Tuesday 17/ 02/ 2026 

Bharat Najariya
भड़काऊ बयान से सितारगंज में तनाव, धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश का आरोप; एफआईआर दर्ज करने की मांग।काका जिंदवीर सिंह के जन्मदिन पर आयोजित किया कीर्तन दरबार गदरपुर । नवजात शिशु के जन्म की खुशियों का मनाते हुए गुरुद्वारा सिंह सभा गदरपुर में एक धार्मिक कार्यक्रम एवं लंगर का आयोजन किया गया यह जानकारी देते हुए समाजसेवी सुखविंदर सिंह ने बताया कि उनके पिता बाबा हरभजन सिंह की प्रेरणा एवं परिजनों की सहमती से अपने सुपुत्र जिंदवीर सिंह के जन्मदिन पर गुरुद्वारा साहिब में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें नानकसर ठाठ गजरौला, बाजपुर के बाबा प्रताप सिंह के दिशा निर्देशन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें ग़ालिब खुर्द के बाबा अमरजीत सिंह द्वारा, लख खुशियां पातशाहीयां ,पूता माता की आशीष, शब्द गायन करते हुए शिशु जिदवीर सिंह के जन्मदिन की सभी संगत को शुभकामनाएं प्रदान की । इस दौरान भारी संख्या में संगत ने सर्वत्र सुख शांति की अरदास में शामिल होकर गुरु का लंगर रूपी प्रसाद भी ग्रहण किया ।हल्द्वानी। आपराधिक जीवन ने छीन ली अग्निवीर की नौकरी, अब चोरी की बैटरियों के साथ हुआ गिरफ्तारमहाशिवरात्रि पर शुभ घोषणा: केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगेरुद्रप्रयाग। आज महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिवभक्तों के लिए एक अत्यंत शुभ समाचार सामने आया है। उत्तराखंड के चारधामों में से एक बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि और समय की विधिवत घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे वृष लग्न में बाबा केदारनाथ धाम के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। यह घोषणा बाबा केदार के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में धार्मिक परंपराओं और वैदिक विधि-विधान के साथ की गई। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हुई इस घोषणा से श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का संचार देखने को मिला।ओंकारेश्वर मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, फूलों से सजा मंदिर परिसरमहाशिवरात्रि के अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। पूरे मंदिर परिसर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और दिव्य बन गया। हर ओर “हर-हर महादेव” के जयकारे गूंजते रहे।केदारनाथ धाम के मुख्य पुजारी की जिम्मेदारी निभा रहे टी. गंगाधर लिंग ने कपाट खुलने की तिथि और समय की घोषणा की। इस ऐतिहासिक और शुभ क्षण के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में उपस्थित रहे ।रुद्रपुर में आस्था का बड़ा केन्द्र बनेगा भव्य शिव कॉरिडोरः विकास शर्माभवाली पुलिस की कार्रवाई: लड़की बिजनौर से बरामद, आरोपी पर अपहरण व दुष्कर्म का मुकदमा।उत्तरकाशीमहाशिवरात्रि पर्व पर विश्वनाथ मन्दिर सहित शिवालयों में भक्तों की उमड़ी भीड़। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर जनपद उत्तरकाशी स्थित प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर, उत्तरकाशी में आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा, जहां तड़के लगभग 2 बजे रात्रि से ही श्रद्धालुओं की एक किलोमीटर से भी अधिक लंबी कतार लग गई। कड़ाके की ठंड के बावजूद शिवभक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और श्रद्धा की गर्माहट ने मौसम की ठिठुरन को भी पीछे छोड़ दिया।Vol. महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर को रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी, भव्य पुष्प सज्जा और विशेष अलंकरण से दिव्य स्वरूप प्रदान किया गया है, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग और पुष्प अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं तथा ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण गूंजायमान हो उठा है।Vol. भक्त अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति की कामना के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार भारत के प्रमुख शिवधामों में काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी के बाद उत्तरकाशी का काशी विश्वनाथ मंदिर विशेष महत्व रखता है और यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलित होती है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा, बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन तथा सुगम दर्शन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरा शहर शिवमय वातावरण में डूबा हुआ दिखाई दे रहा है।महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर सहित जनपद के समस्त शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ हैं। प्रातः से ही भागीरथी नदी घाटों आस्था की डुबकी लगाकर बाबा विश्वनाथ मन्दिर तथा शिवालयों में लबी लंबी लाइन मे लग कर जलाभिषेक के लिये श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी है।महाशिवरात्रि के पावन पर्व को सकुशल एवं सुरक्षित तरीके से सम्पन्न करवाने को लेकर उत्तरकाशी पुलिस मुस्तैद रही जनपद के प्रमुख मंदिरों, शिवालयों एवं संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनात की गई थी मंदिर परिसरों, प्रवेश एवं निकास द्वारों, पार्किंग स्थलों तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी एवं सतर्कता बरती जा रही थी सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन के साथ नदी घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ SDRF, फायर एवं अन्य आपदा दल तैनात हैं।Byte. अजय पूरी महंत.काशी विश्वनाथ मंदिर उत्तरकाशी.
राज्य

रुद्रपुर में आस्था का बड़ा केन्द्र बनेगा भव्य शिव कॉरिडोरः विकास शर्मा

  • मुख्यमंत्री की पांच बड़ी घोषणाओं से बदलेगी शहर की तस्वीर

रुद्रपुर। महापौर विकास शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की गई नई घोषणाएं रुद्रपुर के विकास की नई तकदीर लिखेंगी। उन्होंने कहा कि शिव कॉरिडोर सहित कुल पांच नई घोषणाएं करके मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर वासियों की भावनाओं का सम्मान किया है। महापौर ने विश्वास दिलाया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर जल्द काम शुरू होगा और इन नए कार्यों से रुद्रपुर को पूरे प्रदेश में एक नई पहचान मिलेगी। सोमवार को महापौर विकास शर्मा ने शिव कॉरिडोर का हिस्सा बनने जा रहे नीलकंठ धाम में रुद्राभिषेक किया और इसके पश्चात नगर आयुक्त शिप्रा जोशी व नगर निगम की टीम के साथ प्रस्तावित शिव कॉरिडोर के लिए नीलकंठ धाम, शिव मंदिर और गोल्ज्यू मंदिर का स्थलीय निरीक्षण कर कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की।

पत्रकारों से वार्ता करते हुए महापौर ने कहा कि नीलकंठ धाम वही स्थान है जिसकी भूमि को लेकर उन पर कुछ लोग अनर्गल आरोप लगाकर उन्हें भूमाफिया घोषित करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन आज सच्चाई सबके सामने है कि यह भूमि उनके व्यक्तिगत हित के लिए नहीं बल्कि ऐतिहासिक शिव कॉरिडोर का हिस्सा बनने जा रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में नीलकंठ धाम के पास छह एकड़ भूमि को कालनेमियों के कब्जे से मुक्त कराया गया था, जिस पर अब शिव कॉरिडोर का सपना साकार होगा। महापौर ने कहा कि गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मानसखंड कॉरिडोर में तीन मंदिरों को जोड़ने की घोषणा की है, जिसके अंतर्गत गंगापुर रोड स्थित नीलकंठ धाम, गोल्ज्यू मंदिर और आस्था के केन्द्र शिव मंदिर के साथ ही गुरुचांद मंदिर परिसर का कायाकल्प होगा। इन मंदिरों को एक साथ जोड़ते हुए त्रिभुजाकार स्वरूप दिया जाएगा और यहां पर नीलकंठ भवन के साथ ही 51 फुट ऊंची भगवान शिव की मूर्ति स्थापित की जाएगी। शिव कॉरिडोर के लिए एक अलग से मार्ग बनाया जायेगा। यह कॉरिडोर रूद्रपुर में आस्था का बड़ा केन्द्र बनकर उभरेगा। इसे पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित किया जायेगा।

महापौर ने मुख्यमंत्री की अन्य बड़ी घोषणाओं का विवरण देते हुए बताया कि खेड़ा में अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि पर पर्यावरण मित्रों के लिए अत्याधुनिक सरकारी आवासों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए भूरारानी रोड और गंगापुर रोड के चौड़ीकरण को मंजूरी दी गई है। अटरिया मोड़ से इंदिरा कॉलोनी तक ‘मिनी बाईपास’ के निर्माण का भी ऐलान मुख्यमंत्री ने किया है, जिससे शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा। इसके साथ ही किच्छा रोड पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का भी ऐलान हुआ है, जिसमें बास्केटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, इंडोर जिम सहित विभिन्न खेलों की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। महापौर ने इन घोषणाओं पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की योजनाओं में विकास, अंत्योदय और विरासत को शामिल किया गया है।

महापौर ने उन सभी योजनाओं का भी विवरण साझा किया जिनका लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है, जिनमें प्रमुख रूप से नगर निगम के मुख्य कार्यालय भवन का पुनर्निर्माण (15.74 करोड़), विभिन्न मार्गों में हॉटमिक्स कार्य (9.90 करोड़), विभिन्न निर्माण कार्य (7.50 करोड़), विभिन्न वार्डों में 52 विकास कार्य (6.38 करोड़), 8 आरोग्य मंदिरों का निर्माण (5.60 करोड़), बजाज सखी स्किल केंद्र (5.00 करोड़), वार्ड संख्या 28 में निगम बाजार व रोड निर्माण (4.80 करोड़), आईओसीएल के साथ पेट्रोल पंप स्थापना (4.00 करोड़), गौशाला का निर्माण (3.69 करोड़), वीर हकीकत राय मार्ग का सुदृढ़ीकरण (2.56 करोड़), स्वच्छता वाहन (2.50 करोड़), स्ट्रीट लाइट कार्य (2.50 करोड़), वेंडिंग जोन निर्माण (2.00 करोड़), फ्रेश वेस्ट प्लांट (1.71 करोड़), देवभूमि रजत जयंती पार्क (1.59 करोड़), जेसीबी मशीनें (1.50 करोड़), यूआईडीएफ के अंतर्गत विशेष विकास कार्य (14.26 करोड़), मुख्यमंत्री घोषणा के 17 विकास कार्य (1.00 करोड़), ओपन जिम व झूले (0.60 करोड़), घंटाघर चौक का सौंदर्यीकरण (0.48 करोड़), सब्जी मंडी निर्माण (0.48 करोड़), अंबेडकर पार्क सौंदर्यीकरण (0.48 करोड़), सुभाष चंद्र बोस मूर्ति स्थापना (0.25 करोड़), डमरू चौक निर्माण (0.24 करोड़) और त्रिशूल चौक निर्माण (0.21 करोड़) शामिल हैं। इन सभी विकास कार्यों की कुल लागत 100.03 करोड़ रुपये है। पत्रकार वार्ता में नगर आयुक्त शिप्रा जोशी पाण्डेय, मंदिर के महंत प्रकाश जी, शिव कुमार राय, पार्षद सुशील चौहान, पार्षद चिराग कालरा, हरि अधिकारी,एम पी मौर्या आदि भी मौजूद रहै।

त्रिशूल चौक के बाद अब डमरू चौक का नंबर
रुद्रपुर । महापौर विकास शर्मा ने कहा कि रुद्रपुर को भगवान शिव की नगरी का स्वरूप प्रदान करने के लिए त्रिशूल चौक की स्थापना के बाद अब डमरू चौक की तैयारी शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने विभिन्न चौराहों को नई धार्मिक पहचान देने का खाका तैयार किया था, जिसके तहत इंदिरा चौक पर भव्य त्रिशूल पहले ही स्थापित किया जा चुका है। इसी तर्ज पर अब डीडी चौक को डमरू चौक के रूप में सजाने के लिए मुख्यमंत्री ने शिलान्यास कर दिया है। 24 लाख रुपये की लागत से डीडी चौक को डमरू चौक के रूप में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे शहर की सुंदरता और धार्मिक महत्ता में वृद्धि होगी। महापौर ने स्पष्ट किया कि शहर के विकास और सौंदर्यीकरण का यह सिलसिला भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।

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