17 फरवरी को बार काउंसिल चुनाव में क्रमांक 11 पर अर्जुन सिंह भंडारी को प्रथम वरीयता मत देने का आह्वान

श्रीनगर गढ़वाल। आगामी 17 फरवरी 2026 को होने वाले बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के चुनाव को लेकर अधिवक्ता समाज में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में बार एसोसिएशन श्रीनगर की कार्यकारिणी ने संयुक्त बयान जारी करते हुए उत्तराखंड के समस्त सम्मानित अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे वरिष्ठ एवं लोकप्रिय अधिवक्ता अर्जुन सिंह भंडारी को सदस्य पद हेतु क्रमांक संख्या 11 पर प्रथम वरीयता 1 का मत देकर भारी मतों से विजयी बनाएं। संरक्षक अनूप पांथरी एवं अध्यक्ष प्रमेश चंद्र जोशी द्वारा जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि अर्जुन सिंह भंडारी का अनुभव,संघर्षशीलता और अधिवक्ता हितों के प्रति समर्पण उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए सर्वथा उपयुक्त बनाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में पहली बार बार काउंसिल सदस्य निर्वाचित होने के बाद भंडारी ने अपने कार्यकाल में अनेक ऐतिहासिक और अधिवक्ता हितैषी निर्णयों को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया,जिससे वे पूरे प्रदेश में लोकप्रिय और विश्वसनीय नेतृत्व के रूप में स्थापित हुए। अध्यक्ष प्रमेश चंद्र जोशी ने कहा कि यह चुनाव अधिवक्ता समाज के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे समय में हमें एक ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो न केवल अनुभवी हो,बल्कि अधिवक्ताओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहे। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे क्रमांक 11 पर प्रथम वरीयता का मत देकर अर्जुन सिंह भंडारी को प्रचंड समर्थन प्रदान करें। महासचिव ब्रह्मानंद भट्ट,उपाध्यक्ष जगजीत सिंह जयाडा,कोषाध्यक्ष सुबोध भट्ट एवं सह सचिव देवी प्रसाद खरे ने भी अपने वक्तव्यों में कहा कि अर्जुन सिंह भंडारी का पूर्व कार्यकाल अधिवक्ता समाज के लिए उपलब्धियों से भरा रहा है। उनकी कार्यकुशलता,पारदर्शिता और अधिवक्ताओं के प्रति अटूट निष्ठा ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि भंडारी सदैव अधिवक्ताओं के हितों के लिए संघर्षरत रहे हैं और भविष्य में भी वे उसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। पूर्व अध्यक्ष दीपक भंडारी एवं कृष्णानंद मैठाणी सहित अनेक वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी इस अपील का समर्थन करते हुए कहा कि बार काउंसिल का यह चुनाव प्रदेश के अधिवक्ता समाज के उज्ज्वल भविष्य का निर्णायक क्षण है। अर्जुन सिंह भंडारी का अनुभव,संतुलित नेतृत्व और अधिवक्ता हितों के प्रति उनकी स्पष्ट प्रतिबद्धता उन्हें इस पद के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प बनाती है। अपील करने वालों में संरक्षक अनूप पांथरी,अध्यक्ष प्रमेश चंद्र जोशी,महासचिव ब्रह्मानंद भट्ट,पूर्व अध्यक्ष दीपक भंडारी,पूर्व अध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी,उपाध्यक्ष जगजीत सिंह जयाडा,पूर्व उपाध्यक्ष विवेक जोशी,सह सचिव देवी प्रसाद खरे,पूर्व सह सचिव प्रदीप मैठाणी,कोषाध्यक्ष सुबोध,बलवीर सिंह रौतेला,ओमप्रकाश मैठाणी,राजेश जैन,विकास कठैत,सुरेंद्र सिंह रौथाण,पूर्वउपाध्यक्ष क्षेत्रपाल सिंह भंडारी,परमानंद मैठाणी,राखी राय,कविता मेवाड़,मंजू भंडारी,मनमोहन,सलमा सहित अनेक अधिवक्ता शामिल रहे। अंत में बार एसोसिएशन श्रीनगर ने प्रदेश के समस्त अधिवक्ताओं से एक स्वर में आह्वान किया कि वे 17 फरवरी को होने वाले चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए क्रमांक 11 पर प्रथम वरीयता का मत देकर अर्जुन सिंह भंडारी को भारी मतों से विजयी बनाएं,ताकि बार काउंसिल में अधिवक्ता समाज की आवाज और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बन सके।
