने उपजिलाधिकारी व औषधि निरीक्षक रुद्रपुर को ज्ञापन सौंपकर उनसे दवा वितरण कार्य को बाधा रहित बनाने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि वह रुद्रपुर के दवा विक्रेता हैं। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एण्ड ड्रगिस्ट्स की मांगों का पूर्ण समर्थन करते हैं। किन्तु व्यापक जनहित व भौगोलिक विशेष परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए वह अपनी दुकानें बंद नहीं करना चाहते हैं। वह संगठन की उक्त मांगों की पूर्ति हेतु दिनांक 20 मई को अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराएंगे, जिससे कि हमारी मांग सरकार तक पहुंचे, परन्तु दवाओं के अभाव में किसी भी मरीज को कोई असुविधा या जनहानि न हो। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि कुछ विरोधाभाषी जबरन उनकी दुकानों को बंद कराने का प्रयास कर सकते हैं, जिससे उनके कार्य में बाधा तथा आम जनमानस को असुविधा होने की संभावना है। अतः उक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उचित कार्यवाही कर दवा विक्रेताओं के हितों एवं आम जनता की सुविधा की रक्षा करने की जाए, जिससे कि वह सुरक्षित व शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कर सकें। ज्ञापन देने वालों में हरीश मुंजाल, राजकुमार हुड़िया, सुमित खुराना, संजीव कुमार, रुशील अरोड़ा, चेतन कुमार, अमित छाबड़, सुशान्त रंग, राणा प्रताप, महेंद्र सिंह, अशोक, मुनिराज, राजेश कुमार, कुलदीप कुमार, शैलेन्द्र गंगवार, छत्रपाल सैनी, अजय राजपूत आदि शामिल थे।
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Uttrakhand News:उत्तराखंड में शराब की नई दुकानें खोलने पर लगाई रोक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को निर्देश दिए कि प्रदेश में शराब की नई दुकानें खोलने पर फिलहाल रोक लगा दी जाए। नई मदिरा दुकानें खोलने के मामले में मुख्यमंत्री को शिकायतें प्राप्त हुई थीं।

🌸इस पर उन्होंने मुख्य सचिव को कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि नई आबकारी नीति के तहत सरकार ने पहले ही धार्मिक स्थलों के आसपास शराब की दुकानों पर प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्यमंत्री ने भी निर्देश दिए थे कि शिक्षण संस्थाओं और धार्मिक स्थलों के आसपास मदिरा की दुकानें नहीं खोली जाएं।

सूत्रों के मुताबिक, शराब की नई दुकानें खोलने के विरोध में जिलाधिकारियों के समक्ष आपत्तियां दर्ज हुई हैं। इन आपत्तियों के चलते मुख्य सचिव ने नई दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में कार्यवाही करने को कहा गया है।

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