भड़काऊ बयान से सितारगंज में तनाव, धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश का आरोप; एफआईआर दर्ज करने की मांग।

नगर में एक कथित भड़काऊ और आपत्तिजनक बयान को लेकर माहौल गरमा गया है। सिसौना निवासी तुषार शर्मा ने कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि 6 फरवरी 2026 को अजय भगत पुत्र नमालुम निवासी सितारगंज ने सार्वजनिक रूप से ऐसा बयान दिया, जिससे धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं और दो समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने की आशंका पैदा हो गई। शिकायत में कहा गया है कि बयान न केवल उकसाने वाला था, बल्कि क्षेत्र की कानून व्यवस्था को चुनौती देने और उत्तराखंड की शांति भंग करने की मंशा दर्शाता है। तुषार शर्मा का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति पूर्व में भी आपत्तिजनक पोस्ट और टिप्पणियों के माध्यम से शहर का माहौल खराब करने की कोशिश करता रहा है तथा उसके खिलाफ पहले से भी प्रकरण दर्ज बताए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 196, 299 और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज करने तथा यदि बयान सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ हो तो आईटी एक्ट 2000 की धाराओं में भी कार्रवाई की मांग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सितारगंज हमेशा से आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता रहा है, ऐसे में किसी भी प्रकार की भड़काऊ बयानबाजी पर सख्त कानूनी कार्रवाई आवश्यक है, ताकि क्षेत्र में शांति, सद्भाव और कानून व्यवस्था बनी रहे।
